एशिया की सबसे बड़ी साबुन फैक्ट्री भिंड में शुरु, CM बोले विश्व में होगा MP का नाम

Sanjay Dhiman | Aug 26, 2026, 23:04 IST
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भिंड के मालनपुर में सीएम मोहन यादव ने गोदरेज की नई यूनिट शुरू की। यह एशिया की सबसे बड़ी साबुन फैक्ट्री है, जिसमें 450 करोड़ का निवेश हुआ है और 500 लोगों को रोजगार मिलेगा।

सीएम मोहन यादव ने भिंड में गोदरेज ग्रुप की नई फैक्ट्री का शुभारंभ किया। यह इकाई गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की चौथी यूनिट है। कंपनी ने यहां 450 करोड़ रुपए से ज्यादा निवेश किया है। यह अब एशिया की सबसे बड़ी साबुन फैक्ट्री बन गई है। इससे भिंड में करीब 500 लोगों को रोजगार मिलेगा।



भिंड के मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में बुधवार को बड़ा आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड की चौथी यूनिट का शुभारंभ किया। कंपनी ने यहां 450 करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश किया है। इस नई यूनिट से जिले को नई पहचान मिली है।



मालनपुर में नई शुरुआत

यह फैक्ट्री अब एशिया की सबसे बड़ी साबुन इकाई बन गई है। यहां हर मिनट करीब 4000 साबुन तैयार होंगे। इतनी बड़ी उत्पादन क्षमता इस क्षेत्र में पहली बार देखी गई है। इससे भिंड जिले में सीधे तौर पर 500 लोगों को रोजगार मिलेगा। स्थानीय युवाओं के लिए यह बड़ा मौका है। कई परिवारों की आजीविका अब इस फैक्ट्री से जुड़ जाएगी।



सीएम ने कहा कि यह प्रदेश में खुलने वाली तीसरी बड़ी यूनिट है। दो महीने से भी कम समय में तीन बड़े प्लांट शुरू हुए हैं। इससे पहले गुना में 1500 करोड़ का सीमेंट प्लांट लगा था। शिवपुरी में 3500 करोड़ का प्लांट भी स्थापित हो चुका है।



इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार नया निवेश आ रहा है। पहले चंबल क्षेत्र को पिछड़ा माना जाता था। अब यहां धीरे-धीरे औद्योगिक विकास बढ़ रहा है।



नई यूनिट से प्रति मिनट 4000 साबुन बनेंगे।


सीएम का मजेदार अंदाज

सीएम ने अपने भाषण में हल्के-फुल्के अंदाज में बात कही। उन्होंने कहा कि सिर्फ एमओयू नहीं किए, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारा। यह इंडस्ट्री एशिया का सबसे बड़ा साबुन उद्योग है। यहां प्रति मिनट 4000 साबुन बनेंगे।



उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि देश में मच्छर कहीं भी हों। लेकिन गुडनाइट अब भिंड से ही जाएगा। इस बयान पर मौजूद लोगों ने खूब तालियां बजाईं। सीएम ने गोदरेज ब्रांड पर भरोसे की बात भी कही।



उन्होंने कहा कि हर घर में गोदरेज की अलमारी होती थी। लोग अलमारी को ही गोदरेज नाम से बुलाते थे। उन्हें दूसरी अलमारी के बारे में पता ही नहीं था। यह गोदरेज की साख को दिखाता है। सीएम के मुताबिक यही भरोसा अब नई साबुन फैक्ट्री तक पहुंच गया है।



सीएम ने आगे कहा कि व्यावसायिक घरानों से कई घरों में रोशनी आती है। इससे सुख-समृद्धि का रास्ता भी खुलता है। आज भिंड को 450 करोड़ की नई सौगात मिली है। यह मेड-इन-एमपी की एक और मिसाल है।



उन्होंने बताया कि 8 से 10 महीने पहले भी वे यहां आए थे। तब उन्होंने एलिक्सर इंडस्ट्रीज के 1500 करोड़ के प्लांट का भूमि-पूजन किया था। जल्द ही उस प्लांट का भी लोकार्पण किया जाएगा। इससे क्षेत्र में और रोजगार बढ़ेगा।



चंबल में बदलाव की कहानी

सीएम ने कहा कि भोपाल में जीआईएस से पहले सरकार ने कदम उठाए थे। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के जरिए हर क्षेत्र की संभावना तलाशी गई। इसी आधार पर ग्वालियर में टेलीकॉम सेक्टर की बड़ी यूनिट आएगी। टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग जोन के जरिए ग्वालियर अंचल बदलेगा।



एक समय चंबल बेल्ट दस्यु समस्या के लिए जाना जाता था। अब यह क्षेत्र निवेश और रोजगार के लिए पहचान बना रहा है। ग्वालियर-चंबल इलाके की तस्वीर तेजी से बदल रही है। पुरानी छवि की जगह अब उद्योग और निवेश की बात हो रही है। सीएम ने कहा कि हजारों घरों में अब नई सुबह आएगी। यह बदलाव आने वाले वर्षों में और तेज होने की उम्मीद है।



आगे की योजना क्या है

मुख्यमंत्री ने बताया कि गोदरेज समूह मालनपुर में पांचवीं यूनिट भी जल्द शुरू करेगा। उन्होंने कंपनी से स्थानीय युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण शुरू करने को भी कहा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार की गुणवत्ता बढ़ेगी।



उन्होंने बताया कि जनवरी 2027 में जीआईएस (GIS – Global Investors Summit) आयोजित होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर इसका शुभारंभ करेंगे। सरकार मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने में जुटी है। तेज गति से आ रहे निवेश से रोजगार के मौके बढ़ रहे हैं।



सीएम ने दावा किया कि मध्यप्रदेश में बेरोजगारी दर देश में सबसे कम है। सरकार का दावा है कि आने वाले महीनों में और भी बड़ी इकाइयां प्रदेश में लगेंगी। इससे प्रदेश के अलग-अलग जिलों में रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।



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