दतिया कलेक्टर के मोबाइल चलाने पर भड़के सीएस, कहा इतना भी क्या जरूरी?
समझें क्या है पूरा मामला...
- UCC कमेटी के गठन के दो हफ्ते बाद भी कई जिलों में सुझाव लेने का काम शुरू नहीं हो पाया है।
- शनिवार को वर्चुअल बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने काम की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताई।
- बैठक के दौरान IAS स्वप्निल वानखेड़े और एसपी सूरज कुमार वर्मा मोबाइल में व्यस्त पाए गए।
- मोबाइल चलाने पर मुख्य सचिव ने दोनों अधिकारियों को टोका।
- सीएम ने कहा कि आगे से फील्ड पर वही अफसर रहेगा जिसकी परफॉर्मेंस अच्छी होगी।
मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता यानी UCC पर सुझाव जुटाने के लिए कमेटी बनाए दो हफ्ते हो गए हैं। कई जिलों में अब तक काम शुरू नहीं हुआ। शनिवार, 13 जून को वर्चुअल बैठक में सीएम मोहन यादव ने खुद यह बात कही।
वहीं दतिया के कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े और भिंड SP सूरज कुमार वर्मा बैठक के दौरान मोबाइल चलाते पाए गए। इस पर मुख्य सचिव अनुराग जैन ने नाराजगी जताई। सीएम ने परफॉर्मेंस खराब रहने पर ट्रांसफर की चेतावनी दे दी।
यूसीसी पर दो हफ्ते में क्या हुआ?
मध्यप्रदेश सरकार ने UCC यानी समान नागरिक संहिता पर आम लोगों से सुझाव लेने का काम शुरू किया था। इसके लिए जिला स्तर पर कमेटियां बनाई गई थीं। वहीं दो हफ्ते बाद भी कई जिलों में यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी।
शनिवार को CM मोहन यादव ने कलेक्टर और SP की वर्चुअल समीक्षा बैठक की। इसमें पता चला कि कई जिलों में शहर से लेकर गांव तक सुझाव लेने का काम बिल्कुल नहीं हुआ।
कौन से जिले सक्रिय रहे?
सीएम ने खुद कहा कि बैठक में केवल इंदौर, जबलपुर, सीधी, गुना, डिंडोरी और खंडवा के कलेक्टर ही बात कर रहे थे। बाकी जिले स्क्रीन पर दिख तो रहे थे लेकिन चुप थे। सीएम ने साफ कहा कि जो जिले नहीं बोले, उन्होंने UCC पर कुछ नहीं किया।
दतिया में क्या हुआ?
बैठक के दौरान दतिया के कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े और SP सूरज कुमार वर्मा मोबाइल देखते हुए नजर आए। इस पर मुख्य सचिव डॉ. अनुराग जैन ने सीधे टोका।
मुख्य सचिव ने पूछा कि इतना क्या जरूरी है जो आप बैठक के दौरान मोबाइल में व्यस्त हैं। बैठक की गंभीरता समझिए।
परफॉर्मेंस वाला अफसर फील्ड पर
CM मोहन यादव ने कहा कि सरकार को ढाई साल हो चुके हैं। अगले ढाई साल में वही अफसर फील्ड पर रहेगा, जिसकी परफॉर्मेंस ठीक होगी। उन्होंने बताया कि जुलाई में कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस होगी। इसकी तारीख जल्द घोषित की जाएगी।
महिलाएं चाहती हैं जल्द लागू हो UCC
मिंटो हॉल में एक कार्यक्रम के दौरान सीएम ने UCC को लेकर आम लोगों की रुचि का जिक्र किया। सीएम ने कहा कि शहडोल की यास्मीन जैसी कई महिलाएं चाहती हैं कि यह कानून जल्द लागू हो।
सीएम ने दोहराया कि UCC लोगों के सुझावों के आधार पर तैयार होगी। इसलिए अफसरों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचना होगा।
गांव-गांव जाने का निर्देश
CM ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर और गांव दोनों स्तरों पर व्यापक संवाद किया जाए। लोगों तक पहुंचकर उनके सुझाव जुटाए जाएं। बैठक में यह भी साफ हुआ कि UCC प्रक्रिया में जो जिले पिछड़े हैं उनकी जवाबदेही तय होगी।
FAQ
- समान नागरिक संहिता क्या है?
UCC यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड (Uniform Civil Code) एक ऐसा कानून है जो शादी, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे मामलों में सभी धर्मों के लिए एक समान नियम लागू करता है। अभी देश में अलग-अलग धर्मों के लिए अलग-अलग पर्सनल लॉ हैं। UCC लागू होने पर यह अंतर खत्म हो जाएगा। - मध्यप्रदेश में UCC की प्रक्रिया कहां तक पहुंची है?
MP सरकार ने जिला स्तर पर कमेटियां बनाकर लोगों से सुझाव जुटाने की प्रक्रिया शुरू की थी। लेकिन दो हफ्ते बाद भी कई जिलों में काम शुरू नहीं हुआ। CM मोहन यादव ने अफसरों को कड़े निर्देश देते हुए इसे गंभीरता से लेने को कहा है।
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