गेहूं खरीदी पर बड़ा फैसला: अब हफ्ते में 6 दिन होगी खरीदी, 9 मई तक स्लॉट बुकिंग का मौका

Pawan Modiya | Apr 24, 2026, 21:45 IST
Photograph: (the sootr)
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने शुक्रवार रात प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और किसानों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

भोपाल. मध्य प्रदेश में गेहूं बेचने को लेकर परेशान किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव cm mohan yadavने शुक्रवार को प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए ऐलान किया कि अब न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं की खरीदी (मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी) हफ्ते में छह दिन की जाएगी। यानी अब शनिवार को भी खरीदी केंद्र खुले रहेंगे और किसानों को अपनी फसल बेचने का मौका मिलेगा।


सीएम ने सोशल मीडिया के जरिए किसानों से संवाद करते हुए कहा कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से ले रही है। इसी के तहत यह फैसला लिया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान अपनी उपज समय पर बेच सकें।



The Sootr ने उठाए थे मुद्दे

दरअसल, प्रदेश में कई जगहों से यह शिकायतें सामने आ रही थीं कि किसानों को गेहूं बेचने के लिए स्लॉट नहीं मिल रहा। The Sootr ने किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया और जमीनी हालात सामने रखे। खबरों में बताया गया कि किस तरह किसान अपनी फसल को लेकर चिंतित हैं। इन खबरों के बाद सरकार हरकत में आई और अब यह बड़ा फैसला लिया गया है।



स्लॉट बुकिंग की तारीख भी बढ़ाई

Cm ने अपने सम्बोधन में कहा, प्रदेश में रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन को देखते हुए हमने केंद्र सरकार से खरीदी की सीमा बढ़ाने का आग्रह किया था। किसानों के हित को सर्वोपरि रखते हुए गेहूं उपार्जन का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है।


गेहूं उपार्जन अब सप्ताह में 6 दिन होगा और शनिवार को अवकाश नहीं रहेगा, साथ ही 30 अप्रैल तक होने वाली स्लॉट बुकिंग को 9 मई तक बढ़ा दिया गया है। इससे उन किसानों को राहत मिलेगी, जो तकनीकी कारणों या भीड़ के चलते पहले स्लॉट बुक नहीं कर पा रहे थे।



किसानों को जमीन के बदले 4 गुना मुआवजा

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को कोई समस्या न हो, यह सरकार का संकल्प है। सरकार ने भू-अर्जन को भी लेकर ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब किसानों को उनकी भूमि के बदले 4 गुना तक मुआवजा दिया जाएगा। यह निर्णय किसानों के अधिकारों की रक्षा और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


उन्होंने कहा कि देश में ऐसा पहली बार हो रहा है कि मध्यप्रदेश सरकार ने दलहन, उड़द और तिलहन फसल सरसों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। उड़द को तय समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा और किसानों को तय समर्थन मूल्य के अतिरिक्त खरीदी गई उड़द पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस राशि भी दी जाएगी।


मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सोयाबीन की सफलता के बाद सरसों पर भी भावांतर योजना लागू करने की घोषणा के फलस्वरूप बाजार भाव में वृद्धि हुई और किसानों को सरसों का दाम एमएसपी से भी अधिक मिल रहा है।



पांच रुपए में बिजली कनेक्शन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- सबको विदित है कि हमारी सरकार इस वर्ष को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है, जिसमें किसानों को मात्र पांच रुपए में कृषि पंप का कनेक्‍शन दिया जा रहा है। साथ ही, हमारी योजना है कि अब हमारे किसानों को रात के बदले दिन में ही सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली मिलेगी। कृषक मित्र योजना में 90 प्रतिशत सब्सिडी पर किसान को सोलर सिंचाई के पंप दिए जा रहे हैं, जिससे बिजली के मामले में किसान आत्मनिर्भर बनेंगे।



प्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाएंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने की दिशा में हम निरंतर नवाचारों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हमने दुग्ध उत्पादन से लेकर संकलन बढ़ाने के भी प्रयास किए हैं। नई 1752 दुग्ध समितियों का गठन किया है। हमारा प्रतिदिन का दूध संकलन 10 लाख किलोग्राम से अधिक पहुंच गया है और दुग्ध उत्पादक किसान भाइयों को 1600 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का भुगतान किया गया है। किसानों को अब दूध का दाम प्रति किलो 8 से 10 रुपए बढ़कर मिल रहा है।



यूरिया की उपलब्धता पिछले साल से अधिक

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस साल युद्ध की स्थिति के बावजूद प्रदेश में यूरिया की उपलब्धता 5.90 लाख मीट्रिक टन है, जो पिछले साल से भी अधिक है। इसी प्रकार अन्य उर्वरक के भी पर्याप्त भंडारण किए गए हैं। उर्वरकों की वितरण प्रणाली में भी सुधार किया गया है। नवाचार और तकनीक का उपयोग कर किसानों को अब बिना लाइन लगाए मनचाहे स्थानों से खाद दिलाने की व्यवस्था की गई है।



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