राज्यसभा चुनाव: मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सीट हथियाने के लिए तीसरा उम्मीदवार उतारेगी भाजपा
BHOPAL. मध्यप्रदेश में राज्यसभा उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी जहां अपने दो अधिकृत उम्मीदवारों के नामांकन के बाद तीसरी सीट के लिए नए राजनीतिक समीकरण साधने में जुट गई है, वहीं कांग्रेस भी बैठकों के जरिए रणनीति को अंतिम रूप देने में लगी हुई है।
बीजेपी पहले ही राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग और प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल को मैदान में उतार चुकी है। शनिवार, 6 जून को दोनों नेताओं के नामांकन दाखिल करने के दौरान भाजपा ने शक्ति प्रदर्शन किया। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों और संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों की मौजूदगी रही।
नामांकन कार्यक्रम के बाद बीजेपी में तीसरे प्रत्याशी को लेकर मंथन का दौर शुरू हो गया। देर रात तक बैठकों का दौर जारी रहा। रात 10 बजे अचानक पूर्व मंत्री रंजना बघेल का नाम तेजी से उभरा। हालांकि. अभी उनके नाम पर मुहर नहीं लगी है, लेकिन वे मुफीद उम्मीदवार मानी जा रही हैं। आदिवासी नेत्री रंजना बघेल धार जिले की मनावर सीट से ताल्लुक रखती हैं।
विधायकों को एकजुट करने में लगी कांग्रेस
उधर कांग्रेस ने भी राज्यसभा चुनाव को लेकर अपने विधायकों को एकजुट रखने की कवायद तेज कर दी है। विधायक दल की बैठक में 59 विधायकों ने भाग लिया। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ भोपाल में मौजूद नहीं थे, इसलिए उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में राज्यसभा चुनाव की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। विधायकों के हस्ताक्षर भी कराए गए।
बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एकजुटता का संदेश दिया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पूरी तरह संगठित है और चुनाव में जीत दर्ज करेगी। जीतू पटवारी ने कहा कि सभी विधायक कांग्रेस के साथ खड़े हैं। मीनाक्षी नटराजन राज्यसभा पहुंचेंगी।
तीसरी सीट पर टिकी सबकी नजर
राज्यसभा चुनाव में सबसे दिलचस्प मुकाबला तीसरी सीट पर बनने की संभावना बढ़ गई है। मौजूदा संख्या बल के आधार पर बीजेपी दो सीटों पर आराम से जीत दर्ज करती दिख रही है, लेकिन अब उसकी रणनीति तीसरी सीट पर भी कब्जा जमाने की है।
बीजेपी की रणनीति है कि तीसरी सीट पर ऐसे प्रभावशाली चेहरे को उतारा जाए, जिसकी पहुंच राजनीतिक सीमाओं से आगे हो और जिसकी पैठ कांग्रेस के भीतर भी मानी जाती हो। बीजेपी का आकलन है कि यदि तीसरा उम्मीदवार अपने प्रभाव के दम पर कांग्रेस के कुछ विधायकों का समर्थन हासिल कर लेता है तो चुनावी गणित पूरी तरह बदल सकता है।
यह है विधानसभा का मौजूदा गणित
मध्यप्रदेश विधानसभा में भाजपा की प्रभावी संख्या 165 है। इसमें भाजपा के 164 विधायक और बीना से कांग्रेस की विधायक निर्मला सप्रे शामिल हैं, जो भाजपा के साथ मानी जा रही हैं।
कांग्रेस के पास वर्तमान में 62 विधायक प्रभावी रूप से माने जा रहे हैं। पार्टी के कुल 65 विधायक हैं, लेकिन विधायक मुकेश मल्होत्रा को मतदान का अधिकार नहीं है, राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त हो चुकी है और निर्मला सप्रे भाजपा के साथ मानी जा रही हैं। इसके अलावा भारत आदिवासी पार्टी (भाआप) का एक विधायक भी विधानसभा में मौजूद है।
जीत का गणित क्या कहता है?
वर्तमान गणना के अनुसार भाजपा के लिए दो सीटों की जीत लगभग तय मानी जा रही है। दो सीटों के लिए उसे 116 वोट पर्याप्त हैं। इसके बाद तीसरी सीट के लिए भाजपा के पास 49 वोटों का आधार है। यदि भारत आदिवासी पार्टी के एक विधायक का समर्थन भी उसे मिल जाता है तो यह संख्या 50 तक पहुंच सकती है।
दूसरी ओर कांग्रेस के पास जीत के गणित से 4 अतिरिक्त वोट हैं। ऐसे में भाजपा की नजर कांग्रेस के विधायकों पर भी टिकी हुई है। यदि भाजपा कांग्रेस के 7 विधायकों का समर्थन अपने पक्ष में करने में सफल रहती है तो उसका आंकड़ा 57 तक पहुंच सकता है, जबकि कांग्रेस 55 पर सिमट जाएगी। यही वजह है कि राज्यसभा की तीसरी सीट इस बार पूरे चुनाव का सबसे बड़ा राजनीतिक केंद्र बनती दिखाई दे रही है।
नामांकन से परिणाम तक पूरा कार्यक्रम...
| चुनाव कार्यक्रम | तारीख |
|---|---|
| अधिसूचना जारी होने की तारीख | 01 जून 2026 |
| नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि | 08 जून 2026 |
| नामांकन पत्रों की जांच | 09 जून 2026 |
| नाम वापसी की अंतिम तिथि | 11 जून 2026 |
| मतदान की तारीख | 18 जून 2026 (सुबह 9 से शाम 4 बजे तक) |
| मतगणना और परिणाम | 18 जून 2026 (शाम 5:00 बजे से) |
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