पूर्व CSP नेहा पच्चीसिया का पति है सहआरोपी क्षितिजराज, HC में अभियोजन का दावा

Neel Tiwari | Sept 16, 2026, 12:13 IST
पूर्व CSP नेहा पच्चीसिया
पूर्व CSP नेहा पच्चीसिया की FIR रद्द कराने वाली याचिका पर बुधवार 16 सितम्बर को जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने क्षितिज राज बारापात्रे को लेकर ऐसा दावा किया, जिसने पूरे मामले का नया पहलू सामने ला दिया। पढ़िए पूरी खबर...

समझें क्या है पूरा मामला...

  • नेहा ने FIR रद्द कराने के लिए जबलपुर हाई कोर्ट में याचिका लगाई है।
  • अभियोजन ने क्षितिज और नेहा को एक घर में पति-पत्नी जैसे रहने वाला बताया है।
  • कुछ पुलिसकर्मियों ने जांच में क्षितिज को नेहा का पति बताया।
  • नेहा और क्षितिज पहले एक-दूसरे को पहचानने से इनकार कर चुके हैं।
  • नेहा ने हाई कोर्ट से सुनवाई तक अंतरिम राहत मांगी है।

हाई कोर्ट में क्षितिज को लेकर बड़ा दावा

जस्टिस हिमांशु जोशी की सिंगल बेंच में बुधवार को सुनवाई हुई। नेहा की ओर से अधिवक्ता ने कहा कि FIR में उनकी भूमिका का कोई ठोस सबूत नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व CSP को झूठा फंसाया गया है।



अभियोजन ने इसका विरोध किया। सरकार की ओर से कहा गया कि नेहा पर जेल में बंद हत्या के आरोपी को लाभ पहुंचाने का आरोप है। आरोप है कि चालान पेश करने में देरी कर उसे फायदा दिलाया गया। उसके परिजनों को धमकाकर जमीन हड़पने का भी आरोप लगाया गया है।



एक ही घर में रहते थे नेहा और क्षितिज

सुनवाई के दौरान क्षितिज राज बारापात्रे को लेकर अभियोजन ने गंभीर दावा किया। सरकारी पक्ष के मुताबिक जांच में सामने आया कि क्षितिज नेहा के ही घर में रहता था।



अभियोजन ने उसे नेहा का पति बताया। जांच में कुछ पुलिसकर्मियों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। इन बयानों में क्षितिज को नेहा का पति बताया गया है।



अभियोजन के अनुसार नेहा के मातहत काम करने वाले कांस्टेबल मोंटू को घर का सामान लाने भेजा जाता था। सामान की पेमेंट क्षितिज करता था। हालांकि ये सभी बातें फिलहाल अभियोजन के दावे और जांच में दर्ज बयानों के रूप में सामने आई हैं।



दोनों ने एक-दूसरे को पहचानने से किया था इनकार

यह दावा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जिला कोर्ट में दोनों का रुख अलग था। नेहा और क्षितिज ने अपने अलग-अलग अग्रिम जमानत आवेदनों में एक-दूसरे को पहचानने से इनकार किया था।



नेहा ने अपनी जमानत के लिए टूटी शादी और दो बच्चियों के पालन-पोषण का हवाला दिया था। वहीं अभियोजन ने दोनों के बीच संबंध होने की बात कही थी।



अब FIR रद्द करने की याचिका पर हुई सुनवाई में अभियोजन ने जांच के आधार पर दोनों के एक ही घर में रहने का दावा किया है।



इंजीनियर कुणाल के साथ हुई थी नेहा की शादी

बता दें कि साल 2019 में नेहा की शादी इंजीनियर कुणाल जोशी के साथ हुई थी। उनकी दो जुड़वा बेटियों भी हैं। हालांकि यह शादी ज्यादा दिन टिकी नहीं। साल 2022 में तो नेहा ने पति पर मारपीट का आरोप लगाते हुए FIR भी दर्ज कराई थी। उस दौरान वह पति से अलग चार इमली इलाके में रह रही थी।



बंगले पर आए पति को उन्होंने अंदर आने से मना किया। इसी बात पर दोनों में झगड़ा हो गया। इसी दौरान पति ने पूर्व CSP नेहा पच्चीसियाको धक्का दे दिया, फिर उनका सिर दीवार पर दे मारा।



हालांकि नेहा को ज्यादा चोट नहीं आई। महिला अफसर की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ मारपीट और धमकी देने का केस दर्ज किया था। उसके बाद नेहा ने अपने पति और सास के खिलाफ डोमेस्टिक वायलेंस कभी केस दर्ज किया था। हालांकि जिला कोर्ट में दी गई जानकारी के अनुसार उनकी शादी रद्द हो चुकी है।



जमीन सौदे से शुरू हुआ पूरा विवाद

सीएसपी नेहा पच्चीसिया का यह मामला कटनी के जमीन सौदे से जुड़ी FIR से शुरू हुआ है। आरोप है कि हत्या के मामले में जेल में बंद आरोपी को लाभ पहुंचाने के लिए चालान में देरी की गई।



इसके बाद उसके परिजनों को कथित रूप से धमकाकर जमीन हड़पने की कोशिश हुई। जांच में क्षितिज पर जमीन खरीदने के लिए मरूफ अहमद हनफी को रकम उपलब्ध कराने का आरोप सामने आया।



नेहा की ओर से कहा गया कि क्षितिज और उनके बीच कोई संबंध नहीं है। जिला कोर्ट ने पहले नेहा और क्षितिज की अग्रिम जमानत खारिज कर दी थी। अब नेहा ने FIR रद्द कराने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।



शिकायतकर्ता के वकील ने भी बताई जान को खतरा

सुनवाई के दौरान कटनी के अधिवक्ता अवनीश तिवारी वीडियो कांफ्रेंस के जरिए जुड़े। उन्होंने खुद को शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।



वकील ने दावा किया कि 11 सितंबर के आसपास उनके ऊपर ट्रक चढ़ाने की कोशिश हुई। उन्होंने नेहा के फरार रहने के दौरान अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई।



हालांकि कोर्ट में उनका वकालतनामा पेश नहीं था। इस पर कोर्ट ने पहले वकालतनामा पेश करने को कहा। इसके बाद ही उन्हें अपना पक्ष रखने की बात कही गई।



नेहा ने मांगी अंतरिम राहत

नेहा की ओर से हाई कोर्ट से अंतरिम राहत की मांग की गई। अधिवक्ता ने कहा कि अंतिम सुनवाई होने तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाए। अभियोजन ने इसका भी विरोध किया।



सरकारी पक्ष ने कहा कि जांच रिपोर्ट आरोपों की पुष्टि करती है। अभियोजन के मुताबिक FIR दर्ज होने के बाद से नेहा फरार हैं। उनके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर भी जारी है। ऐसे में उन्हें अंतरिम राहत नहीं दी जानी चाहिए।



अब कोर्ट के आदेश का इंतजार

बुधवार की सुनवाई के बाद कोर्ट ने तत्काल आदेश जारी नहीं किया। सुनवाई के दौरान कोर्ट की ओर से आदेश जारी करने की बात कही गई है। ऐसे में आदेश जल्द सामने आने की संभावना है।



आदेश से स्पष्ट होगा कि नेहा पच्चीसिया को अंतरिम राहत मिलती है या नहीं। साथ ही FIR रद्द करने की उनकी मांग पर आगे की कानूनी प्रक्रिया भी स्पष्ट होगी।



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