स्टीमर नहीं चली तो कांग्रेस नेता ने चंबल नदी में लगा दी छलांग

Ratan Kumar Mishra | Aug 27, 2026, 16:19 IST
कांग्रेस नेता ने चंबल नदी में लगा दी छलांग
मुरैना जिले के अंबाह के उसेद घाट पर स्टीमर सेवा शुरू नहीं होने से विरोध बढ़ गया। कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष शेर सिंह तोमर चंबल नदी में कूद गए। पुलिस ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। रक्षाबंधन से पहले सेवा शुरू करने की मांग है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • उसेद-पिनाहट घाट पर स्टीमर सेवा शुरू नहीं हुई थी।
  • रक्षाबंधन से पहले सेवा शुरू करने की मांग थी।
  • ग्रामीण गुरुवार को उसेद घाट पर आंदोलन करने पहुंचे।
  • कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष शेर सिंह तोमर भी वहां पहुंचे।
  • मांग पूरी नहीं होने पर उन्होंने चंबल में छलांग लगा दी।

अंबाह में चंबल नदी से जुड़ा मामला गरमा गया। रक्षाबंधन से पहले उसेद-पिनाहट घाट पर स्टीमर नहीं चला। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती गई। गुरुवार को कई लोग उसेद घाट पर जमा हुए। लोगों ने स्टीमर सेवा शुरू करने की मांग उठाई।



दो दिन पहले प्रशासन को दिया गया था आवेदन बताया गया कि प्रशासन को पहले आवेदन दिया गया था। आवेदन में स्टीमर सेवा शुरू करने की मांग रखी गई। रक्षाबंधन को देखते हुए यह मांग उठाई गई थी। इसके बावजूद गुरुवार तक सेवा शुरू नहीं हुई। इसके बाद ग्रामीणों ने घाट पर विरोध शुरू किया।



मांग पूरी नहीं हुई तो नदी में कूदे कांग्रेस नेता

विरोध के बीच कांग्रेस नेता शेर सिंह तोमर भी पहुंचे। वह महुआ क्षेत्र के कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष हैं। कांग्रेस की सूची में उनका नाम दर्ज है। स्टीमर शुरू नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। इसके बाद वह चंबल नदी में कूद गए।



पुलिस ने तुरंत नदी से बाहर निकाला

घटना के बाद घाट पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई की। पुलिस ने शेर सिंह तोमर को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद मौके पर स्थिति संभाली गई। इस घटना से घाट पर तनाव बढ़ गया था।



स्टीमर क्यों जरूरी बताया जा रहा

उसेद घाट मध्य प्रदेश को उत्तर प्रदेश से जोड़ता है। पिनाहट घाट चंबल नदी के दूसरी तरफ है। दोनों इलाकों के लोगों का यहां आना-जाना रहता है। रक्षाबंधन पर आवाजाही और ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे समय स्टीमर सेवा लोगों के लिए जरूरी है।



स्टीमर बंद होने से लोगों की परेशानी बढ़ी

स्टीमर सेवा बंद रहने से लोगों को परेशानी होती है। दूसरे रास्तों से आने-जाने में ज्यादा समय लगता है। इससे यात्रियों का खर्च भी बढ़ सकता है। उसेद घाट पर पहले भी स्टीमर सेवा चलती रही है। एक रिपोर्ट में सेवा शुरू होने का जिक्र मिला था। पहले भी घाट पर स्टीमर सेवा को लेकर विवाद रहा उसेद घाट पर आवाजाही पहले भी चर्चा में रही है। पांटून पुल बंद होने पर स्टीमर चलाया गया था। इससे यात्रियों को नदी पार करने में राहत मिली थी। बाढ़ के समय स्टीमर सेवा रोकी भी जाती रही है। जलस्तर बढ़ने पर सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई थी।



जुलाई में भी शुरू हुई थी स्टीमर सेवा

जुलाई 2026 में उसेद-पिनाहट घाट पर सेवा फिर शुरू हुई थी। यह सेवा करीब एक सप्ताह बाद बहाल हुई थी। दोनों राज्यों की सहमति के बाद संचालन शुरू हुआ था। पुलिस की निगरानी में सेवा चलने की बात कही गई थी। इससे हजारों लोगों को राहत मिलने की बात सामने आई थी।



अब रक्षाबंधन से पहले फिर उठा सवाल

अब रक्षाबंधन से ठीक पहले फिर सवाल उठ गया है। ग्रामीण चाहते हैं कि स्टीमर जल्द शुरू किया जाए। लोगों का कहना है कि सेवा जरूरी है। कांग्रेस नेता ने भी इसी मांग को लेकर विरोध किया। घटना के बाद प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है।



घाट पर आंदोलन जारी रहने की बात

घाट पर लोगों का विरोध जारी रहने की बात है। लोग स्टीमर सेवा शुरू करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि सेवा जल्द शुरू होनी चाहिए। रक्षाबंधन से पहले समस्या का हल जरूरी है। अब प्रशासन के अगले कदम पर सभी की नजर है।



सुरक्षा का सवाल भी सामने आया

चंबल नदी में आवाजाही के दौरान सुरक्षा बेहद जरूरी है। स्टीमर संचालन में सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी है। नदी का जलस्तर भी लगातार ध्यान में रखना पड़ता है। पहले जलस्तर बढ़ने पर सेवा बंद हुई है। ऐसे में प्रशासन को दोनों पहलुओं पर ध्यान देना होगा।



इस घटना ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती रखी मामला सिर्फ स्टीमर सेवा तक सीमित नहीं है। यह रोजाना आने-जाने वाले लोगों से भी जुड़ा है। रक्षाबंधन पर यात्रियों की संख्या बढ़ सकती है। ऐसे में समय पर फैसला लेना जरूरी होगा। लोग अब सेवा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।



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