छतरपुर में आदिवासी के घर पर चला बुलडोजर, मलबे में दबा परिवार, प्रशासन बोला-कलर' डाला, ग्रामीण बोले-खून बहा

Sanjay Dhiman | May 13, 2026, 19:38 IST
Photograph: (the sootr)
छतरपुर में केन-बेतवा प्रोजेक्ट के तहत आदिवासी के घर पर चला बुलडोजर। परिवार लहूलुहान दिखा, पर प्रशासन के अधिकारियों ने इसे 'कलर' बताया। जानिए पूरी सच्चाई।

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के दौधन गांव में केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर चलाया गया। आरोप है कि इस कार्रवाई के दौरान एक आदिवासी परिवार घर के अंदर था और उन्हें मलबे में दबने से गंभीर चोटें आईं।



ग्रामीणों ने इस घटना का वीडियो बनाया, जिसमें परिवार के सदस्य खून से सने हुए दिखे। वीडियो में पति-पत्नी और उनके दो बच्चे घायल दिखाई दे रहे थे, और वे मदद की गुहार लगा रहे थे।



Chhatarpur incident


प्रशासन की सफाई

इस घटना पर कलेक्टर पार्थ जायसवाल और एसपी रजत सकलेचा ने अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि घटना पूरी तरह से झूठी है। उनका कहना था कि घायल नहीं हुए थे और यह सिर्फ एक प्रोपेगेंडा था। प्रशासन का कहना था कि यह सब झूठी अफवाह फैलाने के लिए किया गया था, और मलबे में "कलर" डाला गया था।



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घटना के बाद तनाव का माहौल

घटना के बाद गांव में तनाव बढ़ गया। परिवार के घायल होने की खबर फैलते ही गांव में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। इस दौरान ग्रामीणों ने पथराव किया, जिसमें प्रशासन के वाहनों को नुकसान हुआ। एडिशनल एसपी की गाड़ी, तहसीलदार का वाहन और एक जेसीबी मशीन समेत छह गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। प्रशासन को वहां से वापस लौटना पड़ा।



केन-बेतवा परियोजना में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई

प्रशासन के मुताबिक, केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिए अतिक्रमण हटाया जा रहा था। टीम राजस्व और पुलिस अमले के साथ मौके पर पहुंची थी। प्रशासन का कहना है कि पहले ही नोटिस और समझाइश दी गई थी। लेकिन ग्रामीण इस कार्रवाई को अमानवीय बताते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।



पुलिस बल की तैनाती

घटना के बाद पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन ने कहा कि स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है। प्रशासन अब उन लोगों की पहचान करने में जुटा है जो पथराव और हिंसा में शामिल थे।



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