सावधान! पुराने ई-कॉमर्स अकाउंट से हो रही ठगी, भूलकर भी न करें ये लापरवाही
समझें क्या है पूरा मामला...
- पुराने और निष्क्रिय ई-कॉमर्स अकाउंट अब साइबर ठगों के निशाने पर हैं।
- साइबर पुलिस के अनुसार पिछले एक साल में करीब 30 मामले सामने आए हैं।
- ठग इनएक्टिव अकाउंट में सेव कार्ड डिटेल और रिवॉर्ड पॉइंट्स का दुरुपयोग कर रहे हैं।
- ज्यादातर लोग ऐसे अकाउंट की निगरानी नहीं करते हैं।
- इससे ठगी का पता देर से चलता है।
लापरवाही बनी वजह
दरअसल कई लोग शॉपिंग अकाउंट बनाते समय कार्ड डिटेल सेव कर देते हैं। बाद में लोग इन अकाउंट का इस्तेमाल बंद कर देते हैं। लेकिन फाइनेंशियल जानकारी हटाना भूल जाते हैं। साइबर अपराधी इसी लापरवाही का फायदा उठाते हैं।
साइबर पुलिस के पास ऐसी शिकायतें लगातार आ रही हैं। बढ़ती ठगी को देखते हुए आरबीआई, बैंक और पुलिस समय-समय पर एडवाइजरी जारी कर रहे हैं। फिर भी जागरूकता की कमी बनी हुई है।
ठग अपनाते हैं कई तरीके
अकाउंट तक पहुंचने के लिए ठग कई तरीके अपनाते हैं। इनमें डेटा लीक से मिले पासवर्ड, फिशिंग लिंक और फर्जी मैसेज शामिल हैं। मालवेयर और सिम स्वैप जैसी तकनीकें भी इस्तेमाल होती हैं।
बड़ी संख्या में लोग अलग-अलग जगह एक ही पासवर्ड रखते हैं। किसी एक प्लेटफॉर्म से डेटा लीक होने पर यही आदत भारी पड़ जाती है। ठग उसी पासवर्ड से दूसरे शॉपिंग अकाउंट में लॉग-इन करने की कोशिश करते हैं।
अकाउंट मिलते ही शुरू होती है खरीदारी
अकाउंट तक पहुंच मिलते ही ठग सेव कार्ड या भुगतान माध्यम से खरीदारी शुरू कर देते हैं। रिवॉर्ड पॉइंट्स का भी दुरुपयोग किया जाता है। अकाउंट निष्क्रिय होने के कारण ग्राहक को लंबे समय तक इसका पता नहीं चलता।
आपके पास भी ऐसा अकाउंट है क्या
अगर आपने पिछले 6 से 12 महीने से आकाउंट में लॉग-इन नहीं किया है। साथ ही अकाउंट पर कार्ड या भुगतान जानकारी सेव है। आपने लंबे समय से पासवर्ड नहीं बदला है तो सतर्क हो जाएं।
बचाव के आसान उपाय
हर अकाउंट के लिए अलग और मजबूत पासवर्ड रखें। जिन अकाउंट का इस्तेमाल नहीं करते, उनसे कार्ड डिटेल हटा दें। संदिग्ध लिंक ईमेल या मैसेज पर क्लिक न करें।
ओटीपी, सीवीवी (CVV – Card Verification Value) और पासवर्ड किसी से साझा न करें। ऐप्स केवल भरोसेमंद स्रोत से डाउनलोड करें। बैंक और कार्ड के ट्रांजेक्शन अलर्ट हमेशा चालू रखें।
ऐसे हटाएं सेव कार्ड डिटेल
सबसे पहले ई-कॉमर्स ऐप या वेबसाइट पर लॉग-इन करें। इसके बाद प्रोफाइल में जाकर पेमेंट मेथड्स खोलें। जिस कार्ड का इस्तेमाल नहीं करते, उसे रिमूव करें।
लिंक्ड यूपीआई या अन्य भुगतान माध्यम भी हटा दें। इसके बाद पासवर्ड बदलें। 2-स्टेप वेरिफिकेशन जरूर चालू रखें।
FAQ
- निष्क्रिय ई-कॉमर्स अकाउंट खतरनाक क्यों है?
इसमें सेव कार्ड डिटेल और भुगतान जानकारी मौजूद रहती है। ठग इसका दुरुपयोग कर खरीदारी कर सकते हैं। निगरानी न होने से पता देर से चलता है। - ई कॉमर्स अकाउंट से सेव कार्ड डिटेल कैसे हटाएं?
ऐप या वेबसाइट पर लॉग-इन कर प्रोफाइल में जाएं। पेमेंट मेथड्स में जाकर कार्ड रिमूव करें। इसके बाद पासवर्ड बदल दें। - एक ही पासवर्ड कई जगह इस्तेमाल करना क्यों खतरनाक है?
उत्तर: एक प्लेटफॉर्म से डेटा लीक होने पर वही पासवर्ड दूसरी जगह इस्तेमाल हो सकता है। इससे कई अकाउंट खतरे में आ जाते हैं। हर अकाउंट के लिए अलग पासवर्ड जरूरी है।
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