छठ पर पटना जाना बैंकॉक-दुबई से भी महंगा! इंदौर से 22 हजार, भोपाल से 19 हजार किराया, ट्रेनों में भी टिकट संकट
इंदौर से पटना का किराया 22 हजार पार
मेकमायट्रिप पर 5 नवंबर 2026 को इंदौर से पटना का न्यूनतम हवाई किराया (Indore to Patna Flight fare) 22 हजार 76 रुपए है। इस किराये पर इंडिगो की कनेक्टिंग फ्लाइट उपलब्ध है।
यह फ्लाइट सुबह 8 बजकर 25 मिनट पर इंदौर से रवाना होगी। अहमदाबाद में स्टॉपेज के बाद शाम 5 बजकर 25 मिनट पर पटना पहुंचेगी। कुल यात्रा में 9 घंटे लगेंगे।
वहीं, एयर इंडिया की दूसरी फ्लाइट का किराया 22 हजार 693 रुपए है। यह फ्लाइट दोपहर 1 बजकर 55 मिनट पर इंदौर से उड़ान भरेगी। दिल्ली में स्टॉपेज के बाद शाम 7 बजकर 20 मिनट पर पटना पहुंचेगी।
इस फ्लाइट से यात्रा पूरी करने में 5 घंटे 25 मिनट लगेंगे। यानी यात्रियों को कम समय वाली उड़ान के लिए ज्यादा किराया चुकाना पड़ेगा।
एक दिन बाद किराया 26 हजार के पार
इंदौर से पटना के हवाई किराये में तारीख के अनुसार बड़ा अंतर है। 2 नवंबर को न्यूनतम किराया 8 हजार 490 रुपए है। वहीं, 3 नवंबर को टिकट 16 हजार 461 रुपए का है।
इसके बाद 4 नवंबर को किराया 19 हजार 295 रुपए हो जाता है। जबकि 5 नवंबर को टिकट 22 हजार 76 रुपए का है।
सबसे ज्यादा किराया 6 नवंबर को दिखाई दे रहा है। इस दिन पटना जाने का न्यूनतम टिकट 26 हजार 367 रुपए का है।
यानी 2 नवंबर और 6 नवंबर के किराये में 17 हजार 877 रुपए का अंतर है।
ऐसे में यात्रियों को अपनी छुट्टियों के साथ बजट भी देखना होगा। यात्रा की तारीख बदलने पर हजारों रुपए का फर्क पड़ सकता है।
भोपाल से पटना का किराया 19 हजार पार
भोपाल से पटना की यात्रा भी महंगी पड़ रही है। 5 नवंबर को इस रूट पर न्यूनतम हवाई किराया 19 हजार 676 रुपए है। यह एयर इंडिया एक्सप्रेस की कनेक्टिंग फ्लाइट का किराया है। विमान दोपहर 3 बजे भोपाल से रवाना होगा। दिल्ली में स्टॉपेज के बाद शाम 7 बजकर 20 मिनट पर पटना पहुंचेगा। कुल यात्रा का समय 4 घंटे 20 मिनट है।
वहीं, एयर इंडिया की दूसरी फ्लाइट का किराया 20 हजार 551 रुपए है। यह सुबह 8 बजकर 25 मिनट पर भोपाल से रवाना होगी। दिल्ली होते हुए शाम 5 बजकर 20 मिनट पर पटना पहुंचेगी। इस यात्रा में 8 घंटे 55 मिनट लगेंगे।
भोपाल का किराया भी तेजी से बदल रहा
भोपाल से पटना का न्यूनतम हवाई किराया 2 नवंबर को 9 हजार 845 रुपए है। वहीं, 3 नवंबर को टिकट 15 हजार 262 रुपए का है।
4 नवंबर को किराया 11 हजार 728 रुपए है। इसके अगले दिन यानी 5 नवंबर को यह बढ़कर 19 हजार 676 रुपए हो जाता है।
6 नवंबर को किराया 23 हजार 796 रुपए है। जबकि 7 नवंबर को टिकट 15 हजार 659 रुपए का है।
इस तरह 2 नवंबर के मुकाबले 6 नवंबर को यात्रा करने पर 13 हजार 951 रुपए अधिक खर्च होंगे।
हालांकि, हवाई किराया स्थायी नहीं होता। सीटों की उपलब्धता और बुकिंग के समय के अनुसार इसमें बदलाव हो सकता है।
पटना से सस्ता पड़ रहा बैंकॉक-दुबई का सफर
इंदौर और भोपाल से पटना के महंगे हवाई किराये की तुलना विदेश जाने वाली उड़ानों से करें, तो बड़ा अंतर सामने आता है। 5 नवंबर को इंदौर से पटना का टिकट 22 हजार 76 रुपए का है। जबकि इसी दिन पटना से बैंकॉक का न्यूनतम किराया (Patna to Bangkok, Thailand Flight fare) 16 हजार 320 रुपए है। यानी दोनों के किराये में 5 हजार 756 रुपए का अंतर है। वहीं, पटना से दुबई का टिकट 15 हजार 915 रुपए (Patna to Dubai Flight fare) में उपलब्ध है। यह इंदौर से पटना की फ्लाइट के मुकाबले 6 हजार 161 रुपए सस्ता है।
