दिवाली पर चित्रकूट में उमड़ेगी आस्था की भीड़: 50 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद, नदी पार करने के लिए बनाए दो पीपा पुल
इतनी बड़ी भीड़ को संभालने के लिए मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश प्रशासन ने खास इंतजाम किए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा से लेकर पार्किंग, इलाज और नदी पार करने तक की व्यवस्था की गई है। सतना जिले के चित्रकूट को रंगीन रोशनी और आकर्षक स्वागत द्वारों से सजाया गया है। मेले में आने वाले लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। भीड़ पर नजर रखने के साथ ही घाटों पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं।
मेला क्षेत्र को 11 जोन में बांटा गया
मध्यप्रदेश के मेला क्षेत्र को 11 जोन में बांटा गया है। यहां 64 कार्यपालिक मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने सभी की ड्यूटी तय कर दी है। इनके साथ पटवारी भी मौजूद रहेंगे। अधिकारी तीन शिफ्टों में काम करेंगे। सभी को 5 नवंबर को अपनी तय जगह पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश प्रशासन ने अपने क्षेत्र को 8 जोन और 22 सेक्टरों में बांटा है।
नदी पार करने के लिए दो पीपा पुल तैयार
जानकारी के मुताबिक, अगस्त में मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ से हनुमानधारा को जोड़ने वाला बड़ा पुल बह गया था। अब श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए दो अस्थायी पीपा पुल बनाए गए हैं। पहला पुल पहले ही तैयार हो चुका था, जबकि दूसरा 04 नवंबर यानी बुधवार को बनकर तैयार हुआ।
बता दें क्षतिग्रस्त बड़े पुल पर रामसेतु की चित्रकारी की गई है। भरत घाट पर श्रद्धालुओं के लिए फ्लोटिंग की व्यवस्था भी की गई है। नदी के घाटों पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीईआरएफ के जवान 24 घंटे तैनात रहेंगे।
गुप्त गोदावरी की गुफाएं बंद, ऑनलाइन कर सकेंगे दर्शन
खबरों के मुताबिक, चित्रकूट आने वाले श्रद्धालु फिलहाल गुप्त गोदावरी की गुफाओं में नहीं जा सकेंगे। भारी बारिश और बाढ़ के कारण ये गुफाएं असुरक्षित हो गई हैं। सुरक्षा को देखते हुए इन्हें बंद रखा गया है। हालांकि, श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन सूक्ष्म दर्शन की व्यवस्था की गई है।
10 नवंबर तक भारी वाहनों की नो एंट्री, 9 जगह पार्किंग
बता दें मेले के दौरान ट्रैफिक जाम से बचने के लिए 6 से 10 नवंबर तक भारी वाहनों की एंट्री बंद रहेगी। ट्रकों और लोडर वाहनों को दूसरे रास्तों से भेजा जाएगा। सोनौर चौराहा से आने वाले भारी वाहन सिंहपुर-कालिंजर मार्ग से गुजरेंगे।
वहीं, पिंडरा तिराहा से वाहनों को बरौंधा-खोही मार्ग पर भेजा जाएगा। दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए 9 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। सतना से आने वाली बसें मोकमगढ़ तिराहा स्थित अस्थायी बस स्टैंड पर खड़ी होंगी।
8 जगह मेडिकल टीमें, अस्पतालों में बेड रिजर्व
जानकारी के मुताबिक, भीड़ के बीच किसी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने पर तुरंत इलाज मिल सके, इसके लिए 8 स्थानों पर 16 मेडिकल टीमें लगाई गई हैं। ये टीमें दो शिफ्टों में काम करेंगी। करीब 50 स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
सीएमएचओ डॉ. मनोज शुक्ला के मुताबिक, मझगवां, कोठी, उचेहरा, बिरसिंहपुर और जिला अस्पताल मैहर में 5-5 बेड रिजर्व रखे गए हैं। मेले में मिलने वाले खाने-पीने के सामान की गुणवत्ता जांचने के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की भी ड्यूटी लगाई गई है।
FAQs
- चित्रकूट में दिवाली अमावस्या मेला कब से कब तक लगेगा?
चित्रकूट में पांच दिवसीय दिवाली अमावस्या मेला 6 नवंबर से 10 नवंबर तक चलेगा। - चित्रकूट मेले में कितने श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है?
इस बार मेले में करीब 50 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। - क्या चित्रकूट में गुप्त गोदावरी के दर्शन हो सकेंगे?
भारी बारिश और बाढ़ के कारण गुफाएं असुरक्षित हो गई हैं, इसलिए फिलहाल गुफाएं बंद रहेंगी। हालांकि, श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन सूक्ष्म दर्शन की व्यवस्था की गई है।