भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में नया क्या? पुराने मुद्दे, नई पैकेजिंग
ऐसे समझें मामला...
- कार्यसमिति में पुराने मुद्दों की गूंज।
- राजनीतिक प्रस्ताव में नया एजेंडा कम।
- नेता-कार्यकर्ता बोले, बस बैठक हुई।
- एजाज खान के प्रवेश कार्ड पर सवाल।
- 13 संकल्पों की जिम्मेदारी मंत्रियों पर।
ओरछा में रविवार को हुई बीजेपी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक भले ही बड़े राजनीतिक एजेंडे और 2047 के विकसित मध्य प्रदेश के संकल्प के साथ हुई, लेकिन बैठक के भीतर की तस्वीर का एक दूसरा पहलू भी सामने आया।
किसान, युवा, महिला, गरीब, बुंदेलखंड, जनजातीय वर्ग और विकास जैसे जिन मुद्दों पर राजनीतिक प्रस्ताव में चर्चा हुई, उनमें ज्यादातर मुद्दे पहले भी पार्टी के मंचों पर उठते रहे हैं। ऐसे में बैठक के बाद असली सवाल यही रहा, प्रदेश कार्यसमिति में नया क्या निकला?
पुराने मुद्दे, नई बैठक और वही चर्चा
BJP प्रदेश कार्यसमिति की बैठक रविवार 30 अगस्त को सुबह 10 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के श्रवण के साथ शुरू हुई। इसके बाद सुबह 11 बजे उद्घाटन सत्र हुआ। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
बैठक में ‘विकसित मध्य प्रदेश 2047’ को लेकर चर्चा हुई। इसके बाद राजनीतिक प्रस्ताव पेश किया गया। प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी ने पत्रकार वार्ता में बताया कि प्रस्ताव में प्रदेश के विकास, बुंदेलखंड, किसान, महिला, युवा और गरीब सहित कई वर्गों से जुड़े विषय शामिल किए गए, लेकिन इसी जगह बैठक का दूसरा एंगल सामने आता है।
जिन मुद्दों को लेकर राजनीतिक प्रस्ताव तैयार हुआ, उनमें से अधिकांश मुद्दे भाजपा पहले भी अलग-अलग बैठकों और अभियानों में उठा चुकी है। बैठक में मौजूद कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच भी यही चर्चा रही कि नई प्रदेश कार्यसमिति में नया राजनीतिक एजेंडा आखिर कितना सामने आया?
प्रस्ताव पारित, लेकिन सवाल बरकरार
राजनीतिक प्रस्ताव का समर्थन प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे ने किया। बुंदेलखंड के विकास से जुड़े प्रस्ताव का समर्थन केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र खटीक ने किया। महिला विषयक प्रस्ताव का समर्थन विधायक अर्चना चिटनिस ने किया।
युवा से जुड़े प्रस्ताव पर विधायक अभिलाष पांडे और युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वैभव पवार ने समर्थन दिया। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने भी राजनीतिक प्रस्ताव का समर्थन किया।
बैठक में 13 संकल्पों के जरिए 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाने की बात सामने आई। इन 13 संकल्पों की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार के 13 मंत्रियों को दिए जाने की बात भी कही गई।
यानी संगठन ने आगे का कार्यक्रम जरूर तय किया, लेकिन राजनीतिक बहस का बड़ा सवाल यही रहा कि क्या कार्यसमिति ने कोई नया और चौंकाने वाला एजेंडा तय किया या पुराने विषयों को ही नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ाया?
बुंदेलखंड और कांग्रेस पर भी निशाना
बैठक में केन-बेतवा परियोजना को लेकर भी चर्चा हुई। राहुल कोठारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से परियोजना आगे बढ़ी है।
परियोजना के विरोध को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा गया और निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने की बात भी सामने आई।
जनजातीय वर्ग, सामाजिक समरसता और सामाजिक चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। राष्ट्रीय महामंत्री गजेंद्र पटेल ने प्रदेश सरकार के जनजातीय हितों से जुड़े कामों की प्रशंसा की। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी केंद्र सरकार के कार्यों को बैठक के सामने रखा।
प्रदर्शनी में भी दिखा वही विकास मॉडल
कार्यसमिति स्थल के पास प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में देश और प्रदेश में हुए विकास कार्यों को प्रदर्शित किया गया।
बुंदेलखंड के महापुरुषों और वीरों को भी प्रदर्शनी में स्थान दिया गया। कार्यकर्ताओं को सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने और आगामी कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से संचालित करने की रणनीति समझाई गई।
पहले दिन की बैठक रात करीब 7:30 बजे समाप्त होगीl इसके बाद मुख्यमंत्री सहित प्रमुख अतिथियों के ओरछा स्थित श्रीराम राजा सरकार मंदिर में दर्शन के लिए जाने का कार्यक्रम है।
प्रवेश पर एजाज खान का डिजिटल कार्ड अटका
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष एम. एजाज खान को प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में प्रवेश के लिए जद्दोजहद करनी पड़ी। बैठक में आमंत्रित सदस्यों का पंजीयन कर डिजिटल प्रवेश पत्र जारी किए जा रहे थे, लेकिन एजाज खान के नाम का डिजिटल कार्ड तैयार नहीं हुआ।
मौके पर मौजूद पदाधिकारियों ने बताया कि उनके कार्ड में दर्ज क्यूआर नंबर गलत होने के कारण डिजिटल कार्ड नहीं बन पाया। बाद में कार्ड बनाने की बात कही गई।
हालांकि, पत्रकार वार्ता के बाद प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी से जब इस मामले पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि एजाज खान आमंत्रित ही नहीं थे और उन्हें ‘फ्री’ कर दिया गया है।
यहीं से मामला और सवाल खड़ा करता है। अगर वे आमंत्रित नहीं थे, तो फिर बैठक की सूची में उनका नाम कैसे आया और डिजिटल प्रवेश प्रक्रिया में उनका कार्ड क्यों बनाया जा रहा था?
यह सिर्फ एक डिजिटल कार्ड की तकनीकी गड़बड़ी है या संगठनात्मक स्तर पर समन्वय की कमी, यह सवाल अब पार्टी के भीतर चर्चा का विषय बन गया है।
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