मध्यप्रदेश पुलिस : अधूरी भर्ती के बीच नई भर्तियों की घोषणा से अभ्यर्थियों में बढ़ा असमंजस
मध्यप्रदेश पुलिस 7500 पदों पर भर्ती करने जा रही है। गृह विभाग ने 3 दिन पहले अपने X अकाउंट पर एक पोस्ट किया है। सीएम डॉ.मोहन यादव प्रदेश में बजट सत्र के बाद कई बार भाषणों में 7500 से ज्यादा पदों पर भर्ती की घोषणा करते आ रहे हैं। ऐसे में अधूरी भर्ती के बीच नई भर्तियों की घोषणा ने अभ्यर्थियों में असमंजस बढ़ा दिया है। वे समझ नहीं पा रहे हैं अब कर्मचारी चयन मंडल पहले पुरानी भर्ती को पूरा करेगा या नई भर्ती भी इसी के साथ होगी। हांलाकि तमाम घोषणाओं के बाद अब तक विभाग ने नई भर्तियों के लिए नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है।
बीते साल 7411 पदों पर निकली भर्ती अभी भी अधर में है और अब तक केवल रिटर्न टेस्ट ही हुआ है। पुरानी भर्ती की उलझन में फंसे लाखों युवा अब फिजिकल टेस्ट की तैयारी में जुटे हैं और विभाग के ढीले रवैए और भर्ती प्रक्रिया से परेशान नजर आ रहे हैं। उनका कहना है 7411 पद पर भर्ती सवा साल से चल रही है लेकिन पूरी नहीं हुई है। उधर सरकार ने 7500 पदों पर भर्ती की घोषणा को लेकर पोस्ट सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया है। अब पहले से चल रही भर्ती में नई घोषणा के पद समाहित होंगे या नई-पुरानी भर्तियों में करीब 15 हजार पदों पर अवसर उपलब्ध कराएगा।
पुरानी भर्ती में अभी और लगेगा समय
प्रदेश में कर्मचारी चयन मंडल ने बीते साल यानी 2023 में आरक्षक भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया था। 7411 पदों पर आरक्षक बनने साढ़े 7 लाख युवा रिटर्न टेस्ट में शामिल हुए। कई माह तक कर्मचारी चयन रिटर्न टेस्ट का परिणाम घोषित करना भूल गया। तब परेशान अभ्यर्थियों को गृह विभाग में शिकायत करनी पड़ी थी। रिटर्न टेस्ट में सफल रहे 59 हजार आवेदकों को अब फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाया गया है। यह टेस्ट संभवतया सितम्बर-अक्टूबर माह में होगा। यानी फिजिकल टेस्ट के बाद आवेदकों को दूसरी औपचारिकता का भी सामना करना पड़ेगा। कुल मिलाकर भर्ती प्रक्रिया में एक_ सवा साल का लंबा समय लगने के कारण अभ्यर्थी परेशान हैं। दिन में उन्हें घर चलाने के लिए काम करना पड़ता है और फिजिकल टेस्ट पास करने की उम्मीद में रात में घंटों मशक्कत करनी होती है। पुलिस भर्ती को लेकर सरकार और गृह विभाग का रवैए हमेशा ठंडा ही रहा है। इस कारण भर्ती प्रक्रिया अटकी हुई है। भर्ती में साढ़े 7 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में शामिल हुए थे।
अधूरी भर्ती के बीच नई घोषणा से उलझन
गृह विभाग ने अपने x अकाउंट पर पुलिस भर्ती का इंतजार कर रहे लाखों युवाओं में उम्मीद जगा दी है। गृह विभाग के अधिकृत हैंडल से पोस्ट किया गया है जिसमें लिखा है मध्यप्रदेश सरकार पुलिस विभाग में करेगी 7500 भर्तियां। इससे पहले 11 जुलाई को प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव अपने भाषण में भी विभाग में 7500 भर्तियों की घोषणा कर चुके हैं। सीएम पुलिस बैंड के एक आयोजन में लाल परेड मैदान पर भी भर्ती की बात कह चुके हैं। भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं का कहना है कि रिटर्न टेस्ट के बाद वे फिजिकल का इंतजार साल भर से कर रहे हैं। तारीख अब आई है लेकिन इस प्रक्रिया में अभी समय लगेगा। वहीं नई भर्ती की घोषणा का भी पता चला है लेकिन सरकार को एक_ एक भर्ती को समयबद्ध पूरी कराने पर ध्यान देना चाहिए। अभी जिस तरह घोषणाएं की जा रही हैं उस गति से भर्ती नहीं हो पा रही हैं। घोषणा के बाद जितना समय नोटिफिकेशन जारी करने और फिर परीक्षा में लगाया जाता है उससे ज्यादा टाइम परिणाम जारी करने में लगता है। केवल श्रेय लूटने के लिए घोषणा न हों बल्कि उनपर अमल भी हो।
सब इंस्पेक्टर भर्ती का हो रहा इंतजार
उधर साल 2017 के बाद से प्रदेश में सब इंस्पेक्टरों की भर्ती नहीं हुई है। इस वजह से 700 से ज्यादा पद खाली पड़े हैं। सब इंस्पेक्टर न होने से पुलिस थानों से लेकर चौकियों के बीच कानून व्यवस्था की कड़ी ढीली पड़ गई है। सीएम डॉ. मोहन यादव द्वारा 11 जुलाई को अपने भाषण में पुलिस महकमे में 75 सौ पदों पर भर्तियों की घोषणा की थी। इसके बाद तीन दिन पहले गृह विभाग के अधिकृत x अकाउंट पर इन भर्तियों को लेकर पोस्ट डाला गया है। लेकिन इसमें भी यह साफ नहीं है कि भर्ती किन-किन पदों पर होगी। सीएम की जनसभा में हुई घोषणा के महीने भर बाद विभाग सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर तो पोस्ट डाल रहा है। लेकिन यह भर्ती कबसे होगी और किन-किन पदों के लिए होगी इसका नोटिफिकेशन का पता नहीं है।
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