भोपाल से पटना का हवाई किराया भी इन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से ज्यादा है। 5 नवंबर को भोपाल से पटना का टिकट 19 हजार 676 रुपए का है। यह पटना से बैंकॉक की फ्लाइट के मुकाबले 3 हजार 356 रुपए महंगा है। वहीं, पटना से दुबई के टिकट की तुलना में 3 हजार 761 रुपए अधिक खर्च करने पड़ रहे हैं। हालांकि, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें अलग-अलग दिशाओं में हैं। यह तुलना 5 नवंबर की चुनिंदा उड़ानों के किराये पर आधारित है।
भोपाल से बिहार जाने वाली ट्रेन में वेटिंग 190
हवाई यात्रा के मुकाबले ट्रेन का किराया काफी कम है। लेकिन बिहार जाने वाली कई ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो रहा है।
Confirmtkt पर हमने चेक किया तो 5 नवंबर के लिए ट्रेन नंबर 11665, आरकेएमपी-अगरतला एक्सप्रेस में स्लीपर क्लास की वेटिंग 190 है।
वहीं, थर्ड एसी में REGRET की स्थिति है। थर्ड एसी इकॉनमी में वेटिंग 151 है। सेकंड एसी में भी REGRET है।
स्लीपर क्लास का किराया 530 रुपए है। थर्ड एसी का किराया 1 हजार 285 रुपए और थर्ड एसी इकॉनमी का किराया 1 हजार 380 रुपए है। सेकंड एसी का किराया 1 हजार 960 रुपए है।
थर्ड एसी इकॉनमी में टिकट कन्फर्म होने की अनुमानित संभावना 38 फीसदी है।
REGRET का मतलब है कि संबंधित श्रेणी में नई वेटिंग टिकट की बुकिंग भी स्वीकार नहीं की जा रही है।
दूसरी ट्रेन में भी टिकट बुकिंग बंद
ट्रेन नंबर 19435, अहमदाबाद-आसनसोल एक्सप्रेस में भी टिकट की स्थिति खराब है। 5 नवंबर के लिए स्लीपर, थर्ड एसी, थर्ड एसी इकॉनमी और सेकंड एसी में REGRET दिखाई दे रहा है। इसका मतलब है कि इन श्रेणियों में नई वेटिंग टिकट भी बुक नहीं की जा सकती।
ऐसे में जिन यात्रियों ने पहले से टिकट नहीं लिया, उन्हें दूसरी ट्रेन या तारीख का विकल्प तलाशना पड़ सकता है।
हालांकि, टिकट कैंसिल होने या सीटों की उपलब्धता बदलने पर बुकिंग की स्थिति में बदलाव संभव है।
इंदौर-दानापुर ट्रेन में भी लंबी वेटिंग
इंदौर से दानापुर जाने वाली स्पेशल ट्रेन में भी कन्फर्म टिकट की चुनौती है।
Confirmtkt पर 5 नवंबर को ट्रेन नंबर 09343, इंदौर-दानापुर स्पेशल में स्लीपर क्लास की वेटिंग 125 है। थर्ड एसी में वेटिंग 48 और थर्ड एसी इकॉनमी में 75 है। वहीं, सेकंड एसी में वेटिंग 37 है।
इस ट्रेन का स्लीपर किराया 770 रुपए है। थर्ड एसी का किराया 1 हजार 820 रुपए है। थर्ड एसी इकॉनमी में टिकट 1 हजार 915 रुपए और सेकंड एसी में 2 हजार 630 रुपए का है।
यह ट्रेन शाम 6 बजकर 40 मिनट पर इंदौर से रवाना होगी। अगले दिन रात 8 बजकर 45 मिनट पर दानापुर पहुंचेगी। कुल यात्रा का समय 26 घंटे 5 मिनट है।
टिकट कन्फर्म होने की कितनी संभावना?
इंदौर-दानापुर स्पेशल ट्रेन में स्लीपर टिकट कन्फर्म होने की अनुमानित संभावना 35 फीसदी है।
वहीं, थर्ड एसी में यह संभावना 60 फीसदी है। थर्ड एसी इकॉनमी में 57 फीसदी और सेकंड एसी में 52 फीसदी संभावना बताई गई है।
हालांकि, ये ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म के अनुमान हैं। टिकट कन्फर्म होने की गारंटी नहीं है। वास्तविक स्थिति सीटों की उपलब्धता और रेलवे के अंतिम आरक्षण चार्ट पर निर्भर करेगी।
कब है छठ पूजा?
