सोशल मीडिया पर पटवारी भर्ती में चयनित उम्मीदवार नियुक्ति के लिए कर रहे डिजीटल प्रोटेस्ट, कटोरा और किताब लेकर चलाई मुहिम
BHOPAL. प्रदेश में पटवारी भर्ती प्रक्रिया लंबे समय से विवादों में चल रही है, सरकार ने धांधली के अंदेशे के चलते चयन प्रक्रिया पर रोक लगा रखी है। इससे परीक्षा में चयनित उम्मीदवारों के सब्र का बांध टूटता जा रहा है। चयनित उम्मीदवारों का मानना है कि यदि कुछ लोगों ने धांधली कर अपना चयन करा भी लिया तो उसमें उनकी क्या गलती है। इस बात को लेकर उम्मीदवार अब सोशल मीडिया पर डिजिटल प्रोटेस्ट कर रहे हैं। वे एक हाथ में कटोरा और एक हाथ में किताब लेकर अपनी फोटो डालकर प्रदेश सरकार से नियुक्ति की मांग कर रहे हैं।
31 अगस्त तक किया इंतजार
इस प्रोटेस्ट का नेतृत्व करने वाले अरुणोदय सिंह परमार ने कहा है कि हमने सरकार का पूरा सहयोग किया और कथित धांधली की जांच रिपोर्ट आने तक का इंतजार किया। लेकिन जब 31 अगस्त भी बीत चुका है और सितंबर का आधा पखवाड़ा बीतने को है। ऐसे में हमारे पास संघर्ष करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता। 3 सितंबर को जो चयनित पटवारी सड़कों पर उतरे उन पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। वहीं पुलिस ने एक चयनित पटवारी को तो लात मारकर हमारा अपमान भी किया है।
इसी माह नियुक्ति देने की मांग
चयनित पटवारी मांग कर रहे हैं कि यूपी एसआई और प्रदेश की शिक्षक पात्रता परीक्षा 2020 की तरह ही समानांतर रुप से नियुक्ति प्रक्रिया चलाई जाए। यदि कोई दोषी है तो उन्हें चिन्हित कर उन पर कार्रवाई करें और उनके स्थान पर प्रतीक्षा सूची में स्थान प्राप्त उम्मीदवार को नियुक्ति दे दें। पटवारी नियम पुस्तिका के बिंदु 13(3) का भी हवाला दे रहे हैं, जिसके अनुसार परीक्षा के 90 दिन में नियुक्ति देने का प्रावधान है।