नेहा पच्चीसिया के खिलाफ दायर याचिका में सीबीआई जांच की मांग, नेहा की याचिका के साथ लिंक हुआ नया मामला
CBI जांच की मांग के साथ याचिका दायर
कटनी की सस्पेंड CSP नेहा पच्चीसिया (Neha Pachisia) से जुड़े जमीन सौदे के मामले में नया मोड़ आया है। इस पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग को लेकर एक अलग याचिका मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में दायर की गई है। गुरुवार को जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस रामकुमार चौबे की डिवीजन बेंच ने इस याचिका को नेहा पच्चीसिया की FIR वाली याचिका के साथ लिंक करने के निर्देश दिए। अब दोनों मामलों पर 12 अक्टूबर को सुनवाई होगी।
नेहा ने FIR रद्द करने की मांग की है
नेहा पच्चीसिया ने कटनी के कुठला थाने में दर्ज FIR को चुनौती दी है। उनकी याचिका में FIR को रद्द करने की मांग की गई है। नेहा की ओर से दावा किया गया है कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है। इस मामले में पहले हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने उनके जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया था। सरकार ने यह भी कहा था कि उनके विदेश जाने की आशंका है और इसी वजह से लुकआउट सर्कुलर की कार्रवाई की गई है।
अब शिकायतकर्ता पक्ष ने उठाई CBI जांच की मांग
इसी मामले में परिक्रमा वासी अविनाश तिवारी की ओर से एक अलग याचिका दाखिल की गई है। इसमें जमीन सौदे से जुड़े पूरे मामले की जांच CBI से कराने की मांग की गई है। गुरुवार को जब यह याचिका जबलपुर हाईकोर्ट के सामने आई तो बेंच को बताया गया कि मामला नेहा पच्चीसिया की याचिका से ही जुड़ा है। इसके बाद कोर्ट ने दोनों मामलों को लिंक कर दिया।
क्या है पूरा जमीन सौदा मामला?
पूरा विवाद कटनी के कन्हवारा गांव की जमीन से जुड़ा है। पुलिस जांच के मुताबिक जमीन का खसरा नंबर 2618/1 है। 15 अप्रैल 2026 को इसकी रजिस्ट्री मारूफ अहमद हनफी के नाम हुई थी। शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि जमीन की वास्तविक कीमत करीब 1.07 करोड़ रुपए थी।
इसे दबाव बनाकर काफी कम कीमत में बेचने की स्थिति बनाई गई। जिस परिवार की यह जमीन थी उसका मुखिया हत्या के मामले में जेल में बंद था। आप है कि नेहा ने चालान में देरी करने सहित उन्हें अन्य सहायता दी और बदले में जमीन हड़प ली। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने जांच की थी।
82 लाख की गाइडलाइन वैल्यू, रजिस्ट्री 18.20 लाख में
पुलिस जांच रिपोर्ट में जमीन की गाइडलाइन वैल्यू 82 लाख 86 हजार 930 रु. बताई गई थी। इसके बावजूद रजिस्ट्री में जमीन की कीमत 18 लाख 20 हजार रु. दर्ज होने की बात सामने आई। जांच में 15 लाख रु. के चेक और 3.20 लाख रु. नकद भुगतान का उल्लेख किया गया। जमीन की कीमत और रजिस्ट्री रकम के इस अंतर को जांच में महत्वपूर्ण माना गया।
रजिस्ट्री वाले दिन 15 लाख के ट्रांजेक्शन ने बढ़ाए सवाल
पुलिस जांच में जमीन के खरीदार मारूफ अहमद हनफी के बैंक खाते की भी पड़ताल हुई। जांच रिपोर्ट के मुताबिक रजिस्ट्री वाले दिन उनके खाते में 15 लाख रु. जमा हुए। इसमें 10 लाख रु. शाइन पार्टनर्स और 5 लाख रु. क्षितिज राज बारापत्रे से जुड़े खाते से आने की बात सामने आई। पुलिस ने इन लेनदेन को जमीन सौदे की जांच में अहम कड़ी माना।
नेहा समेत तीन लोगों पर दर्ज हुई FIR
जबलपुर की ASP अनु बेनीवाल की जांच के बाद मामले में FIR दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद कुठला थाने में नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज बारापत्रे और मारूफ अहमद हनफी के खिलाफ FIR दर्ज हुई। पुलिस ने BNS की कई धाराओं में मामला दर्ज किया। FIR में आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि FIR में लगाए गए आरोपों का अंतिम फैसला अभी कोर्ट को करना है।
FIR के बाद नेहा पर कार्रवाई बढ़ती गई
FIR के बाद नेहा पच्चीसिया को सस्पेंड किया गया। उनकी अग्रिम जमानत याचिका जिला अदालत से खारिज हो चुकी है। इसके बाद SIT ने उनके बंद कार्यालय की तलाशी भी ली थी। टीम ने जमीन सौदे से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जुटाए थे। फिर दर्ज होने की दिनांक से ही नेहा फरार है। जानकारी के अनुसार उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी किया जा चुका है।
अब 12 अक्टूबर की सुनवाई पर नजर
गुरुवार की सुनवाई में नेहा पच्चीसिया की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल खरे उपस्थित हुए। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह, शासकीय अधिवक्ता अमित पाण्डेय और पैनल अधिवक्ता अद्वैत पाराशर ने पक्ष रखा।
अब 12 अक्टूबर को कोर्ट एक तरफ नेहा की FIR चुनौती वाली याचिका और दूसरी तरफ CBI जांच की मांग वाली अलग याचिका पर सुनवाई करेगा। फिलहाल CBI जांच का कोई आदेश नहीं हुआ है। अगली सुनवाई में इस मांग पर कोर्ट क्या रुख अपनाता है, यह अहम रहेगा।