दिग्विजय सिंह का खुलासा : CBSE ने OSM के लिए रोबोटिक स्कैनर का प्रस्ताव ही बदला

Sanjay Gupta | Jun 03, 2026, 11:46 IST
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सीबीएसई के ओएसएम विवाद के बीच पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने ओएसएम पर बड़ा खुलासा किया है। दो दिन की बैठक के बाद और छात्र सार्थक सिद्धांत के पेश दस्तावेजों के बाद यह खुलासा हुआ है। सिंह ने साफ कहा कि CBSE ने सुरक्षित रोबोटिक स्कैनर का प्रावधान ही बदल दिया।

सीबीएसई के नए ओएसएम (ऑन स्क्रीन मार्किंग) को लेकर विवाद मचा हुआ है। छात्र सार्थक सिद्धांत ने संसदीय कमेटी के सामने सीबीएसई के RFP दस्तावेज पेश किए।



छात्र का कहना है कि इन दस्तावेजों में बदलाव किया गया है। इससे COEMPT जैसी विवादित कंपनी को इस काम का ठेका मिला। वहीं अब संसद की उच्च शिक्षा समिति के चेयरमैन वपूर्व सीएम दिग्विजय सिंहने बुधवार 3 जून को इसमें बड़ा आरोप लगाया है।



रोबोटिक स्कैनर का प्रावधान बदलने से हुई गड़बड़ी

दिग्विजय सिंह ने इस मामले में दो दिन की संसदीय समिति की बैठक के बाद गंभीर आरोप लगाए हैं। सिंह ने कहा है कि शुरुआत में, OSM के लिए CBSE ने RFP दस्तावेज में रोबोटिक स्कैनर का इस्तेमाल करने का फैसला किया था। बाद में इसे बदलकर साधारण स्कैनर कर दिया गया। क्यों? यह सिर्फ @dpradhanbjp ही बता सकते हैं।



दिग्विजय सिंह ने बताए रोबोटिक स्कैनर के फायदे

दिग्विजय सिंह ने आगे बताया कि अब रोबोटिक स्कैनर क्या होता है? एक रोबोटिक स्कैनर, 3D या ऑप्टिकल स्कैनर को एक ऑटोमेटेड रोबोटिक आर्म के साथ जोड़ता है।



इससे बिना हाथ लगाए बारीकी से माप लिया जा सकता है। इन सिस्टम्स का इस्तेमाल मैन्युफैक्चरिंग में ऑटोमेटेड क्वालिटी कंट्रोल के लिए किया जाता है।



साथ ही लाइब्रेरी में बड़ी मात्रा में दस्तावेजों को डिजिटाइज करने के लिए, और रिवर्स इंजीनियरिंग में बड़े पैमाने पर किया जाता है।



किसी खास को फायदा पहुंचाने के लिए बदलाव?

दिग्विजय सिंह ने फिर सवाल उठाया है कि फिर इसे क्यों बदला गया? क्या किसी खास वेंडर को फायदा पहुंचाने के लिए? आप खुद फैसला करें।



सार्थक सिद्धांत ने कमेटी में दिया था प्रेजेंटेशन

ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली से प्रभावित छात्रों में से एक 17 वर्षीय सार्थक सिद्धांत ने मंगलवार, 02 जून को संसदीय समिति को प्रेजेंटेशन दिया। टेंडर प्रक्रिया में सार्थक सिद्धांत ने अपने बिंदु रखे।



सिद्धांत ने COEMPT कंपनी को कथित टेंडर देने के मामले की खामियों को बताया। सार्थक ने बताया कि टेंडर के लिए Request for Proposal जारी किया गया तब उसमें फेरबदल क्यों किया गया?



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