तीन लाख CSS कर्मचारियों को मिलेगा समय पर वेतन और मानदेय

Amresh Kushwaha | Mar 22, 2026, 08:52 IST
css karmchari vetan mandey samay par
राज्य सरकार ने केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के तहत काम करने वाले 3 लाख से ज्यादा CSS कर्मचारियों और मानदेय कर्मियों को बड़ी राहत दी है। अब उन्हें हर महीने समय पर वेतन और मानदेय मिलेगा।

News In Short

  • राज्य सरकार ने CSS के तहत काम करने वाले 3 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को राहत दी है।
  • इन कर्मचारियों का वेतन और मानदेय 6-6 महीनों से रुका रहता था, अब यह समय पर मिलेगा।
  • PFMS स्मार्ट मॉड्यूल लागू होने के बाद होल्डिंग बैंक खाते बंद कर दिए गए थे, जो परेशानी की जड़ थे।
  • अब राष्ट्रीयकृत बैंकों में इन खातों को दोबारा खोलने की अनुमति दी गई है।
  • भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने राज्य को अगले निर्देश तक होल्डिंग खाते खोलने की छूट दी है।

News In Detail

क्यों रुका रहता था वेतन?

केंद्र प्रवर्तित योजनाओं (CSS – Centrally Sponsored Schemes) के तहत काम करने वाले कर्मचारियों और मानदेय कर्मियों की एक बड़ी परेशानी थी। उनका वेतन और मानदेय कई-कई महीनों तक नहीं मिलता था। कई बार यह देरी 6-6 महीने तक पहुंच जाती थी।



असल में, केंद्र सरकार ने वित्तीय पारदर्शिता के लिए PFMS स्मार्ट मॉड्यूल लागू किया। इस नियम के तहत पैसा सीधे वेंडर या हितग्राही के खाते में जाना था। इससे बीच के सभी होल्डिंग अकाउंट बंद हो गए। लेकिन यहीं से असली परेशानी शुरू हुई।



PFMS से क्यों अटका?

प्रदेश में केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के संचालन में वेतन का एक हिस्सा केंद्र और एक हिस्सा राज्य देता है। जब सीधे भुगतान की कोशिश की गई तो PFMS (Public Financial Management System) पोर्टल पर वेतन सॉफ्टवेयर के साथ रकम का मिलान नहीं हो पा रहा था।



इस तकनीकी दिक्कत के चलते कर्मचारियों को वेतन मिलना बंद हो गया। आनाकानी की स्थिति बन गई और धीरे-धीरे बकाया बढ़ता गया। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने भारत सरकार के वित्त मंत्रालय से छूट माँगी।



अब क्या होगा?

वित्त मंत्रालय ने अगले निर्देश तक राज्य को राष्ट्रीयकृत बैंकों में होल्डिंग अकाउंट खोलने की अनुमति दे दी है। इन खातों में केंद्र और राज्य दोनों की राशि पहले जमा होगी। इसके बाद हर महीने वेतन और मानदेय सीधे कर्मचारियों के खातों में भेजा जाएगा।



राज्य सरकार इन खातों पर पैनी नजर रखेगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि हर कर्मचारी को उसके काम का पैसा समय पर मिले।



ये हैं प्रभावित कर्मचारी

इस फैसले से कई विभागों के कर्मचारियों को राहत मिलेगी। महिला एवं बाल विकास विभाग में करीब एक लाख 90 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं इससे फायदे में आएंगी।



इनका मानदेय 45 प्रतिशत केंद्र और 55 प्रतिशत राज्य सरकार देती है। होल्डिंग खाता बंद होने से इन्हें सबसे ज्यादा परेशानी हुई थी। इसी तरह लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में एनएचएम (National Health Mission) के तहत काम करने वाले संविदा स्वास्थ्य कर्मी और आशा कार्यकर्ता भी इस सूची में शामिल हैं।



इसके अलावा मनरेगा (Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act) के तहत पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में काम करने वाला पूरा प्रशासनिक अमला भी इस राहत का हकदार होगा।



पहले केंद्र खुद जमा करता था राशि

पहले की व्यवस्था में केंद्र सरकार सबसे पहले अपना हिस्सा होल्डिंग खाते में डालती थी। इसके बाद राज्य सरकार भी इन्हीं खातों में अपनी राशि जमा करती थी। फिर दोनों को मिलाकर कर्मचारियों को भुगतान होता था।



यह व्यवस्था सरल थी और इसमें देरी कम होती थी। PFMS स्मार्ट मॉड्यूल लागू होने के बाद यह पुरानी व्यवस्था बंद हो गई और परेशानी शुरू हो गई।



FAQ

  1. CSS कर्मचारी कौन होते हैं और उन्हें वेतन में देरी क्यों होती थी?
    CSS यानी Centrally Sponsored Schemes (केंद्र प्रवर्तित योजनाओं) के तहत काम करने वाले कर्मचारी और मानदेय कर्मी वे होते हैं जिनका वेतन केंद्र और राज्य दोनों सरकारें मिलकर देती हैं। जब PFMS स्मार्ट मॉड्यूल लागू हुआ तो होल्डिंग बैंक खाते बंद कर दिए गए। इससे केंद्र और राज्य की राशि एक जगह इकट्ठा नहीं हो पाती थी। PFMS पोर्टल पर वेतन सॉफ्टवेयर से रकम का मिलान नहीं होता था। इसी तकनीकी वजह से वेतन और मानदेय 6-6 महीने तक रुक जाता था।
  2. होल्डिंग अकाउंट क्या होता है और अब यह क्यों खोला जाएगा?
    होल्डिंग अकाउंट वह बैंक खाता होता है जिसमें केंद्र और राज्य दोनों की राशि पहले एक साथ जमा होती है। फिर उसी खाते से कर्मचारियों को वेतन दिया जाता है। PFMS के नए नियमों में यह खाता बंद कर दिया गया था। लेकिन तकनीकी दिक्कतों के चलते भुगतान रुक गया। इसे देखते हुए भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने अगले निर्देश तक राज्य को राष्ट्रीयकृत बैंकों में होल्डिंग खाते दोबारा खोलने की अनुमति दे दी है।

ये खबर भी पढ़िए...



डीपीआई ने शिक्षकों को पात्रता साबित करने दिया आखिरी मौका



सूत्र की खबर के बाद राऊ तहसील से तहसीलदार याचना दीक्षित का तबादला



एमपी पुलिस का दंगल : थाने में भिड़े एसआई और एएसआई, टीआई ने किया बीच-बचाव



Weather Update: आंधी-बारिश के बाद मध्यप्रदेश में बदला मौसम, अब तेज गर्मी की चेतावनी!



Tags:
  • केंद्र सरकार
  • वित्त मंत्रालय
  • National Health Mission
  • मनरेगा
  • एनएचएम
  • पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग
  • PFMS
  • CSS