द सूत्र की खबर पर लगी मुहर: जस्टिस संजीव सचदेवा बनेगे सुप्रीम कोर्ट जज, कॉलेजियम ने की पांच नए जजों की सिफारिश
नई दिल्ली / भोपाल. भारतीय न्यायपालिका के उच्च गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने अपनी 22 और 27 मई 2026 को आयोजित बैठकों में देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court of India) के लिए पांच नए जजों के नामों की सिफारिश की है। इस सूची में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) संजीव सचदेवा का नाम भी शामिल है।
गौरतलब है कि ओबीसी (OBC) आरक्षण के मामले की पिछली सुनवाई के दिन ही 'द सूत्र' ने अपने पाठकों और दर्शकों को एक्सक्लूसिव तौर पर बता दिया था कि चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा अब सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में प्रमोट होने वाले हैं। आज सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम का आधिकारिक आदेश सार्वजनिक होने के बाद 'द सूत्र' की उस खबर पर अंतिम मुहर लग चुकी है, जिससे एक बार फिर साबित हो गया है कि अंदरूनी और विश्वसनीय खबरों के मामले में 'द सूत्र' सबसे आगे है।
कॉलेजियम द्वारा अनुशंसित जजों की सूची
1. जस्टिस शील नागू: चीफ जस्टिस, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट (मूल हाई कोर्ट: मध्य प्रदेश)
2. जस्टिस चंद्रशेखर: चीफ जस्टिस, बॉम्बे हाई कोर्ट (मूल हाई कोर्ट: झारखंड)
3. जस्टिस संजीव सचदेवा: चीफ जस्टिस, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (मूल हाई कोर्ट: दिल्ली) - जिनके नाम का पूर्वानुमान 'द सूत्र' ने पहले ही लगा दिया था।
4. जस्टिस अरुण पल्ली: चीफ जस्टिस, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट (मूल हाई कोर्ट: पंजाब और हरियाणा)
5. श्रीमती वी. मोहाना: वरिष्ठ अधिवक्ता (Senior Advocate), सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया
सीनियर एडवोकेट वी. मोहाना की सिफारिश: बने कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड
इस कॉलेजियम सूची में सर्वोच्च न्यायालय की वरिष्ठ अधिवक्ता वी. मोहाना का नाम सबसे खास और ऐतिहासिक माना जा रहा है। बार (Bar) से सीधे बेंच (Bench) के लिए चुनी गईं वी. मोहाना का सुप्रीम कोर्ट जज के रूप में प्रमोट होना कई बड़े रिकॉर्ड बना रहा है:
तमिलनाडु की दूसरी महिला जज
जस्टिस भानुमति के बाद वह तमिलनाडु से सुप्रीम कोर्ट पहुंचने वाली दूसरी महिला न्यायाधीश होंगी। जस्टिस इंदु मल्होत्रा के बाद वी. मोहाना देश की दूसरी ऐसी महिला जज बनेंगी, जिन्हें सीधे एडवोकेट से सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया जा रहा है।
इतिहास में 11वीं बार
भारतीय सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में बार (वकीलों के संगठन) से सीधे जज बनने वाली वह कुल 11वीं कानूनी विशेषज्ञ होंगी।
कोयंबटूर का अनूठा संयोग
जस्टिस के.वी. विश्वनाथन के बाद वी. मोहाना कोयंबटूर की दूसरी ऐसी सदस्य होंगी जो सुप्रीम कोर्ट बेंच का हिस्सा बनेंगी। दिलचस्प बात यह है कि ये दोनों कानून के एक ही कॉलेज और एक ही बैच के सहपाठी रहे हैं।
महिला प्रतिनिधित्व: 5 साल बाद मिली जगह
सर्वोच्च न्यायालय में महिलाओं के प्रतिनिधित्व के लिहाज से यह बेहद महत्वपूर्ण कदम है। पिछले करीब 5 वर्षों में यह पहली बार है जब किसी महिला को सीधे सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में पदोन्नत करने की सिफारिश की गई है। इससे पहले 31 अगस्त 2021 को महिला जजों की आखिरी पदोन्नति हुई थी, जब जस्टिस हिमा कोहली, जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी और जस्टिस बी.वी. नागरत्ना ने एक साथ शपथ ली थी।
एडवोकेट बिरादरी के लिए गर्व का क्षण
वी. मोहाना की यह यात्रा देश के सभी वकीलों के लिए प्रेरणादायी है। वह पहले सुप्रीम कोर्ट में एक एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड (AoR) के रूप में पंजीकृत हुईं, जिसके बाद उनकी उत्कृष्ट प्रतिभा को देखते हुए उन्हें 'सीनियर एडवोकेट' का दर्जा दिया गया। अब, कॉलेजियम द्वारा सीधे देश की सबसे बड़ी अदालत के न्यायाधीश के रूप में उनके नाम की सिफारिश किया जाना संपूर्ण AoR बिरादरी के लिए एक अत्यंत गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण है।
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