पत्नी निकली सुहाग की हत्यारन, आशिक के साथ मिल पति को दी दर्दनाक मौत, ऐसे खुला राज
छतरपुर के अमरोनिया जंगल में एक युवक का शव मिला था। पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची। शादी के महज दो महीने बाद यह वारदात हुई। पुलिस ने पत्नी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में एक हत्याकांड ने सभी को हिला दिया है। सटई थाना क्षेत्र के अमरोनिया जंगल में 22 वर्षीय मनीराम रैकवार का शव मिला था। शुरुआत में यह मामला सामान्य लग रहा था। लेकिन जांच आगे बढ़ी तो सच्चाई किसी फिल्मी कहानी जैसी निकली।
पुलिस के मुताबिक इस हत्या के पीछे मनीराम की अपनी पत्नी ही मुख्य साजिशकर्ता थी। उसने अपने प्रेमी और एक साथी के साथ मिलकर यह पूरा खेल रचा। शादी के सिर्फ दो महीने बाद यह वारदात सामने आई।
कैसे हुई प्रेम की शुरुआत
पुलिस की जांच में सामने आया कि मनीराम की शादी 13 मई 2026 को शिवानी से हुई थी। मनीराम दिल्ली की एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करता था। उसकी महीने की कमाई 17 हजार रुपए थी। वह जल्द ही पत्नी को भी दिल्ली ले जाने की तैयारी में था।
शिवानी का शादी से पहले अखिलेश पटेल से प्रेम संबंध था। दोनों अलग-अलग जाति से थे। इस वजह से परिवार शादी के लिए राजी नहीं था। मनीराम से शादी हो जाने के बाद भी शिवानी और अखिलेश का संपर्क नहीं टूटा। दोनों लगातार मिलते और बातें करते रहे।
जब मनीराम पत्नी को दिल्ली ले जाने की तैयारी करने लगा, तब हालात बदल गए। पुलिस के अनुसार यही वह मोड़ था जब शिवानी और अखिलेश ने मनीराम को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
दोस्ती बनी हत्या का जरिया
जांच में यह भी सामने आया कि अखिलेश ने पहले से ही मनीराम से दोस्ती कर ली थी। इसकी वजह थी कि उसके घर आना-जाना आसान हो जाए। किसी को शक भी न हो। यही कारण रहा कि अखिलेश मनीराम की शादी में भी मौजूद रहा। उसने बारात के स्वागत से लेकर बाकी रस्मों तक हिस्सा लिया।
यह दोस्ती दिखावे भर की थी। असल मकसद कुछ और ही था। पुलिस का कहना है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर बाद में मनीराम को जंगल बुलाया गया।
पार्टी के बहाने बुलाया, फिर हत्या
मृतक के चाचा जमना रैकवार के मुताबिक 8 जुलाई को मनीराम अखिलेश के बुलावे पर उसकी ससुराल में एक पार्टी में गया था। अगले दिन यानी 9 जुलाई को अखिलेश ने उसे दोबारा पार्टी के बहाने बुलाया।
आरोप है कि इसी दिन मनीराम को अमरोनिया जंगल ले जाया गया। वहां उसकी हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को नाले में फेंक दिया गया। शव के ऊपर बड़े-बड़े पत्थर रख दिए गए ताकि वह जल्दी न मिले। 10 जुलाई को बगाई नाला में उसका शव बरामद हुआ।
गले पर तीन वार, पेचकस बरामद
पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर महेश त्रिवेदी के अनुसार मनीराम के गले पर किसी नुकीली चीज से तीन वार किए गए थे। यही वार उसकी मौत की वजह बने।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर एक पेचकस बरामद किया है। शक है कि हत्या में इसी का इस्तेमाल हुआ। इसके अलावा मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और तौलिया भी जब्त किया गया है। यह सभी सामान जांच में अहम सबूत माने जा रहे हैं।
एसपी की टीम ने किया खुलासा
पुलिस अधीक्षक (एसपी – Superintendent of Police) रजत सकलेचा के निर्देशन में एक टीम बनाई गई थी। इस टीम ने मोबाइल कॉल डिटेल और तकनीकी सबूतों की मदद से पूरे मामले को सुलझाया।
पूछताछ के दौरान शिवानी, अखिलेश और भरत यादव ने साजिश और वारदात कबूल कर ली। पुलिस अब विवेचना पूरी करने के बाद कोर्ट में चालान पेश करेगी।
तीन आरोपी गिरफ्तार, अब क्या
इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पत्नी शिवानी रैकवार, प्रेमी अखिलेश पटेल और सहयोगी भरत यादव फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं। पुलिस अब सबूतों को कोर्ट में पेश करने की तैयारी में जुटी है।
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि पारिवारिक और सामाजिक दबाव कई बार कितना खतरनाक मोड़ ले सकते हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि साजिश में और कौन शामिल था।
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