यूपीएससी सम्मान समारोह में बोले सीएम मोहन यादव- तुम्हारी नौकरी पक्की, हमारी हर 5 साल में अग्निपरीक्षा!
News in Short
- सीएम ने 61 यूपीएससी चयनित को सम्मानित किया और उन्हें 'अमृतकाल के शिल्पकार' बताया।
- डॉ. मोहन यादव बोले- आपका चयन स्थायी है, हमें तो हर 5 साल में परीक्षा देनी पड़ती है।
- लोकतंत्र की ताकत देखिए, यहां चाय वाला प्रधानमंत्री और गाय वाला मुख्यमंत्री बन सकता है।
- एमपी के सरकारी कॉलेजों से पढ़े 22 युवाओं ने दिल्ली और अंग्रेजी का भ्रम तोड़ दिया।
- सीएम ने अफसरों को ईमानदारी, नवाचार और अंत्योदय जैसे सफलता के 5 बड़े मंत्र दिए।
News in Detail
BHOPAL. कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में शनिवार को यूपीएससी (UPSC) चयनित अभ्यर्थियों के लिए 'सफलता के मंत्र' सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में 61 युवाओं को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा, लोकतंत्र की खूबसूरती यही है कि यहां एक चाय वाला प्रधानमंत्री बन सकता है और एक गाय वाला मुख्यमंत्री।
सीएम बोले, तुम लोग तो भाग्यशाली हो। एक बार मेहनत करके परीक्षा पास कर ली, अब तुम्हारी कुर्सी पक्की हो गई। तुम्हारा चयन स्थायी है। हमें हर पांच साल में जनता के बीच जाकर अपनी नीतियों का हिसाब देना होता है और उनका विश्वास जीतना होता है।
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सफलता की कहानी और बदलाव
सीएम डॉ. मोहन यादव ने अपनी बातों में युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे सौभाग्यशाली हैं कि 2047 के अमृतकाल में भारत को नंबर-1 बनते हुए देखेंगे। डॉ. यादव ने खुद के उदाहरण से यह भी बताया कि राजनीति में रहते हुए भी उन्होंने कई डिग्रियां प्राप्त कीं।
साथ ही, मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 'प्रतिभाओं का परचम' पुस्तिका का विमोचन किया। इस पुस्तिका में चयनित युवाओं के संघर्ष और सफलता की कहानियां शामिल हैं।
61 में से 22 सरकारी कॉलेजों के छात्र
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि यह सिलसिला 2020 में शुरू हुआ था, जब डॉ. मोहन यादव उच्च शिक्षा मंत्री थे। तब चयनित युवाओं की संख्या 37 थी, जो अब बढ़कर 61 हो गई है। इनमें 20 बेटियां हैं और 22 अभ्यर्थी ऐसे हैं जिन्होंने सरकारी कॉलेजों से पढ़ाई की है।
यहां पर खास बात यह है कि सरकारी कॉलेजों से पढ़ाई करने वाले युवाओं ने यह साबित किया है कि संसाधनों की कमी कभी भी सफलता की राह में रोड़ा नहीं बन सकती।
सीएम की पांच प्रमुख अपेक्षाएं
मुख्यमंत्री ने नए अफसरों से पांच अपेक्षाएं रखी:
- अंत्योदय: समाज के अंतिम व्यक्ति के लिए काम करें।
- नवाचार: आत्मनिर्भर भारत के लिए नए आइडिया विकसित करें।
- शुचिता: कार्य की पवित्रता का ध्यान रखें।
- ईमानदारी: सत्यनिष्ठा का पालन करें।
- शिल्पकार: एक विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।
मिथक टूटे, अब दिल्ली जाना या अंग्रेजी जरूरी नहीं
इस दौरान एसीएस अनुपम राजन ने कहा कि अब यूपीएससी के लिए दिल्ली जाना या बड़े संस्थानों में पढ़ना जरूरी नहीं रह गया है। छोटे जिलों से आए युवाओं ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा कहीं भी हो सकती है। कई चयनित अभ्यर्थी किसान परिवारों से हैं, जिन्होंने बड़े संस्थानों या महंगे कॉलेजों के बिना सफलता पाई है।
इतिहास जानने वाले ही बना सकते हैं भविष्य
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अधिकतर युवा आईटी बैकग्राउंड से होने के बावजूद साहित्य और इतिहास विषय लेकर सफल हो रहे हैं, यह एक सकारात्मक बात है। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस और शहीद भगत सिंह का उदाहरण देते हुए युवाओं से अपील की कि जो अपना इतिहास जानता है, वही भविष्य बना सकता है।
तीन साल में दोगुने हुए सिलेक्शन
मध्य प्रदेश का प्रदर्शन संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के नतीजों में पिछले तीन सालों में तेजी से सुधरा है। 2023 में 29 सिलेक्शन के मुकाबले, 2024 में यह संख्या बढ़कर 53 हो गई थी। अब 2026 के नतीजों में यह संख्या 61 तक पहुंच गई है, यानि तीन सालों में दोगुना चयन हुआ है। खास बात यह है कि यूपीएससी की टॉप रैंकर्स में भी मध्य प्रदेश का नाम मजबूती से उभरा है। इस बार एमपी के ईशान भटनागर ने 5वां और प्रक्षाल सेक्रेटरी ने 8वां स्थान हासिल किया। अब यूपी, बिहार के बाद मध्य प्रदेश यूपीएससी में चौथा राज्य बन गया है।
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देश के टॉप पांच राज्य -
- उत्तर प्रदेश से 150 अभ्यर्थी चयनित
- राजस्थान से 90 अभ्यर्थी चयनित
- बिहार से 75 अभ्यर्थी चयनित
- मध्य प्रदेश से 61 अभ्यर्थी चयनित
- महाराष्ट्र से 55 अभ्यर्थी चयनित