एमपी बीजेपी में आरपार: अपने ही मंत्रियों पर भड़के विधायक पन्नालाल शाक्य, कह दी ये बात..
समझें पूरा मामला...
- मंत्रियों पर हमला: गुना के भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने अपनी ही सरकार के दो मंत्रियों पर सवाल उठाए।
- दिखावे का आरोप: शाक्य ने कहा कि ऊर्जा मंत्री सिर्फ नाली में उतरने और पोल पर चढ़ने का दिखावा करते हैं।
- हटाने की मांग: विधायक जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलकर इन 'नाकारा' मंत्रियों को हटाने की मांग करेंगे।
- अपमान का बदला: प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह ने हवाई पट्टी पर धक्का दिया, जिससे विधायक बेहद नाराज हैं।
- अफसरों को चेतावनी: शहर में भारी बिजली कटौती को लेकर विधायक ने अधिकारियों को सख्त अल्टीमेटम दिया।
RATAN MISHRA@GWALIOR. मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार में इस समय सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। मंत्री-विधायकों की अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। ताजा मामला गुना विधायक और एमपी के ऊर्जामंत्री और प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के बीच का है। गुना से भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
पन्नालाल शाक्य ने अपनी ही पार्टी के दो बड़े मंत्रियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विधायक जनता की बिजली की समस्या को लेकर बिजली दफ्तर पहुंचे थे। वहां उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने अधिकारियों के साथ मंत्रियों की क्लास भी लगा दी।
ऊर्जा मंत्री पर तंज: नाली में उतरने से बिजली नहीं सुधरती
विधायक पन्नालाल शाक्य ने ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जनता को जमीन पर काम करने वाला जनसेवक चाहिए। पोल पर चढ़ने और नाली साफ करने से जनता का भला नहीं होता। दिखावे की राजनीति से अब जनता पूरी तरह से ऊब चुकी है।
विधायक ने मंत्री को सीधे तौर पर 'नाकारा' तक कह दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मंत्रियों की वजह से सरकार की छवि खराब हो रही है। पन्नालाल शाक्य यहीं पर नहीं रुके, उन्होंने एक बड़ा ऐलान भी कर दिया। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही भोपाल जाकर मुख्यमंत्री से मिलेंगे। वह मुख्यमंत्री से ऐसे मंत्रियों को कैबिनेट से हटाने की मांग करेंगे। जो मंत्री काम नहीं कर सकते, उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।
खुद को 'महाराजा' से बड़ा न समझें राजपूत
विधायक पन्नालाल शाक्य का दूसरा बड़ा हमला जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर था। उन्होंने प्रभारी मंत्री के व्यवहार पर गहरी नाराजगी और अपना गुस्सा जाहिर किया। शाक्य ने कहा कि प्रभारी मंत्री खुद को ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी बड़ा समझते हैं। हवाई पट्टी पर हुई एक घटना का जिक्र करते हुए वह भावुक हो गए।
पन्नालाल शाक्य ने साफ कहा कि वह किसी की मेहरबानी से चुनाव नहीं जीते हैं। गुना की जनता ने उन्हें अपना कीमती वोट देकर विधानसभा भेजा है। इसलिए वह जनता के सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे।
अफसरों को भी दे दिया अल्टीमेटम
पन्नालाल शाक्य स्थानीय लोगों के साथ बिजली दफ्तर का घेराव करने पहुंचे थे। गुना शहर में लगातार हो रही बिजली कटौती से जनता त्रस्त थी। विधायक ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि अफसरों की लापरवाही से सरकार की बदनामी हो रही है।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। उन्होंने अफसरों से कहा कि वे पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी से काम करें। जनता को परेशान करने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
इधर... विपक्ष ने उठाए सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद मध्य प्रदेश की सियासत पूरी तरह गरमा गई है। कांग्रेस को बैठे-बिठाए सरकार को घेरने का एक बड़ा मौका मिल गया है। विपक्ष का कहना है कि जब भाजपा के विधायक ही सुरक्षित और संतुष्ट नहीं हैं, तो आम जनता का क्या हाल होगा।
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