एबीपी न्यूज चैनल ने दिग्विजय की पोस्ट को बताया फेक न्यूज, इस मामले में हो सकती है तीन साल तक की सजा
BHOPAL. कांग्रेस नेता और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह सोशल मीडिया पर अपने वायरल पोस्ट को लेकर एक हफ्ते में दूसरी बार विवाद में आ गए हैं। कुण्डलपुर के जैन मंदिर को लेकर एक झूठी पोस्ट डालने के बाद अब दिग्विजय ने मप्र को लेकर एक नेशनल चैनल के फर्जी ओपिनियन पोल को पोस्ट किया है। इस पोल में मप्र में कांग्रेस के 150 से ज्यादा सीटें जीतने की बात कही गई है। नेशनल चैनल ने इस पर आपत्ति ली और इसे हटाने को कहा है। चैनल का कहना है कि दिग्विजय की पोस्ट में चैनल के लोगो और आईडी का इस्तेमाल कर फर्जी पोस्ट तैयार की गई है और इसे पोस्ट किया गया है। चैनल का कहना है कि उनके एक पुराने पोल की स्क्रीन के साथ छेड़छाड़ हुई है। इस घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस केवल झूठ के सहारे है, उसका कोई वजूद नहीं है। ऐसे झूठ के कारण ही उन्हें जनता की नाराजगी झेलना पड़ती है। फर्जी और झूठे सहारे काम नहीं आएंगे।
एक्स पोस्ट में दर्शकों से कहा है यह फर्जी वीडियो हैः एबीपी
दरअसल यह मामला एबीपी न्यूज़ के नाम से पोस्ट का है। इस ओपिनियन पोल को कांग्रेस मीडिया विभाग के प्रवक्ता केके मिश्रा ने भी पोस्ट किया। हालांकि, चारों ओर से घिरने के बाद दिग्विजय और केके मिश्रा ने यह पोस्ट डिलीट कर दी। एबीपी न्यूज के उपाध्यक्ष संत प्रसाद रॉय ने एक्स पोस्ट में दर्शकों से कहा है कि यह फर्जी वीडियो है। इस पर ध्यान न दें। इसे प्रसारित करने वालों के खिलाफ कड़ी करवाई होनी चाहिए। इसके पहले पिछले सप्ताह दिग्विजय सिंह ने कुण्डलपुर के जैन मंदिर को लेकर एक झूठी पोस्ट की थी। उस मामले में बीजेपी संगठन की तरफ से एफआईआर कराने की बात कही गई।
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ऐसी चूक क्यों करते हैं नेता
राजनीतिक विश्लेषक नितिन शर्मा का कहना है कि बौखलाहट में बड़े नेता अक्सर ऐसी चूक करते हैं। ये कांग्रेस के भीतर हार के डर को भी दर्शाता है। कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद मध्यप्रदेश में जीत को तय मान रही कांग्रेस के लिए जीत आसान नहीं है, ऐसे में वह झूठ के सहारे आगे बढ़ने की कोशिश कर रही है।
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संवाददाता की आपत्ति
इस मामले को लेकर एबीपी संवाददाता बृजेश राजपूत कहते हैं कि ऐसा कोई ओपीनियन पोल नहीं किया गया है। यह गलत है इसे तत्काल हटा लें। संवाददाता की आपत्ति के बाद मिश्रा और दिग्विजय ने इसे सोशल मीडिया से हटा दिया, लेकिन तब तक दिग्विजय के फेसबुक पर इसे 40 हजार से अधिक लोग देख चुके थे।
इस तरह हुई वीडियो से छेड़छाड़
करीब एक माह पहले एबीपी न्यूज ने मप्र के ओपिनियन पोल के नतीजे पेश किए थे, जिसमें कांग्रेस और बीजेपी के बीच कड़ा मुकाबला बताया गया था। बाद में एबीपी न्यूज के वीडियो से छेड़छाड़ कर फर्जी वीडियो बनाया गया। इसमें मप्र की 230 सीटों में से कांग्रेस को 150 से 158 सीटें और बीजेपी को 66 से 75 सीटें मिलने का दावा हुआ। अन्य को 1 से 6 सीटें बताई गई है।
3 साल तक की हो सकती है सजा
आईटी एक्ट 2000 इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से किये जाने वाले अपराधों को रोकने और उससे जुड़े अपराधों की सज़ा देने के लिए बनाया गया था। सोशल मीडिया से संबंधित अपराध भी आईटी एक्ट के तहत आते हैं। आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत सोशल मीडिया पर गलत कंटेंट, कमेंट, अश्लील सामग्री आदि पोस्ट करने पर जुर्माने के साथ-साथ 3 सालों तक सजा हो सकती है, सजा को बढ़ाया भी जा सकता है।