लाड़ली बहना बहुत महंगी पड़ गई... सीएम बोले- मुख्यमंत्री बनते ही इतनी भारी मार पड़ेगी, पता नहीं था
बता दें कि मुख्यमंत्री मोहन यादव रविवार, 04 अक्टूबर को भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित बुंदेली समागम में पहुंचे थे। कार्यक्रम में बुंदेलखंड के बड़ी संख्या में Content Creators और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स शामिल हुए थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं और कलाकारों के सवालों के जवाब दिए।
बिन्नू रानी के सवाल पर हंस पड़े सीएम
कार्यक्रम में छतरपुर की बुंदेली कंटेंट क्रिएटर बिन्नू रानी ने मुख्यमंत्री से सवाल पूछा। उन्होंने कहा कि आपने अपनी जिज्जियों यानी बहनों के लिए बहुत कुछ किया है। अब जिज्जियों की बिन्नुओं यानी बेटियों के लिए क्या करना चाहते हैं?
इस सवाल पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मजाकिया अंदाज में जवाब दिया।
उन्होंने कहा कि तुमको मालूम नहीं, लाड़ली बहना ही बहुत महंगी पड़ गई। मुझे क्या पता था मुख्यमंत्री बनते ही इतनी भारी मार पड़ती है।
मुख्यमंत्री की इस बात पर कार्यक्रम में मौजूद लोग हंसने लगे।
सीएम बोले- बहनों के लिए कोई तकलीफ नहीं
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यह अंदर की बात है। उन्हें पहले यह अंदाजा नहीं था कि मुख्यमंत्री बनने के बाद इतनी बड़ी आर्थिक जिम्मेदारी सामने आएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार को अपनी बहनों के लिए कोई परेशानी नहीं है। योजना की शुरुआत हर महीने एक हजार रुपए से हुई थी। उस समय इसे शुरू करने में कई कठिनाइयां आई थीं।
सीएम ने कहा कि अब लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपए तक दिए जा रहे हैं।
बिन्नू रानी से उन्होंने मजाक में कहा कि अभी तुम लाड़ली बहना योजना के लायक छोटी हो। थोड़ी और बड़ी हो जाओ, फिर तुम्हें भी योजना का फायदा मिल जाएगा।
युवाओं ने पूछा- 24 घंटे में कौन सी समस्या हल करेंगे?
बुंदेली समागम में एक युवा ने मुख्यमंत्री से बुंदेलखंड को लेकर सवाल पूछा।
युवा ने पूछा कि यदि बुंदेलखंड के युवाओं की कोई एक समस्या 24 घंटे के भीतर हल करनी हो, तो मुख्यमंत्री किस समस्या को हल करना चाहेंगे?
मुख्यमंत्री ने जवाब दिया कि बुंदेलखंड की समस्याओं को केवल 24 घंटे में हल करना आसान नहीं है।
उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड की समस्या 24 घंटे में तो भगवान भी हल नहीं कर सकते।
युवाओं की क्षमता पर जताया भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड के लोगों में क्षमता, योग्यता और बुद्धिमत्ता की कमी नहीं है। यहां के लोग अपनी समस्याओं को खुद हल करने की ताकत रखते हैं।
सरकार की जिम्मेदारी उन्हें आगे बढ़ने के लिए अवसर देना है।
उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं और स्थानीय लोगों के लिए बेहतर Opportunities तैयार करने पर काम कर रही है।
पलायन रोकने के लिए केन-बेतवा योजना
सीएम मोहन यादव ने बुंदेलखंड से होने वाले पलायन का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि पहले रोजगार और सिंचाई की कमी के कारण लोगों को दूसरे क्षेत्रों में जाना पड़ता था। इस समस्या को कम करने के लिए सिंचाई का रकबा बढ़ाया जा रहा है।
इसके लिए केन-बेतवा जैसी बड़ी परियोजना शुरू की गई है।
सीएम ने कहा कि जब बुंदेलखंड में पर्याप्त पानी पहुंचेगा, तो इसका असर केवल खेती पर नहीं पड़ेगा। दूसरे सेक्टरों में भी बदलाव आएगा।
खेती बेहतर होगी तो रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी।
कार्यक्रम में पहुंचे अभिनेता मुकेश तिवारी
बुंदेली समागम में फिल्म अभिनेता मुकेश तिवारी भी शामिल हुए थे।
इसके अलावा बड़ी संख्या में बुंदेली सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स पहुंचे थे।
कार्यक्रम में स्थानीय संस्कृति, युवाओं, रोजगार और क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों पर मुख्यमंत्री से संवाद हुआ।
क्या है लाड़ली बहना योजना?
लाड़ली बहना योजना मध्यप्रदेश सरकार की महिलाओं के लिए आर्थिक मदद की योजना है। इसमें पात्र महिलाओं के बैंक खाते में हर महीने तय राशि भेजी जाती है। वर्तमान में योजना के तहत लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपए दिए जा रहे हैं।
कब शुरू हुई थी लाड़ली बहना योजना?
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की घोषणा 28 जनवरी 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने की थी। योजना का औपचारिक शुभारंभ 05 मार्च 2023 को किया गया था।
शुरुआत में पात्र महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपए देने का प्रावधान था। योजना की पहली किस्त जून 2023 में महिलाओं के खातों में भेजी गई थी।
शुरुआत में 1.25 करोड़ महिलाएं थीं पात्र
योजना के शुरुआती दौर में एक करोड़ 25 लाख 6 हजार 186 महिलाएं पात्र थीं।
पहली किस्त के समय एक करोड़ 18 लाख 22 हजार 623 महिलाओं को भुगतान किया गया था।
इनमें एक करोड़ 11 लाख 70 हजार 835 महिलाओं को एक हजार रुपए की राशि दी गई थी।
वहीं सामाजिक सुरक्षा पेंशन लेने वाली छह लाख 51 हजार 788 महिलाओं को अंतर की राशि दी गई थी।
पहली किस्त में सरकार ने कुल 1143.15 करोड़ रुपए जारी किए थे।
लाड़ली बहना योजना मध्यप्रदेश की प्रमुख महिला कल्याण योजनाओं में शामिल है। बुंदेली समागम में मुख्यमंत्री का बयान इसी योजना को लेकर मजाकिया बातचीत के दौरान सामने आया।
FAQs
- बुंदेली समागम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किस मुद्दे पर चर्चा की?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने युवाओं, कलाकारों और बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की, जिसमें लाड़ली बहना योजना और क्षेत्र की समस्याओं का समाधान शामिल था। - लाड़ली बहना योजना क्या है?
लाड़ली बहना योजना मध्यप्रदेश सरकार की महिलाओं के लिए एक आर्थिक मदद योजना है, जिसमें पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए की राशि उनके बैंक खाते में भेजी जाती है। - बुंदेलखंड के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री ने कौन सी योजना का जिक्र किया?
मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड में पलायन रोकने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए केन-बेतवा योजना का जिक्र किया, जिससे सिंचाई की स्थिति में सुधार होगा।