MP में कर्ज, क्राइम और करप्शन के मुद्दों पर हमलावर दिखी कांग्रेस
शीतकालीन सत्र के पहले दिन कांग्रेस ने अलग-अलग मुद्दों पर भाजपा सरकार को विधानसभा के अंदर और बाहर घेरा। विधानसभा के घेराव के लिए सोमवार को प्रदेशभर से कांग्रेस कार्यकर्ता राजधानी में सुबह से ही जुटने लगे थे। कांग्रेस नेताओं ने क्राइम, करप्शन, कर्ज और कमीशनखोरी के मुद्दे पर भाजपा सरकार पर जमकर हल्ला बोला। हिसाब दो-जवाब दो के नारे के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर मनमानी के आरोप लगाए। विधानसभा और लोकसभा चुनाव में पराजय से पस्त कांग्रेस में विजयपुर की जीत का उत्साह नजर आया। हालांकि, आगे बढ़ने से पहले ही पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। सभा स्थल जवाहर चौक पर ही सभी को हिरासत में लेकर गिरफ्तारी कर ली गई। इस मौके पर पूर्व सीएम कमलनाथ, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, कांग्रेस प्रदेश प्रभारी भंवर जितेन्द्र सिंह, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित सभी प्रमुख नेताओं ने जनसभा को संबोधित किया।
कमलनाथ बोले - मध्य प्रदेश की पहचान घोटाला प्रदेश के रूप में
जीतू पटवारी सरकार पर हमलावर
विधानसभा के घेराव से पूर्व सभा के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सरकार पर हमलावर रहे। उन्होंने कहा भाजपा सरकार का एक साल पूरा होने पर एक साल बेमिसाल बताकर खुद की वाहवाही कर रही है। जबकि हकीकत ये है कि सरकार का एक साल कर्ज, करप्शन, क्राइम और कमीशन में बेमिसाल रहा है।
हर घंटे 5 करोड़ कर्ज ले रही सरकार
पटवारी ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा हर घंटे भाजपा सरकार 5 करोड़ का कर्ज ले रही है। हर रोज कर्ज की राशि 120 करोड़ हो जाती है। सरकार हर महीने 4 हजार करोड़ और हर साल 1 लाख करोड़ रुपए कर्ज लेकर हवाई यात्राओं, हवाई जहाई की खरीदी, सीएम के फोटो वाले होर्डिंग लगाने पर खर्च कर रही है। हम सब पर इस कर्ज का बोझ आ रहा है। किसान सड़क पर धक्के और डंडे खा रहा है उधर सीएम इंग्लैंड में सोने की थाली में चांदी की चम्मच से भोजन कर रहे हैं।
एक साल में एक भी वादा पूरा नहीं
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर वादा खिलाफी के भी आरोप लगाए। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा चुनाव से पहले संकल्प पत्र में जो वादे किए थे उसे सरकार भूल गई। संकल्प पत्र का एक अक्षर भी सरकार ने नहीं पढ़ा। अब संकल्प पत्र के वादे पूरा कराने की जिम्मेदारी विपक्ष और जनता की है। जब तक गेहूं, धान, सोयाबीन का समर्थन मूल्य किसान को नहीं मिल जाता तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे। कांग्रेस ने जातिगत जनगणना की बात की है। जातिगत गणना इस देश की आवश्कता है। गरीब का पहला हक देश के संसाधनों पर है। आर्थिक सर्वे हर जाति के गरीब को न्याय दिलाने का काम करेगा। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं को जातिगत गणना के समर्थन की शपथ भी दिलाई।
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