नौकरी मांगो मत, नौकरी दो, सीएम का यूथ को संदेश, दिए टाइम मैनेजमेंट के टिप्स

Sanjay Dhiman | Aug 16, 2026, 19:28 IST
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भोपाल में सीएम मोहन यादव ने युवाओं को टाइम मैनेजमेंट के टिप्स दिए। उन्होंने दिनचर्या, योग और व्यायाम को जरूरी बताया और कहा कि उन्हें कोई बीमारी नहीं है। सीएम ने युवाओं को नौकरी पाने वाला नहीं, देने वाला बनने की सलाह दी।

सीएम मोहन यादव ने भोपाल में युवाओं को टाइम मैनेजमेंट पर टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि दिनचर्या बनाने से तनाव नहीं होता। सीएम ने अपनी सेहत का उदाहरण देकर योग और व्यायाम पर जोर दिया। कार्यक्रम में युवाओं ने करियर और जिम्मेदारियों पर सवाल पूछे। सीएम ने 2027 को युवा वर्ष बताते हुए नौकरी देने वाला बनने की सलाह दी।



मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आतिथ्य में एक निजी विश्वविद्यालय में युवा संवाद कार्यक्रम हुआ। यह कार्यक्रम 16 अगस्त को आयोजित किया गया। इसमें बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। सीएम ने उनसे सीधा संवाद किया।



टाइम मैनेजमेंट का मंत्र

सीएम ने कहा कि टाइम मैनेजमेंट सबसे जरूरी है। एक अच्छी दिनचर्या बनाने से सारे काम आसान हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि साल भर का सिलेबस समय पर पूरा करना चाहिए। ऐसा करने से परीक्षा के समय तनाव नहीं होता। उन्होंने छात्रों को नियमित पढ़ाई की सलाह दी।



सीएम ने कहा कि खाना-पीना और सोना जितना जरूरी है, उतना ही व्यायाम भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि वे खुद रोज योग और व्यायाम करते हैं। इसी वजह से उनकी सेहत अच्छी बनी रहती है।



सेहत का राज क्या है

कार्यक्रम में सीएम ने अपनी सेहत को लेकर बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि उन्हें डायबिटीज नहीं है। उन्हें हार्ट की कोई बीमारी भी नहीं है। उनकी आंखों पर चश्मा भी नहीं लगा है। सीएम ने इसका श्रेय नियमित योग और व्यायाम को दिया।



संघ की परंपरा पर बात

युवाओं के एक सवाल पर सीएम ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS – Rashtriya Swayamsevak Sangh) का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि संघ के प्रचारक बहुत पढ़े-लिखे होते हैं। वे अपना पूरा जीवन राष्ट्र सेवा में लगा देते हैं। सीएम ने डॉ. हेडगेवार का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि हेडगेवार ने मेडिकल की पढ़ाई की थी।



उस दौर में मेडिकल पढ़ाई करना आम बात नहीं थी। इसके बावजूद हेडगेवार ने डॉक्टरी छोड़कर संघ बनाया। सीएम ने कहा कि यही संघ की परंपरा है। इस साल संघ का शताब्दी वर्ष भी चल रहा है।



नौकरी देने वाले बनें

एक युवा ने पूछा कि 2027 को युवा वर्ष क्यों घोषित किया गया। इसके जवाब में सीएम ने कई उदाहरण दिए। उन्होंने भगवान राम और लक्ष्मण का जिक्र किया। महर्षि विश्वामित्र उन्हें राक्षसों के नाश के लिए ले गए थे। उस समय दोनों बहुत युवा थे।



सीएम ने भगवान कृष्ण का भी उदाहरण दिया। कृष्ण ने कंस का वध उसी के घर में किया था। इसके बाद सीएम ने आजादी के सेनानियों को याद किया। उन्होंने चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस के नाम लिए। सीएम ने कहा कि आज भारत सबसे युवा देश है। भारत के युवाओं में जो क्षमता है, वह कहीं और नहीं है। इसीलिए 2027 को युवा वर्ष घोषित किया गया है। सीएम ने कहा कि युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं बनना चाहिए। उन्हें नौकरी देने वाला बनना चाहिए।



सीएम का पढ़ाई का सफर

एक छात्रा ने पूछा कि इतनी जिम्मेदारियों के बीच समय कैसे निकालते हैं। सीएम ने कहा कि काम के प्रति एकाग्रता जरूरी है। उन्होंने अपने कॉलेज के दिनों का किस्सा सुनाया। फर्स्ट ईयर में वे जॉइंट सेक्रेटरी बने थे। उसी दौरान वे पढ़ाई भी कर रहे थे। साथ ही चुनाव भी लड़ रहे थे और दुकान भी संभाल रहे थे।



सीएम ने बताया कि जब वे उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष थे, तब उन्होंने एमए (MA – Master of Arts) पॉलिटिकल साइंस में पूरा किया। इसके बाद वे टूरिज्म कॉर्पोरेशन के चेयरमैन बने। इस दौरान उन्होंने एमबीए (MBA – Master of Business Administration) की पढ़ाई पूरी की। बाद में उन्होंने पीएचडी (PhD – Doctor of Philosophy) भी की। सीएम ने कहा कि टाइम मैनेजमेंट से यह सब संभव हुआ। उन्होंने युवाओं से कहा कि जीवन भर पढ़ते रहना चाहिए।



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