विवादत डॉ.अरुणा कुमार को 24 घंटे में ही GMC से हटाया, चिकित्सा शिक्षा विभाग ने रद्द किया नियुक्ति का आदेश

Pratibha Rana | Jan 05, 2024, 24:00 IST
विवादत डॉ.अरुणा कुमार को 24 घंटे में ही GMC से हटाया, चिकित्सा शिक्षा विभाग ने रद्द किया नियुक्ति का आदेश
भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज के गायनेकोलॉजी डिपार्टमेंट में एक दिन पहले पदस्थ की गईं डॉ.अरुणा कुमार को 24 घंटे में ही हटा दिया गया। अरुणा को वापस मेडिकल एजुकेशन डायरेक्टरेट भेजा गया है।

BHOPAL. स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने डॉक्टर अरुणा कुमार की गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल में नियुक्ति के आदेश को निरस्त कर दिया है। गांधी मेडिकल कॉलेज के गायनेकोलॉजी डिपार्टमेंट में एक दिन पहले पदस्थ की गईं डॉ.अरुणा कुमार को 24 घंटे में ही हटा दिया गया। अरुणा को वापस मेडिकल एजुकेशन डायरेक्टरेट भेजा गया है। बता दें, भोपाल के GMC में महिला जूनियर डॉक्टर सरस्वती की मौत के बाद हटाई गई अरूणा की वापसी एक दिन पहले ही गायनेकोलॉजी डिपार्टमेंट में हो गई थी। उन्हे स्वास्थ्य विभाग से वापस गांधी मेडिकल कॉलेज में गायनिक डिपार्टमेंट का एच.ओ.डी. बनाकर भेज दिया गया है था। लेकिन 24 घंटे में ही उन्हें गायनेकोलॉजी डिपार्टमेंट से हटा दिया गया है। जूनियर डाक्टर्स ने चेतावनी दी थी की अगर डॉ अरुणा कुमार की GMC में वापसी का आदेश रद्द नहीं किया गया तो वह काम बंद कर हड़ताल जारी रखेंगे।



अरुणा कुमार को 24 घंटे में हटाया

भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज के गायनेकोलॉजी डिपार्टमेंट में एक दिन पहले पदस्थ की गईं डॉ.अरुणा कुमार को 24 घंटे में मेडिकल एजुकेशन डायरेक्टरेट वापस भेज दिया गया है। डॉ. अरुणा की GMC में पोस्टिंग से गुस्साए डॉक्टर्स हड़ताल पर थे। गांधी मेडिकल कॉलेज के गायनेकोलॉजी डिपार्टमेंट से अरुणा कुमार को हटाए जाने के बाद डॉक्टर शुक्रवार को ड्यूटी पर लौट आए है। बता दें, डॉ. अरुणा को जूनियर डॉक्टर बाला सरस्वती सुसाइड केस में एचओडी और प्रोफेसर पद से हटाई गई थीं। कुछ सीनियर डॉक्टर ने भी चिट्‌ठी लिखकर सीएम से उनकी शिकायत की थी। डॉ. अरुणा कुमार को बुधवार ( 4 जनवरी) को गायनेकोलॉजी डिपार्टमेंट में प्रोफेसर के रूप में पोस्टिंग दे दी थी।



ये था मामला ?

जूनियर डॉक्टर बाला सरस्वती ने अगस्त 2023 में एनेस्थीसिया इंजेक्शन का ओवरडोज लेकर आत्महत्या कर ली थी। सरस्वती ने अपने मोबाइल के नोट पैड पर सुसाइड नोट लिखा था। सुसाइड नोट में सरस्वी ने डिपार्टमेंट की कुछ डॉक्टर्स पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे। उन्होंने अरुणा कुमार पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके अलावा उसने अपने मम्मी-पापा से माफी मांगने के साथ पति को दोबारा शादी करने की बात कही थी। वहीं सरस्वती के पति जयवर्धन चौधरी ने आरोप लगाते हुए कहा कि पत्नी से 36 घंटे की ड्यूटी कराई जाती थी। इसको लेकर सरस्वती को न्याय दिलाने जूनियर डॉक्टर समर्थन में उतर गए थे। सरस्वती की मौत के बाद जूनियर डॉक्टर ने काम बंद हड़ताल शुरू कर दी थी। जूनियर डाक्टर्स 31 जुलाई 2023 से ही हड़ताल पर थे। यह डाक्टर्स, गांधी मेडिकल कालेज की गायनेकोलाजी डिपार्टमेंट की प्रोफेसर अरुणा कुमार को हटाने की मांग को लेकर हड़ताल कर रहे थे। इसके बाद शासन ने उन्हें डीएमई अटैच किया गया था।



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