सेंट्रल GST सुपरिंटेंडेंट संगठन ने की राष्ट्रव्यापी आंदोलन की घोषणा, समय पर नहीं मिल रही पदोन्नति
कैडर में लंबे समय से नहीं हो रही पदोन्नति
एसोसिएशन के सचिव रखीश चंद्र ने कहा कि कैडर में लंबे समय से पदोन्नति के अवसर सीमित हैं। इसके परिणामस्वरूप अनेक अधीक्षक लगभग तीन दशक की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इनमें कई अधिकारियों को पूरी सेवा के दौरान केवल एक पदोन्नति मिल रही है। आंदोलन का निर्णय 12-13 सितंबर 2026 को भोपाल में हुई बैठक में लिया गया। यह बैठक AIASCT की केंद्रीय कार्यकारिणी समिति (CEC) की थी। इसमें पदोन्नति, सेवा शर्तों और करियर प्रगति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। अधिकारियों के कल्याण से जुड़े प्रस्ताव भी पारित किए गए।
पदोन्नति में लंबे समय से हो रही देरी
एसोसिएशन की प्रमुख मांग वर्ष 2014 के बाद की अखिल भारतीय वरिष्ठता सूचियां (AISLS) जारी करना है। संगठन ने इन सूचियों को जल्द अंतिम रूप देने की मांग की है। इसके अलावा, सहायक आयुक्त पद पर पदोन्नति के लिए लंबित DPC प्रक्रिया पूरी करने की मांग है। एसोसिएशन के मुताबिक, बार-बार आवेदन देने के बावजूद पात्र अधिकारी पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इससे अधिकारियों के बीच अनिश्चितता बनी हुई है।
कैडर पुनर्गठन और अन्य प्रमुख मांगें
AIASCT ने कैडर पुनर्गठन की मांग भी उठाई है। संगठन का कहना है कि इससे करियर में पदोन्नति के अवसर बढ़ेंगे। पिछला कैडर पुनर्गठन वर्ष 2014 में हुआ था। इसकी समीक्षा प्रत्येक पांच वर्ष में होनी थी। हालांकि, एक दशक से अधिक समय बीतने के बावजूद पुनर्गठन नहीं हुआ है। एसोसिएशन के मुताबिक, अधिकांश केंद्रीय GST अधीक्षक तीन दशक से अधिक सेवा के बाद सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इनमें कई अधिकारियों को केवल एक पदोन्नति मिलती है। संगठन ने विभिन्न कैडरों के बीच पदोन्नति संबंधी असमानता दूर करने की मांग की है।
ये मांगें भी उठाई गईं
- न्यायालयों के फैसलों को सभी जोन में समान रूप से लागू किया जाए।
- अधीक्षक ग्रेड में तदर्थ पदोन्नतियों को नियमित किया जाए।
- पात्र अधिकारियों को नॉन-फंक्शनल अपग्रेडेशन (NFU) दिया जाए।
- एक जनवरी 1996 से जुड़े वेतन निर्धारण का मुद्दा सुलझाया जाए।
- पात्र अधिकारियों को उनकी बकाया राशि का भुगतान किया जाए।
इस तरह चलेगा आंदोलन
एसोसिएशन लगातार ज्ञापन सौंपेगा। प्रत्येक अधीक्षक व्यक्तिगत रूप से आवेदन भी देगा। लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाने के लिए सोशल मीडिया पर प्रचार किया जाएगा।
आंदोलन का प्रस्तावित कार्यक्रम इस प्रकार है...
23 से 27 नवंबर 2026: विरोध के प्रतीक के रूप में काली पट्टियां पहनी जाएंगी।
9 दिसंबर 2026: देशभर के मुख्यालयों पर भोजनावकाश के दौरान प्रदर्शन होंगे। इस दौरान गेट मीटिंग भी आयोजित की जाएंगी।
एसोसिएशन ने आगे कड़े कदम उठाने की चेतावनी दी है। मांगों पर ध्यान नहीं देने और ठोस कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन बढ़ाया जाएगा। इसके तहत Work-to-Rule और असहयोग आंदोलन जैसे कार्यक्रम शुरू किए जा सकते हैं। संगठन आधिकारिक कामकाज के लिए निजी मोबाइल फोन का इस्तेमाल बंद करने की योजना भी बना रहा है। इसके अलावा, अधिकारी आधिकारिक व्हाट्सऐप समूहों से बाहर निकल सकते हैं। धरना जैसे कार्यक्रम भी आंदोलन का हिस्सा होंगे।