चंबल नदी पार कर रहा स्टीमर बीच मझधार में बंद, 100 यात्रियों की अटकीं सांसें
समझें क्या है पूरा मामला...
- मुरैना के पोरसा क्षेत्र में चंबल नदी में एक स्टीमर अचानक खराब हो गया।
- यह स्टीमर नगरा साहसपुर घाट से उत्तर प्रदेश के बटेश्वरा महादेव मंदिर जा रहा था।
- स्टीमर में 100 से ज्यादा यात्री और 50 से ज्यादा मोटरसाइकिल सवार बताए जा रहे हैं।
- बीच नदी में डीजल खत्म होने से इंजन बंद हो गया।
- इसके बाद स्टीमर तेज बहाव के साथ बहने लगा, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई।
रविवार सुबह मुरैना के पोरसा इलाके में एक बड़ा हादसा होते-होते टला। चंबल नदी पार कर उत्तर प्रदेश जा रहा यात्रियों से भरा स्टीमर बीच धार में अचानक बंद हो गया।
स्टीमर में सैकड़ों लोग और दर्जनों बाइकें सवार थीं। कुछ ही देर में यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया।
डीजल खत्म, इंजन बंद
जानकारी के अनुसार स्टीमर नदी के बीचोंबीच पहुंचते ही रुक गया। बताया जा रहा है कि स्टीमर का डीजल खत्म हो गया था। इसी दौरान इंजन के पंखे में कपड़ा भी फंस गया। दोनों वजहों से इंजन ने काम करना बंद कर दिया।
नदी के बीचोंबीच इंजन बंद होना बड़ी परेशानी बन गया। स्टीमर में सवार यात्री कुछ समझ पाते, उससे पहले ही हालात बिगड़ने लगे। स्टाफ ने तुरंत स्थिति को संभालने की कोशिश की।
तेज बहाव में बहा स्टीमर
इंजन बंद होते ही स्टीमर को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया। चंबल का तेज बहाव स्टीमर को अपने साथ खींचने लगा। स्टीमर धीरे-धीरे भिंड जिले की सीमा की ओर बहता चला गया।
स्टीमर स्टाफ ने बल्लियों के सहारे उसे किनारे लगाने की कोशिश की। लेकिन तेज बहाव और सवारियों की भारी संख्या के चलते यह आसान नहीं रहा। वाहनों के वजन ने भी स्टीमर को संभालना और कठिन बना दिया।
यात्रियों में मची दहशत
स्टीमर के बेकाबू होते ही सवार यात्रियों में डर का माहौल बन गया। बीच नदी में फंसे होने का एहसास सबको परेशान करने लगा। कई यात्रियों ने चिल्लाकर मदद की गुहार लगाई।
स्टीमर पर सवार लोगों ने घटना के दौरान की स्थिति को बेहद डरावना बताया। बच्चों और बुजुर्ग यात्रियों के लिए यह पल खासतौर पर मुश्किल भरा रहा। हालांकि किसी बड़े नुकसान की खबर फिलहाल सामने नहीं आई है।
सभी यात्री सुरक्षित
जानकारी के अनुसार भिंड जिले के अटेर के कच्छपुरा में स्टीमर को सुरक्षित किनारे पहुंचा दिया गया है। स्टीमर में सवार सभी यात्री भी सुरक्षित हैं।
लापरवाही के आरोप
यात्रियों ने स्टीमर संचालन को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों और वाहनों को ले जाते समय डीजल का पूरा इंतजाम होना चाहिए था। बीच नदी में डीजल खत्म होना गंभीर लापरवाही माना जा रहा है।
यात्रियों के मुताबिक अगर समय रहते स्टाफ ने हालात न संभाले होते, तो नतीजा और गंभीर हो सकता था। इस घटना ने स्टीमर के रखरखाव और सुरक्षा मानकों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन-पुलिस को सूचना
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस और प्रशासनिक टीम को मौके की स्थिति पर नजर रखने को कहा गया है। स्टीमर को सुरक्षित किनारे तक लाने के प्रयास जारी हैं।
अगर स्टीमर और आगे बह जाता, तो 100 से ज्यादा यात्रियों की सुरक्षा एक बड़ा सवाल बन सकती थी। इस घटना ने प्रशासन के सामने नदी पार करने वाले साधनों की निगरानी को लेकर भी चुनौती खड़ी कर दी है।
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