क्रिमिनल रिकॉर्ड वाले को बनाया बीजेपी युवा मोर्चा उपाध्यक्ष, पूर्व मंत्री ने उठाए सवाल
News In Short
- मध्यप्रदेश बीजेपी युवा मोर्चा की नई 56 सदस्यीय कार्यकारिणी घोषित हुई है।
- धार से उपाध्यक्ष बने जय सूर्या पर आपराधिक रिकॉर्ड का आरोप है।
- 35 साल से ज्यादा उम्र के 10 से अधिक कार्यकर्ताओं को पद दिए गए है।
- पूर्व मंत्री दत्तीगांव ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष को लिखित शिकायत की है।
- युवा मोर्चा अध्यक्ष श्याम टेलर ने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी से इनकार किया है।
News In Detail
MP बीजेपी युवा मोर्चा में अंदरूनी विवाद
मध्यप्रदेश में बीजेपी युवा मोर्चा की नई कार्यकारिणी जारी होते ही पार्टी के भीतर ही घमासान शुरू हो गया है। पांच साल के लंबे इंतजार के बाद यह सूची आई है। वहीं, इसने पार्टी में नई मुश्किलें खड़ी कर दी है।
56 सदस्यीय इस कार्यकारिणी में सात उपाध्यक्ष, आठ मंत्री और दो महामंत्री शामिल हैं। नाम घोषित होते ही कई वरिष्ठ नेता नाराज हो गए। पार्टी के भीतर ही सवाल उठने लगे कि चयन किस आधार पर हुआ है।
आपराधिक रिकॉर्ड वाले को उपाध्यक्ष
सबसे बड़ा विवाद धार जिले से उपाध्यक्ष बनाए गए जय सूर्या को लेकर है। पूर्व मंत्री राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव ने आरोप लगाया कि जय सूर्या पर आपराधिक केस दर्ज है। उन्होंने यह भी कहा कि यह नेता पिछले ढाई साल से जिले और विधानसभा क्षेत्र में बिल्कुल निष्क्रिय रहे हैं।
इस पर दत्तीगांव रुके नहीं। उन्होंने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को बाकायदा लिखित पत्र भेजा है। इसमें जय सूर्या समेत कई नामों पर आपत्ति दर्ज कराई गई है। यह पत्र अब पार्टी के भीतर खलबली का सबब बन गया है।
35 साल की उम्र सीमा का उल्लंघन
बीजेपी का स्पष्ट निर्देश है कि युवा मोर्चा में सिर्फ 35 साल तक की उम्र के सदस्य ही पद पा सकते हैं। वहीं, इस बार 10 से ज्यादा ऐसे कार्यकर्ताओं को पदाधिकारी बना दिया गया जिनकी उम्र 35 से अधिक बताई जा रही है।
जिन नामों पर सवाल उठ रहे हैं उनमें प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल वर्मा, विवेक शर्मा, प्रदेश मीडिया प्रभारी शोभित नाथ शर्मा और प्रदेश मंत्री श्रुति सिंह शामिल हैं। इन सभी की उम्र 35 साल से ऊपर होने का दावा किया जा रहा है। इन नामों की सूची सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है।
पूर्व मंत्री ने खुलकर बोला
पूर्व मंत्री राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव ने मीडिया के सामने साफ कहा कि उन्होंने जय सूर्या के गतिविधियों से पार्टी को अवगत करा दिया है। उन्होंने कहा कि अब पार्टी को तय करना है कि इस पर क्या कार्रवाई होगी। दत्तीगांव के अलावा कई और वरिष्ठ नेताओं ने हेमंत खंडेलवाल से व्यक्तिगत तौर पर अपनी नाराजगी जताई है।
यह नाराजगी सिर्फ एक नाम तक सीमित नहीं है। पार्टी के अंदर खुसर-पुसर है कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी रही।
युवा मोर्चा अध्यक्ष का जवाब
युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर ने इन आरोपों पर अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि जय सूर्या जिला अध्यक्ष के रूप में सक्रिय रहे हैं। टेलर ने कहा कि उनके पास जय सूर्या के किसी आपराधिक रिकॉर्ड की कोई जानकारी नहीं है।
उम्र सीमा के सवाल पर उनका कहना था कि बाकी सभी पदाधिकारियों की उम्र 35 साल या उससे कम है। दत्तीगांव की शिकायत पर टेलर ने कहा कि वे पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और उनकी शिकायत को शीर्ष नेता देखेंगे।
संगठन की साख पर सवाल
यह विवाद ऐसे वक्त में आया है जब बीजेपी खुद को युवाओं की पार्टी के रूप में पेश करती है। युवा मोर्चा उसी छवि का अहम हिस्सा है। वहीं, इस तरह के चयन विवादों से संगठन की विश्वसनीयता पर सवाल उठता है।
पार्टी की गाइडलाइन को नजरअंदाज करने के आरोप गंभीर हैं। वहीं, उम्र सीमा और आपराधिक रिकॉर्ड जैसी बुनियादी शर्तें ही पूरी नहीं होतीं, तो फिर बाकी मानकों पर भरोसा कैसे होगा? यह सवाल अब पार्टी के भीतर जोर से गूंज रहा है।
अब देखना यह होगा कि बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व इस मामले में क्या रुख अपनाता है। क्या शिकायत पर कोई कार्रवाई होगी या मामला दब जाएगा?
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