साल 2026 में छठ पूजा 13 नवंबर से शुरू होगी। चार दिनों तक चलने वाला यह पर्व 16 नवंबर को संपन्न होगा।
पहले दिन नहाय-खाय की परंपरा निभाई जाएगी। दूसरे दिन खरना होगा। इसके बाद तीसरे दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।
चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ पर्व का समापन होगा।
छठ पूजा बिहार के प्रमुख लोकपर्वों में शामिल है। इस दौरान परिवार के सदस्य एक साथ पूजा में शामिल होते हैं।
यही वजह है कि दूसरे राज्यों में नौकरी, कारोबार और पढ़ाई करने वाले बिहार के लोग इस मौके पर घर लौटना चाहते हैं।
हालांकि, यहां दिए गए किराये और ट्रेन टिकट की स्थिति 5 नवंबर की है। यह छठ शुरू होने से आठ दिन पहले की तारीख है। पूजा के मुख्य दिनों में टिकट की कीमत और उपलब्धता अलग हो सकती है।
परिवार के चार लोगों का खर्च 88 हजार पार
छठ पूजा पर परिवार के साथ बिहार जाने वालों के लिए हवाई यात्रा का खर्च और बढ़ सकता है।
अगर इंदौर से चार लोगों के टिकट 22 हजार 76 रुपए प्रति व्यक्ति हों, तो एक तरफ का खर्च 88 हजार 304 रुपए होगा।
इसी तरह भोपाल से चार यात्रियों के टिकट पर 78 हजार 704 रुपए खर्च होंगे।
इसमें वापसी की यात्रा का खर्च शामिल नहीं है। पटना से आगे दूसरे जिलों तक पहुंचने के लिए भी अतिरिक्त खर्च करना पड़ सकता है।
हालांकि, वास्तविक किराया बुकिंग के समय बदल सकता है। बच्चों की उम्र और उपलब्ध ऑफर के अनुसार भी टिकट की कीमत अलग हो सकती है।
ऐसे में नौकरीपेशा परिवारों के लिए इतना बजट जुटाना आसान नहीं होगा।
आखिर इतना महंगा क्यों हुआ हवाई सफर?
हवाई किराया मुख्य रूप से यात्रियों की मांग और उपलब्ध सीटों पर निर्भर करता है। बुकिंग के समय और यात्रा की तारीख का भी असर पड़ता है।
त्योहारी सीजन में एक ही दिशा में बड़ी संख्या में लोग सफर करना चाहते हैं। इससे लोकप्रिय रूट पर कम किराये वाली सीटें जल्दी खत्म हो सकती हैं।
हालांकि, इंदौर और भोपाल से पटना के महंगे टिकटों की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं है।
इसके लिए संबंधित एयरलाइंस का पक्ष और किराये के पिछले आंकड़ों की जानकारी जरूरी होगी।
लेकिन यात्रियों के लिए सबसे बड़ी चिंता यही है कि उन्हें घर पहुंचने के लिए कितना खर्च करना पड़ेगा।
क्या स्पेशल ट्रेनों से मिलेगी राहत?
रेलवे त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए स्पेशल ट्रेनें चलाता है।
इंदौर से दानापुर की स्पेशल ट्रेन में भी लंबी वेटिंग है। वहीं, भोपाल से बिहार जाने वाली कुछ ट्रेनों में नई बुकिंग बंद होने की स्थिति है। इससे अतिरिक्त ट्रेनों और फेरों की जरूरत का सवाल उठता है।
इंदौर और भोपाल से बिहार जाने वाले यात्रियों को राहत देने के लिए अतिरिक्त रेल सेवाएं उपयोगी हो सकती हैं।
हालांकि, किसी नई ट्रेन या अतिरिक्त फेरे की आधिकारिक घोषणा होने तक इसकी पुष्टि नहीं मानी जा सकती।
छठ पर घर कैसे पहुंचेंगे बिहार के लोग?
मध्य प्रदेश के इंदौर, भोपाल और दूसरे शहरों में बिहार के लोग नौकरी, कारोबार और पढ़ाई करते हैं। इनमें कई लोग हर साल छठ पूजा के लिए अपने गांव और शहर लौटते हैं।
किसी को माता-पिता के साथ पूजा करनी है, तो किसी को पूरे परिवार के साथ घाट पर अर्घ्य देना है। लेकिन महंगा हवाई किराया और ट्रेनों की लंबी वेटिंग उनकी यात्रा की योजना प्रभावित कर सकती है।
अब यात्रियों को अपनी छुट्टियों के साथ टिकट की कीमत और उपलब्धता भी देखनी होगी। कुछ लोगों को यात्रा की तारीख बदलनी पड़ सकती है। वहीं, कुछ यात्रियों को कनेक्टिंग ट्रेन या दूसरे स्टेशन से सफर करने का विकल्प तलाशना होगा।
त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए अतिरिक्त परिवहन सेवाएं महत्वपूर्ण हो जाती हैं। क्योंकि छठ पर बिहार लौटने वाले लोगों के लिए यह सिर्फ यात्रा नहीं है। यह अपने परिवार के साथ आस्था और परंपरा के चार दिन बिताने का अवसर भी है।