CJP Protest के कारण भोपाल रेलवे मंडल में 4500 टिकट कैंसिल, 35 लाख का रिफंड देगी रेलवे, जानें कब खाते में आएंगे पैसे
भोपाल रेल मंडल पर क्या असर पड़ा
भोपाल रेलवे मंडल (Bhopal railway division) ने दो दिन के रद्द टिकटों का हिसाब जारी किया है। 9 और 10 अक्टूबर की यात्राओं के कुल 4500 टिकट कैंसिल हुए। हर टिकट के पीछे एक यात्री की बनाई हुई योजना थी। मध्य प्रदेश के यात्रियों को दोहरी परेशानी झेलनी पड़ी। एक तरफ ट्रेनें अचानक रद्द हुईं। दूसरी तरफ आंदोलन के कारण सुरक्षा व्यवस्था कड़ी हो गई। खबर के मुताबिक कई यात्रियों ने महीनों पहले रिजर्वेशन करा रखा था। उनकी योजना पर पानी फिर गया। कुछ को यात्रा टालनी पड़ी, तो कुछ ने दूसरे साधनों का सहारा लिया।
टिकट रिफंड कब और कैसे मिलेगा
रेलवे प्रशासन ने साफ किया है कि प्रभावित यात्रियों को पूरा टिकट रिफंड मिलेगा। रकम सीधे यात्रियों के खातों में जाएगी। इस पर कुल 35 लाख रुपए खर्च होंगे। हिसाब लगाएं तो हर टिकट पर औसतन करीब 778 रुपए लौटेंगे। यह सिर्फ औसत है। हर टिकट का किराया अलग है। इसलिए किसी को ज्यादा, किसी को कम रकम मिलेगी।
रिफंड कितने दिन में मिलेगा?
आपका टिकट भी रद्द हुआ है, तो पैसा कब आएगा? रिफंड कितने दिन में मिलेगा, यह रेलवे ने साफ बताया है। जवाब है 24 से 48 घंटे। नियमों के तहत यह रेेलवे रिफंड (railway refund) तय समय सीमा में लौटाया जा रहा है। रेलवे ने यही जानकारी जारी की है। पैसा यात्रियों के खातों में सीधे पहुंचेगा।
दिल्ली रूट की ट्रेनें किन पर पड़ी मार
इस बार ट्रेन कैंसिल (train cancelled) होने की सूची में राजधानी से जनशताब्दी तक शामिल हैं। दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों के लिए यह हफ्ता मुश्किल भरा रहा है।
9 अक्टूबर को पांच ट्रेनें पूरी तरह रद्द
9 अक्टूबर को मुंबई-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस पूरी तरह निरस्त रही। जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस और महाकौशल एक्सप्रेस भी नहीं चलीं। एमपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस और शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस भी पूरी तरह रद्द रहीं।
10 अक्टूबर को किन ट्रेनों पर पड़ा असर
10 अक्टूबर को शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस दिल्ली से रवाना नहीं हो सकी। यह हजरत निजामुद्दीन-रानी कमलापति ट्रेन है, जो दिल्ली से भोपाल आती है। उसी दिन कोटा-हजरत निजामुद्दीन जनशताब्दी एक्सप्रेस भी नहीं चल पाई।
रेलवे अफसर ने क्या भरोसा दिया
यह बयान रिफंड के समय पर रेलवे का आधिकारिक पक्ष है। खबर के मुताबिक ट्रेनें रद्द होने की मुख्य वजह सीजेपी आंदोलन की गतिविधियां रहीं। रेलवे के बुनियादी ढांचे से जुड़े काम भी इसकी वजह बताए गए हैं।
रूट डायवर्जन से और बढ़ी दिक्कत
बीना-आगासौद यार्ड में चल रहे री-मॉडलिंग के काम ने यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। यार्ड के ढांचे को नए सिरे से तैयार करने के चलते रेलवे ने 15 अक्टूबर तक करीब 17 ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया है। आंदोलन के साथ-साथ जारी इस निर्माण कार्य से यात्रियों को दोहरी परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई यात्रियों ने तो महीनों पहले ही टिकट बुक करा लिए थे, जो अब रद्द होने की कगार पर हैं। उनकी नजरें अब रिफंड के तौर पर बैंक खाते में आने वाली रकम पर टिकी हैं।