बेशर्म के फूलों से विरोध! ट्राइबल अफसर के रिटायरमेंट पर छात्रों का अनोखा प्रदर्शन
News In Short
● ट्राइबल विभाग के सहायक आयुक्त सीके दुबे के रिटायरमेंट पर छात्रों ने किया विरोध।
● छात्रों ने स्वागत के नाम पर बेशर्म के फूल भेंट कर जताई नाराजगी।
● छात्र संगठनों ने कार्यकाल को विवादों और उपेक्षा से भरा बताया।
● छात्रावासों और छात्र हितों से जुड़ी समस्याओं के समाधान न होने का आरोप।
● छात्र नेताओं ने कहा- भगवान करे दोबारा ऐसा अधिकारी इस पद पर न आए।
Intro
जबलपुर में अनुसूचित जनजाति विकास विभाग के सहायक आयुक्त सीके दुबे की सेवानिवृत्ति के दिन एक अनोखा विरोध देखने को मिला। छात्र नेताओं और छात्रावासों से जुड़े छात्रों ने उन्हें बेशर्म के फूल भेंट कर अपना विरोध दर्ज किया। छात्रों का आरोप है कि अधिकारी के कार्यकाल में उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ और केवल आश्वासन ही मिलते रहे।
News in detail
रिटायरमेंट में देखने को मिला अलग ही नजारा
जहां आमतौर पर किसी अधिकारी की सेवानिवृत्ति पर फूल-मालाओं, सम्मान समारोहों और भावुक विदाई का माहौल देखने को मिलता है, वहीं जबलपुर में ट्राइबल विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी की विदाई चर्चा का विषय बन गई। अनुसूचित जनजाति विकास विभाग के सहायक आयुक्त सीके दुबे के सेवानिवृत्ति दिवस पर कुछ छात्र और छात्र नेता उनके कार्यालय पहुंचे और उन्हें सम्मान स्वरूप नहीं बल्कि विरोध के प्रतीक के रूप में बेशर्म के फूल भेंट किए। इस घटनाक्रम ने पूरे विभाग में चर्चा छेड़ दी है।
छात्रों ने लगाया समस्याओं की अनदेखी का आरोप
प्रदर्शन करने पहुंचे छात्रों का आरोप था कि पिछले एक वर्ष के दौरान छात्रावासों से जुड़ी अनेक समस्याओं, छात्र हितों की योजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर लगातार शिकायतें की जाती रहीं, लेकिन विभागीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। छात्रों का कहना है कि हर बार केवल आश्वासन दिए गए, जबकि जमीनी स्तर पर समस्याएं जस की तस बनी रहीं। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने रिटायरमेंट के दिन अपना विरोध दर्ज कराने का फैसला किया।
आप जैसा अधिकारी दोबारा न आए कहकर जताई नाराजगी
विरोध करने पहुंचे छात्रों ने अधिकारी को बेशर्म के फूल भेंट करते हुए कहा कि उनका कार्यकाल भ्रष्टाचार और प्रशासनिक उदासीनता का प्रतीक रहा है। छात्रों ने यहां तक कहा कि भगवान करे भविष्य में इस पद पर उनके जैसा कोई अधिकारी दोबारा न आए। इस दौरान अधिकारी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और शांत रहकर छात्रों की बातें सुनीं, लेकिन यह दृश्य वहां मौजूद कर्मचारियों और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
छात्र संघ ने सुनाई अपनी पीड़ा
अनुसूचित जाति-जनजाति छात्र संघ के अध्यक्ष सोनेलाल उरेती ने बताया कि आदिवासी छात्रावासों सहित कई मुद्दों को लेकर बार-बार विभाग के समक्ष शिकायतें रखी गईं। छात्र संगठन लगातार समाधान की मांग करता रहा, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिले। उनका आरोप है कि छात्रों की वास्तविक समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसके कारण संगठन और छात्र समुदाय में असंतोष बढ़ता गया।
पूरे विभाग में चर्चा का विषय बनी विदाई
सरकारी विभागों में विदाई समारोह आमतौर पर सम्मान और उपलब्धियों को याद करने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन सीके दुबे की विदाई एक अलग वजह से चर्चा में आ गई है। छात्रों द्वारा बेशर्म के फूल भेंट कर किया गया यह विरोध न केवल विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि छात्र समुदाय के भीतर लंबे समय से नाराजगी सुलग रही थी। अब यह मामला पूरे विभाग और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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