कांग्रेस विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने बिना डिमांड के भेज दिया दो करोड़ से अधिक का फर्नीचर, उठे सवाल
News in Short
- डिंडौरी विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने विधायक निधि से महंगे फर्नीचर खरीदे।
- एक सेट की कीमत 23,650, जबकि लोकल मैन्युफैक्चरर्स इसे ₹4-5 हजार में बेचने का दावा कर रहे हैं।
- कुल खरीद की कीमत 2.5 करोड़ से अधिक है, जिस पर भाजपा ने आपत्ति जताई है।
- भाजपा ने उच्च स्तर पर जांच की धमकी दी है और दस्तावेज मंगवाए हैं।
- विधायक ओमकार सिंह ने कहा कि यह निर्णय उनके विवेकाधिकार पर आधारित था।
News in Detail
डिंडौरी जिले में कांग्रेस विधायक ओमकार सिंह मरकाम के विधायक निधि से स्कूलों और कॉलेजों के लिए खरीदी गई फर्नीचर पर सवाल उठ रहे हैं। इस खरीद पर भाजपा ने आरोप लगाया है कि फर्नीचर की कीमत कहीं अधिक है और यह आमतौर पर बहुत सस्ती दरों पर उपलब्ध होता है।
फर्नीचर की कीमत और आपत्ति
कांग्रेस विधायक की सिफारिश पर, 19 हायर सेकंडरी स्कूल और 4 कॉलेजों में फर्नीचर भेजे गए थे। एक सेट की कीमत 23 हजार 650 रुपए बताई जा रही है। हालांकि, स्थानीय मैन्युफैक्चरर्स का दावा है कि ऐसा फर्नीचर महज 4 से 5 हजार रुपये में मिल सकता है। कुल मिलाकर इस खरीद की कुल कीमत 2 करोड़ 49 लाख 50 हजार रुपए है। इस पर भाजपा नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है और इसे महंगा करार दिया है।
बीजेपी ने दी शिकायत की धमकी
बीजेपी जिला अध्यक्ष चमरू सिंह नेताम ने इस खरीदी की उच्च स्तर पर जांच की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि बाजार में फर्नीचर की कीमत काफी कम है, फिर भी इसे महंगे दामों पर खरीदा गया है। वे इस मामले की जांच करने के लिए दस्तावेज मंगवा रहे हैं और इसे सरकार के पास भेजने की तैयारी कर रहे हैं।
विधायक का पक्ष
विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने अपनी सफाई में कहा कि विधायक निधि के तहत किए गए खर्चे में उनका कोई दोष नहीं है। विधायक निधि से खरीद का निर्णय विधायक के विवेकाधिकार पर आधारित है। इस पर किसी भी तरह का दखल नहीं होता।
फर्नीचर की डिमांड नहीं की
विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्यों ने इस खरीद के बारे में जानकारी दी कि उन्होंने इस तरह के फर्नीचर की डिमांड नहीं की थी। हालांकि, कुछ कॉलेजों में फर्नीचर आ चुका है, जबकि कुछ अन्य में फर्नीचर आने की तारीख अगले सप्ताह दी गई है। इन कॉलेजों का कहना है कि उनके पास पहले से पर्याप्त फर्नीचर मौजूद था।
यह मामला डिंडौरी में विधायक निधि से खरीदी गई फर्नीचर की ऊंची कीमत को लेकर राजनीतिक विवाद में तब्दील हो गया है। भाजपा ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है और उच्च स्तर पर इसकी शिकायत करने की योजना बनाई है। विधायक का कहना है कि यह निर्णय पूरी प्रक्रिया के तहत और विधायक के अधिकार में लिया गया था।
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