बीजेपी के 3D फॉर्मूले से होगी घुसपैठियों की पहचान, पार्टी चलाएगी प्रशिक्षण का महाअभियान

Aman Vaishnav | May 08, 2026, 14:58 IST
bjp training campaign 2026 3d formula
भाजपा अब अपने कार्यकर्ताओं को संदिग्ध घुसपैठियों को पहचानने का 3D फॉर्मूला सिखाएगी। इसके बाद कार्यकर्ताओं को परीक्षा भी देनी होगी। इसके अलावा, पाठ्यक्रम में नेहरू-नून समझौता और शिमला समझौता को ऐतिहासिक भूल के रूप में पढ़ाया जाएगा।

भारतीय जनता पार्टी 14 करोड़ सदस्य बना कर दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बन चुकी है। अब भाजपा पार्टी अपने कार्यकर्ताओं के भीतर समर्पित राष्ट्रवाद और वैचारिक शुद्धता को और मजबूत करने की योजना बना रही है।



इसके लिए पार्टी ने पंडित दीनदयाल प्रशिक्षण महाअभियान 2026 के तहत एक नया पाठ्यक्रम तैयार किया है। साथ ही इसे अब सभी जिलों में भेज दिया गया है।



इस पाठ्यक्रम में खासतौर पर जनसंख्या असंतुलन और घुसपैठ के मुद्दे पर ध्यान दिया गया है।



भाजपा ने इसे निपटाने के लिए 3डी फॉर्मूला तैयार किया है। पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक यह सिखाएगी कि संदिग्ध घुसपैठियों को कैसे पहचाना जाए।



भोपाल में 16 और 17 को होगा प्रशिक्षण

भाजपा ने 2029 के लोकसभा चुनाव और उससे पहले होने वाले कई राज्यों के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए एक नई रणनीति तैयार की है। इसका उद्देश्य कानूनी प्रक्रिया के जरिए संदिग्ध घुसपैठियों को वापस भेजने के लिए माहौल तैयार करना है।



मध्य प्रदेश में इसी महीने सभी जिलों में यह प्रशिक्षण हो रहे हैं। भोपाल में 16 और 17 मई को यह प्रशिक्षण होगा। इस बारे में 28 अप्रैल को प्रदेश भाजपा कार्यालय में एक बड़ी बैठक भी हुई थी।



आतंकवाद, घुसपैठ और अतिक्रमण पर सरकार का प्लान

पाठ्यक्रम में देश की छह बड़ी समस्याओं के बारे में बताया जाएगा। इनमें आतंकवाद, घुसपैठ, नकली नोटों की तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी, सीमा पर अतिक्रमण और हथियारों की तस्करी शामिल हैं। इसके बाद इन समस्याओं के समाधान और पार्टी का एक्शन प्लान क्या होगा इस पर चर्चा की जाएगी।



इन मुद्दों को पार्टी कार्यकर्ता जमीन पर उतारेंगे। इसके लिए पार्टी संगठन उनकी मदद करेगा और केंद्र और राज्य सरकारों पर इस दिशा में दबाव बनाएगा।



इसके अलावा, पाठ्यक्रम में नेहरू-नून समझौता (1958) और शिमला समझौता (1972) को ऐतिहासिक भूल के रूप में पढ़ाया जाएगा।



कार्यकर्ताओं के लिए तीन प्रमुख कदम

  1. डिटेक्ट (पहचान): अवैध रूप से रह रहे संदिग्ध लोगों की पहचान करना।
  2. डिलीट (हटाना): मतदाता सूची और डेटाबेस से अवैध नामों को हटवाना।
  3. डिपोर्ट (निर्वासन): संदिग्ध लोगों को वापस भेजने के लिए प्रशासनिक और कानूनी दबाव बनाना।

इस बार, कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग में शामिल होने के लिए सरल एप का इस्तेमाल करना होगा। बिना इस एप के ट्रेनिंग में एंट्री नहीं मिलेगी।



इसके अलावा पहली बार 200 रुपए का प्रवेश शुल्क लिया जाएगा। ये शुल्क डिजिटल तरीके से जमा करना अनिवार्य होगा। ट्रेनिंग खत्म होने के बाद एक परीक्षा भी होगी। परीक्षा में 80% अंक लाना जरूरी होगा, नहीं तो सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा। साथ ही पार्टी में पदोन्नति में भी यह एक अहम फैक्टर बनेगा।



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