हैकर्स के पास पहुंचा सीबीएसई का डेटा, 999 रुपए में बिक रही छात्रों की पर्सनल जानकारी
समझें क्या है पूरा मामला...
- एक एथिकल हैकर ने साबित किया था कि सीबीएसई का डेटा हैक हो सकता है।
- कई वेबसाइटों पर छात्रों की पर्सनल जानकारियां खुलेआम बिक रही हैं।
- इन वेबसाइट्स पर लाखों छात्रों का डेटा 999 से लेकर पांच हजार रुपए तक में मिल रहा है।
- सीबीएसई री-इवैल्युएशन पोर्टल पर 19 मई से लगातार साइबर हमले हो रहे हैं।
- डेटा सुरक्षा में सेंधमारी पर करियर-360 के महेश्वर पेरी ने इसे गंभीर चेतावनी बताया है।
सीबीएसई बोर्ड के छात्रों के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आ रही है। बोर्ड के इनकार के बावजूद, लाखों छात्रों का निजी डेटा इंटरनेट पर खुलेआम बेचा जा रहा है।
पहले एक एथिकल हैकर ने यह साबित किया था कि सीबीएसई का डेटा सुरक्षित नहीं है। इसे हैक किया जा सकता है। वहीं अब ऐसा लगता है कि यह सारा डेटा अनएथिकल हैकर्स के हाथ लग चुका है। कई वेबसाइट्स इस डेटा को बेचकर मोटी कमाई कर रही हैं।
चंद रुपयों में बिक रही निजी जानकारी
इस डेटा ब्रीच में छात्रों की वो जानकारियां शामिल हैं जिन्हें बेहद गोपनीय रखा जाना चाहिए। इसमें छात्र का नाम, उनके माता-पिता का नाम, मोबाइल नंबर, स्कूल का नाम, उनके विषय, जिला और दूसरी कई जरूरी जानकारियां शामिल हैं।
सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि इन वेबसाइट्स पर 2025-26 बैच तक के छात्रों का डेटा भी उपलब्ध होने का दावा किया जा रहा है। यह पूरा डेटा अलग-अलग राज्यों और शहरों के हिसाब से 999 रुपए से लेकर पांच हजार रुपए तक में बेचा जा रहा है।
किस राज्य का डेटा कितने में मिल रहा?
| राज्य/शहर | छात्रों की संख्या | डेटा की कीमत |
| दिल्ली | 4.20 लाख से अधिक (12वीं कक्षा) | पांच हजार रुपए |
| उत्तर प्रदेश | 3.97 लाख छात्र | चार हजार रुपए |
| बिहार | 1.62 लाख छात्र | चार हजार रुपए |
| बेंगलुरु | लाखों छात्र | पांच हजार तक |
री-इवैल्युएशन पोर्टल पर लगातार साइबर हमले
एक तरफ जहां डेटा लीक की खबरें आ रही हैं, वहीं दूसरी तरफ सीबीएसई का री-इवैल्युएशन पोर्टल भी सुरक्षित नहीं है। 19 मई को जब से छात्रों के नंबरों की दोबारा जांच की प्रक्रिया शुरू हुई है तब से इस पोर्टल पर लगातार साइबर हमले हो रहे हैं।
इसके बावजूद छात्र लगातार अपनी कॉपियों की दोबारा जांच के लिए आवेदन कर रहे हैं। इस प्रक्रिया के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 6 जून है।
- कुल आवेदन: 44 हजार छात्रों ने अब तक अप्लाई किया है।
- आंसरशीट वेरिफिकेशन : चार हजार 924 छात्रों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं को सत्यापित करने के लिए आवेदन किया है।
- री-इवैल्युएशन: 39 हजार 56 छात्रों ने कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन के लिए फॉर्म भरा है।
इस सब के बीच बुधवार, 03 जून को भी बहुत से छात्रों और उनके माता-पिता ने शिकायत की है। उन्होंने कहा है कि पोर्टल पर दिक्कतों की वजह से उन्हें अब तक अपनी आंसरशीट की फोटोकॉपी नहीं मिल पाई है।
डेटा सुरक्षा ढांचे पर बड़ा सवाल
सीबीएसई का यह नया डेटा ऑनलाइन 999 रुपए की कीमत पर भी बेचा जा रहा है। इस पूरे मामले पर कैरियर-360 संस्था के महेश्वर पेरी ने गहरी चिंता जताई है।
महेश्वर का कहना है कि चाहे यह डेटा हैकिंग से बाहर आया हो, डेटा लीक हुआ हो या फिर विभाग के अंदरूनी स्तर पर किसी सेंधमारी की वजह से ऐसा हुआ हो, यह हमारी पूरी शिक्षा व्यवस्था के लिए एक बहुत ही गंभीर चेतावनी है।
वहीं इतनी बड़ी घटना होने के बाद अब तक सीबीएसई और शिक्षा मंत्रालय की तरफ से कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया या जवाब नहीं आया है।
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