Bhopal CJP Protest: 29 जून को सड़कों पर उतरेगी कॉकरोच जनता पार्टी, इन मांगों पर जोर
समझें क्या है पूरा मामला
- कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 29 जून को भोपाल में महाआंदोलन का ऐलान किया है।
- पार्टी युवाओं, शिक्षकों और सरकारी नौकरी के उम्मीदवारों की तरफ से आवाज उठाएगी।
- आंदोलन में सरकार के सामने 7 बड़ी मांगें रखी जाएंगी।
- अतिथि शिक्षकों के लिए दोगुने वेतन और 12 महीने के वेतनमान की मांग सबसे अहम है।
- परीक्षा में गड़बड़ी होने पर संबंधित मंत्री से इस्तीफे की मांग भी इसमें शामिल है।
भोपाल में CJP का महाआंदोलन
मध्यप्रदेश में बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी लगातार बढ़ रही है। इसी नाराजगी को अब सड़क पर उतारने की तैयारी हो रही है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 29 जून को राजधानी भोपाल में बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है।
पार्टी ने प्रदेश के युवाओं, सरकारी नौकरी के उम्मीदवारों और शिक्षकों से इस शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।
कौन करेगा नेतृत्व
यह प्रदर्शन अभिजीत दीपके और सोनम वांगचुक के नेतृत्व में होगा। पार्टी के संयोजक नीरज द्विवेदी और प्रदेश उपाध्यक्ष नागु सिंह देवड़ा भी इस आंदोलन का हिस्सा बनेंगे।
पार्टी का कहना है कि रोजगार, परीक्षा में गड़बड़ी और मंत्रियों व अधिकारियों की जवाबदेही से जुड़े मुद्दे लंबे समय से लटके हुए हैं। इन्हें अब सरकार के सामने खुलकर उठाया जाएगा।
वेटिंग शिक्षक संघर्ष मोर्चा कर रहा समन्वय
मध्य प्रदेश में शिक्षक वर्ग 1 और 2 की पात्रता परीक्षा 2023 में जबकि चयन परीक्षा 2024 में हुई थी। जितने पदों के लिए कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से चयन परीक्षा का आयोजन किया गया उतने पदों पर नियुक्ति ही नहीं हुई।
जबकि मध्य प्रदेश के स्कूलों में 60 हजार से ज्यादा विभिन्न श्रेणी के शिक्षकों के पद खाली हैं। पात्रता और चयन परीक्षा के बाद भी नियुक्ति से वंचित अभ्यर्थी बीते डेढ़ साल से पद वृद्धि की मांग कर रहे हैं।
प्रदेश में कर्मचारी चयन मंडल और एमपीपीएससी की परीक्षाओं में भी लगातार गड़बड़ी सामने आ रही है। हाल ही में चार भर्ती परीक्षाओं के रद्द होने से लाखों अभ्यर्थियों में नाराजगी है। वहीं पेपर लीज और परीक्षा परिणामों में हेराफेरी से भी युवा नाराज है।
सरकार की बेरुखी से युवा वर्ग में नाराजगी
शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों की अगुवाई कर रहे देवेश पालीवाल, नीरज द्विवेदी का कहना है सरकार तक कई बार अपनी बात पहुंचाई जा चुकी है। स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदयप्रताप से भी बार- बार प्रतिनिधिमंडल मिलकर अपनी परेशानी से अवगत करा चुका है।
पात्रता हासिल करने के बाद चयन परीक्षा पास कर चुके अभ्यर्थी सरकार के सभी मानदंडों को पूरा करते हैं। सरकार की बेरुखी युवा वर्ग में नाराजगी बढ़ा रही है।
भर्ती निकली लेकिन नहीं मिली नियुक्ति
डेढ़ साल पहले जिन 8800 पदों पर भर्ती आई थी उसमें से भी करीब तीन हजार पद ही भरे गए हैं। करीब पांच हजार पदों पर बैकलॉक का हवाला दिया गया, लेकिन इन्हें बैकलॉक अभ्यर्थियों से भी नहीं भरा गया है।
अपनी योग्यता साबित करने वाले हजारों अभ्यर्थी नियुक्ति के लिए भटक रहे हैं। उनका नेतृत्व कर रहे पुष्पेन्द्र त्रिवेदी और नागूसिंह देवड़ा ने बताया सरकारी स्कूलों में कक्षाएं खाली पड़ी हैं।
70 हजार से ज्यादा अतिथि शिक्षकों के सहारे पढ़ाई हो रही है। स्कूल शिक्षा की हालत खराब है, लगातार छात्रों की संख्या घट रही है और सरकारी स्कूलों को बंद करना पड़ रहा है।
पेपर लीक और भर्तियों में गड़बड़ी पर केंद्रित आंदोलन
सीजेपी की अगुवाई में 29 जून को भोपाल में आंदोलन की तैयारी शुरू हो गई है। शिक्षक वर्ग 1 और 2 के अभ्यर्थी संघर्ष मोर्चा इसका समन्वय कर रहा है। वहीं दूसरे विभागों की भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी से प्रभावित, नियुक्तियों में देरी और पेपर लीक से नाराज युवा और छात्रों को भी आंदोलन में जोड़ा जा रहा है।
संघर्ष मोर्चा के देवेश पालीवाल ने बताया कॉकरोच जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश के युवा और छात्रों के आंदोलन में शामिल होने की सहमति दी है। आयोजन की रूपरेखा तैयार की जा रही है। जल्द ही प्रशासनिक अनुमति हासिल कर आंदोलन के लिए स्थान तय कर लिया जाएगा।
FAQ
- CJP का भोपाल में प्रदर्शन कब होगा?
कॉकरोच जनता पार्टी का महाआंदोलन 29 जून को राजधानी भोपाल में होगा। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहेगा। पार्टी ने युवाओं और शिक्षकों से बड़ी संख्या में जुड़ने की अपील की है। - CJP की सरकार से क्या मुख्य मांगें हैं?
पार्टी की 7 मांगों में अतिथि शिक्षकों के लिए 12 महीने का वेतन और दोगुना वेतन, वेटिंग लिस्ट क्लियर करना, और पुलिस-शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाना शामिल है। परीक्षा गड़बड़ी पर मंत्री से इस्तीफे की मांग भी की गई है। इसके अलावा कम से कम 50 प्रतिशत नियुक्तियां सुनिश्चित करने की मांग भी है। - अतिथि शिक्षकों के लिए CJP क्या मांग रही है?
CJP चाहती है कि अतिथि शिक्षकों को साल के 12 महीने वेतन मिले। साथ ही उनका मौजूदा वेतन दोगुना किया जाए। यह मांग लंबे समय से लंबित है और हजारों शिक्षक इससे प्रभावित हैं।
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