मंत्री-विधायकों के रात्रि विश्राम पर अमल नहीं, अब खुद गांवों में रात बिताएंगे CM मोहन यादव, गड़बड़ी मिलने पर होगा एक्शन

Arohi Raj | Sootr Creatives | Oct 27, 2026, 11:15 IST
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गावों में जाकर लोगों से योजनाओं का जायजा लेंगे।
Madhya Pradesh Chief Minister Dr. Mohan Yadav will now personally visit various districts and spend the night there. He will interact with people in villages and gather information regarding government schemes.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अब खुद जिलों में जाकर रात बिताएंगे। वे गांवों में लोगों से मिलेंगे और सरकारी योजनाओं की जानकारी लेंगे। इस दौरान मिलने वाली समस्याओं को 48 घंटे में दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले मंत्रियों और विधायकों को गांवों में रात्रि विश्राम करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, कुछ ही जनप्रतिनिधियों ने इन निर्देशों का पालन किया।

मंत्री-विधायकों को गांवों में रुकने के दिए थे निर्देश

मध्य प्रदेश में सरकार और बीजेपी संगठन ने मंत्रियों और विधायकों को गांवों में रात बिताने के निर्देश दिए थे। मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में रुकना था। वहीं, विधायकों को अपने विधानसभा क्षेत्र के गांवों में रात गुजारनी थी। पिछले ढाई साल में दो बार इस तरह की योजना बनाई गई।



इसका मकसद ग्रामीण इलाकों में लोगों की समस्याएं जानना और सरकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति समझना था। हालांकि, कुछ ही मंत्री और विधायक गांवों में रात्रि विश्राम करने पहुंचे। अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद जिलों में जाकर लोगों से मिलने और रात बिताने की पहल शुरू की है।



बालाघाट-बड़वानी में आदिवासी समुदाय के लोगों की समस्याएं सुनी

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जिलों में रात्रि विश्राम की शुरुआत कर दी है। हाल ही में उन्होंने बालाघाट के जंगलों में रात बिताई थी। इसके बाद रविवार को बड़वानी में रात्रि विश्राम किया। इससे पहले मुख्यमंत्री बैतूल जिले के कुकरू खामला में भी रात रुक चुके हैं। वहां उन्होंने रात में आदिवासी समुदाय के लोगों के साथ बैठक की थी। अगले दिन सुबह स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी थीं।



मुख्यमंत्री के इस दौरे का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाना और सरकारी योजनाओं का ग्राउंड फीडबैक लेना है।



48 घंटे में दूर करनी होंगी समस्याएं

मुख्यमंत्री के रात्रि विश्राम और जनसंवाद को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री जिस जिले में रुकेंगे, वहां सामने आने वाली कमियों को 48 घंटे के भीतर दूर करना होगा। इस दौरान सीएम स्थानीय लोगों से बातचीत करेंगे। सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक कामकाज की जानकारी भी लेंगे।



अगर किसी विभाग के काम में लापरवाही या गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा जा सकता है। हालांकि, कार्रवाई को लेकर कोई विस्तृत आदेश सामने नहीं आया है। इस पहल से प्रशासन की मॉनिटरिंग मजबूत होने की उम्मीद है।



मंत्रियों ने बताईं अपनी परेशानियां

गांवों में रात्रि विश्राम के निर्देशों को लेकर कुछ मंत्रियों की अपनी परेशानियां भी हैं। एक मंत्री ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि पहले से ही उनके पास कई जिम्मेदारियां हैं। उन्हें हर सप्ताह कैबिनेट की बैठक में शामिल होना पड़ता है। इसके अलावा प्रभार वाले जिलों का दौरा करना होता है। पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनने की जिम्मेदारी भी है।



मंत्रियों को अपने विधानसभा क्षेत्र और गृह जिले के लोगों से भी लगातार संपर्क रखना पड़ता है। ऐसे में गांवों में रात बिताने के लिए समय निकालना मुश्किल हो रहा है।



अधिकारियों को भी दिए गए थे रात्रि विश्राम के निर्देश

करीब छह महीने पहले राज्य सरकार ने कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और जिला स्तर के अन्य अधिकारियों को भी गांवों में जाकर रात बिताने के निर्देश दिए थे। शुरुआत में कुछ कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और दूसरे अधिकारी गांवों में पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की और रात्रि विश्राम भी किया।



हालांकि, कई जगह यह पहल केवल फोटो खिंचवाने तक सीमित रहने की बात सामने आई। उज्जैन के एक आईएएस अधिकारी की तस्वीर भी चर्चा में रही थी। वे गांव में खटिया डालकर सोते हुए दिखाई दिए थे। तस्वीर वायरल होने पर लोगों ने इस बात पर ध्यान दिया कि अधिकारी सोते समय चश्मा पहने हुए थे। इस घटना के बाद अधिकारियों के रात्रि विश्राम को लेकर सवाल भी उठे थे।



जनता से सीधे संवाद पर सीएम का जोर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अब जिलों में जाकर प्रशासनिक व्यवस्था की वास्तविक स्थिति समझना चाहते हैं। इसके लिए वे जिला मुख्यालय या किसी ग्रामीण इलाके में रात्रि विश्राम कर सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य लोगों की समस्याओं को सीधे सुनना और सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है या नहीं, इसकी जानकारी लेना है।



मुख्यमंत्री अपने दौरों में सरकार और संगठन के कामकाज का डायरेक्ट फीडबैक भी लेंगे। इससे प्रशासनिक कमियों की पहचान करने और उन्हें दूर करने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इस अभियान का असर कितना होगा, यह आने वाले दिनों में सामने आने वाली समस्याओं और उनके समाधान पर निर्भर करेगा।



FAQs



  1. मुख्यमंत्री मोहन यादव गांवों में रात क्यों बिताएंगे?
    मुख्यमंत्री सरकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति जानने और लोगों की समस्याएं सुनने के लिए जिलों में रात्रि विश्राम करेंगे।
  2. मुख्यमंत्री के दौरे में मिलने वाली समस्याओं का समाधान कितने समय में होगा?
    मुख्यमंत्री के जनसंवाद और फीडबैक के दौरान सामने आने वाली कमियों को 48 घंटे के भीतर दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
  3. क्या गांवों में रात्रि विश्राम के दौरान लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई होगी?
    मुख्यमंत्री के दौरों में प्रशासनिक लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा जा सकता है। हालांकि कार्रवाई की प्रक्रिया की जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है।
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