जनता के बीच रात बिताएंगे विधायक, हर घर सरकारी योजना पहुंचाने का मिला टारगेट
समझें क्या है पूरा मामला
- पीएम मोदी सरकार के सफल 12 साल पूरे हो गए हैं।
- इसके तहत भाजपा जनता के बीच बड़ा अभियान चलाने जा रही है।
- अब सभी सांसदों को हर विधानसभा क्षेत्र में एक रात गुजारनी होगी।
- विधायकों को भी अपने क्षेत्र के हर मंडल में रात बितानी होगी।
- इस दौरान नेता जनसभा करेंगे और सरकार की योजनाएं घर-घर पहुंचाएंगे।
भोपाल में 6 जून शनिवार शाम को मुख्यमंत्री निवास पर भाजपा विधायक दल की बैठक हुई। इस बैठक में सभी बड़े नेता शामिल हुए। पार्टी ने अपने जनप्रतिनिधियों को एक बड़ा लक्ष्य दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 साल पूरे हो गए हैं। इस मौके पर पार्टी जनता के बीच जाने की तैयारी में है। इसके लिए एक खास प्लान बनाया गया है। अब भाजपा के सांसदों को अपने क्षेत्र की हर विधानसभा में जाना होगा। उन्हें वहां कम से कम एक रात गुजारनी पड़ेगी। इस दौरान वे स्थानीय लोगों से सीधा संवाद करेंगे।
विधायकों को मिला नया टास्क
इसी तरह विधायकों को भी अपने क्षेत्र के हर मंडल में जाना होगा। विधायकों को भी हर मंडल में एक रात बितानी होगी। वहां वे जनता के लिए सभाएं भी करेंगे। इस अभियान का मकसद सरकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाना है। नेता जनता को बताएंगे कि सरकार ने उनके लिए क्या काम किए हैं। इससे संगठन और मजबूत होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक में सभी से अपील की। उन्होंने कहा कि विकास के इस सफर को जनता तक ले जाएं। हर क्षेत्र में जनकल्याणकारी पखवाड़ा मनाया जाए।
एमपी में भाजपा का नया अभियान
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी बैठक को संबोधित किया। उन्होंने सभी नेताओं से कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने को कहा है। कार्यकर्ताओं में इससे नया जोश आएगा। प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने देश की आर्थिक तरक्की की बात की। उन्होंने बताया कि भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.7 प्रतिशत पर पहुंच गई है। भारत आज दुनिया का ग्रोथ इंजन है।
इस बैठक में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल भी मौजूद थे। राज्यसभा उम्मीदवार तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल ने भी अपने विचार रखे। सबने एकजुटता पर जोर दिया।
राज्यसभा चुनाव का पूरा गणित
इस बैठक के बीच राज्यसभा की तीसरी सीट की चर्चा भी तेज है। भाजपा नेताओं को इस सीट पर भी जीत का पूरा भरोसा है। हालांकि इतिहास कुछ अलग रहा है।
भाजपा पहले भी ऐन वक्त पर प्रत्याशी उतारकर चौंका चुकी है। साल 2016 में मध्य प्रदेश से विनोद गोटिया को उतारा गया था। वे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लड़े थे। साल 2022 में राजस्थान से सुभाष चंद्रा को भी समर्थन दिया था। लेकिन दोनों ही बार पार्टी के रणनीतिकारों को हार का सामना करना पड़ा था।
FAQ
- भोपाल में हुई भाजपा विधायक दल की बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार के सफल 12 साल पूरे होने पर सरकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाना था। इसके लिए सांसदों और विधायकों को अपने क्षेत्रों की विधानसभाओं और मंडलों में रात बिताने और जनसभाएं करने का टास्क दिया गया है। इसकी सीधी मॉनिटरिंग केंद्रीय नेतृत्व द्वारा की जाएगी। - मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर क्या इतिहास रहा है?
भाजपा पहले भी राज्यसभा चुनाव में ऐन वक्त पर प्रत्याशी उतारकर चौंका चुकी है। साल 2016 में मध्य प्रदेश से विनोद गोटिया और 2022 में राजस्थान से सुभाष चंद्रा को निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में भाजपा ने समर्थन दिया था। हालांकि, इन दोनों ही प्रयोगों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा था।
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