मोहन सरकार का गर्भकाल, कितने कदम चली सरकार... 'द सूत्र' करेगा पूरा एनालिसिस
भोपाल. किसी भी गर्भस्थ महिला के लिए 9 महीने सबसे अहम होते हैं। वह इन नौ महीनों में जो खाती है, जो पीती है, जो सोचती है, जो सुनती है... वह सब उसके होने वाले बच्चे के जीवन पर असर डालता है। कई स्टडी में इसका खुलासा हो चुका है।
ये तो हुई एक बात। अब आप सोच रहे होंगे कि हम अचानक किसी गर्भस्थ महिला के गर्भकाल की बात क्यों करने लगे? तो जनाब! इसकी वजह है।
हर दिन विशेष आलेख
इस दरमियां क्या अच्छा हुआ, क्या बुरा... कहां चूक हुई, क्या उपलब्धियां... 'द सूत्र' अपने पाठकों/दर्शकों के लिए 360 डिग्री से पूरा विश्लेषण लेकर आ रहा है। इसमें देश के जाने मानें 90 पत्रकार, समीक्षक अपने विशेष आलेख के जरिए सरकार के गर्भकाल की समीक्षा करेंगे। हर दिन चुनिंदा विशेष कॉलम 'द सूत्र' के प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगे।
सर्वे से जानेंगे जनता के मन की बात
सर्वे के माध्यम से 'द सूत्र' मध्यप्रदेश के लोगों से उनकी राय जानकर 13 सितंबर को मोहन की तान बताएगा। इसमें भी जनता के जरिए सरकार के गर्भकाल को बताने की कोशिश होगी।
इस लिंक पर जाकर भरें फॉर्म...
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पड़ताल भरी खबरें बताएंगी 'मोहन की तान'
90 सेकंड का वीडियो बनाकर भेजें
जनता सरकार के कामकाज का आकलन कर वीडियो के माध्यम से 'द सूत्र' तक अपनी बात पहुंचा सकेंगे। हम उचित मंच तक उनकी बात रखेंगे।
- आप 90 सेकंड का वीडियो बनाकर हमें व्हाट्स ऐप नंबर 9827829141 पर भेज सकते हैं। ये वीडियो द सूत्र के सभी प्लेटफॉर्म पर चलेंगे।
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