सोशल मीडिया पर मीठी और प्यारी बातें कर रही कंगाल, अकेले ग्वालियर में 23 करोड़ साफ
समझें क्या है पूरा मामला...
- साइबर ठग अब महिला की आवाज का इस्तेमाल कर लोगों को फंसा रहे हैं।
- ग्वालियर में दो साल में 23 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी हो चुकी है।
- इसमें एक सीए से हुई 21 करोड़ की ठगी भी शामिल है।
- रीवा में मंगलवार, 14 जुलाई को दो नए मामले सामने आए हैं।
- जबलपुर में फोन हैंग होते ही किसी के खाते से 50 हजार रुपए पार हो गए।
महिला की आवाज बना नया हथियार
ग्वालियर और पूरे मध्यप्रदेश में इन दिनों साइबर ठगों का एक नया और बेहद खतरनाक रूप देखने को मिल रहा है। इसे पुलिस अधिकारी डिजिटल हनी ट्रैप कह रहे हैं।
ठग अब लोगों को फंसाने के लिए फर्जी वेबसाइट से आगे बढ़कर महिलाओं की मीठी आवाज का सहारा ले रहे हैं। वे फोन पर बहुत प्यार से बात करते हैं और घर बैठे मोटा मुनाफा कमाने का लालच देते हैं। लोग इनकी बातों में आकर भावुक हो जाते हैं और अपनी पूरी जिंदगी की कमाई खो देते हैं।
अकेले ग्वालियर शहर की बात करें तो पिछले दो सालों में महिलाओं के नाम पर या उनकी आवाज का इस्तेमाल करके 23 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी की जा चुकी है।
इसमें सबसे बड़ा हाल ही का मामला एक CA का है, जिनसे ठगों ने 21 करोड़ रुपए ऐंठ लिए। ग्वालियर के बाद भोपाल और इंदौर में भी ऐसे बहुत से मामले सामने आ रहे हैं।
रीवा में दो ताजा मामले
बता दें कि मंगलवार 14 जुलाई को रीवा से दो नए मामले सामने आए हैं। ठगों ने वॉट्सएप के जरिए डॉ. अखिलेश पटेल को प्रॉपर्टी बेचने का झांसा दिया। उनसे 20 लाख 58 हजार रुपए ऐंठ लिए गए।
वहीं दूसरा मामला रतहरा गांव की एक महिला का है। करेंसी कनवर्ट करने के बहाने उनसे एक लाख 72 हजार रुपए ठगे गए। दोनों मामलों में ठगों ने भरोसा जीतकर पैसे मंगवाए।
जब महिला बनी गैंग की मास्टरमाइंड
इसके अलावा फरवरी 2026 में मुरार एन्क्लेव के गत्ता कारोबारी दुर्गाप्रसाद नागर (75) की फेसबुक पर शिवानी अग्रवाल नाम से दोस्ती हुई थी। इस केस में खुद को यूके निवासी बताकर उसने ऑनलाइन ट्रेडिंग में मुनाफे का लालच दिया।
भरोसे में लेकर एक करोड़ 41 लाख रुपए निवेश करा लिए गए। इसके बाद फेसबुक अकाउंट डिलीट कर वह गायब हो गई।
वहीं मई 2026 में कैलाश विहार निवासी रिटायर्ड इंजीनियर विजय कुमार से लौरा एल्विस नाम की महिला ने फेसबुक पर दोस्ती की थी।
इसमें महिला ने खुद को इंग्लैंड की हर्बल कंपनी में कार्यरत बताया था। साथ ही भारत में उत्पाद बेचकर मुनाफा कमाने का झांसा दिया था। विजय ने 32 लाख के उत्पाद खरीदे। बाद में कुल 49 लाख 28 हजार रुपए ठग लिए गए।
फोन हैंग होते ही उड़ गए पैसे
जबलपुर के रांझी इलाके में भी साइबर ठगी सामने आई थी। राजेंद्र चौधरी का फोन अचानक हैंग होकर बंद हो गया। करीब 15 मिनट बाद फोन दोबारा चालू हुआ। इसके बाद पता चला कि उनके खाते से 49 हजार 660 रुपए यूपी के एक बैंक खाते में भेज दिए गए।
सतर्क रहें, ऐसे पहचानें जाल
बता दें कि साइबर अपराधी अब सिर्फ फर्जी वेबसाइट या लिंक तक सीमित नहीं हैं। वे महिलाओं की आवाज और पहचान का इस्तेमाल कर भरोसा जीतते हैं। बेरोजगार युवाओं को नौकरी का लालच दिया जाता है। निवेशकों से दोगुना मुनाफे का वादा किया जाता है। व्यापारियों को विदेशी बिजनेस का झांसा दिया जाता है।
समाज में महिलाओं पर सहज भरोसा करने की प्रवृत्ति का फायदा गिरोह उठा रहे हैं। अगर किसी अनजान नंबर से महिला निवेश, ट्रेडिंग या विदेशी बिजनेस का प्रस्ताव दे, तो सतर्क हो जाएं। किसी भी हाल में पैसे ट्रांसफर न करें। तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर या नजदीकी साइबर थाने में शिकायत करें।
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