इंदौर के डेली कॉलेज में नहीं थम रहा विवाद, बोर्ड चुनाव प्रक्रिया और शेड्यूल के खिलाफ कैंपेनिंग शुरू

Sanjay Gupta | Apr 24, 2026, 12:31 IST
daily college election process row indore
डेली कॉलेज बोर्ड चुनाव को लेकर विवाद बढ़ गया है। नया और पुराना संविधान, 30 दिन का शेड्यूल और नामांकन प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं विरोधी गुट कैंपेनिंग कर रहा है जबकि चुनाव अधिकारी ने अब तक स्थिति साफ नहीं की है।

News In Short

  • डेली कॉलेज बोर्ड चुनाव को लेकर विवाद अभी भी जारी है।
  • नया और पुराना संविधान ही विवाद की वजह बना हुआ है।
  • 30 दिन के चुनाव शेड्यूल पर भी सवाल उठ रहे हैं।
  • विरोधी गुट ने पोस्टर और कैंपेनिंग शुरू कर दी है।
  • नामांकन प्रक्रिया और टाइमलाइन पर भी आपत्ति जताई जा रही है।

News In Detail

इंदौर के डेली कॉलेजबोर्ड का चुनाव शेड्यूल जारी होने के बाद विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहले संविधान संशोधन का विरोध करने वाला गुट अब चुनाव की प्रक्रिया का विरोध कर रहा है।



नए और पुराने संविधान के बीच में चुनाव उलझ गया है। उधर चुनाव अधिकारी ने इस पर अभी तक स्थिति साफ नहीं की है।



डेली कॉलेज बोर्ड के चुनाव नए संविधान से होंगे या पुराने संविधान से। यदि नया संविधान मंजूर नहीं हुआ है तो फिर चुनाव शेड्यूल नए संविधान के तहत केवल 30 दिन का ही क्यों जारी हुआ। यह दो बड़े सवाल हैं जो अभी डेली कॉलेज में विवाद की वजह बने हुए हैं।



इस पर फर्म एंड सोसायटी असिस्टेंट रजिस्ट्रार द सूत्र से साफ बोल चुके हैं कि नया संविधान अभी मंजूर नहीं हुआ है। अब चुनाव शेड्यूल को लेकर स्थिति साफ मुख्य चुनाव अधिकारी (हाईकोर्ट रिटायर जस्टिस सुशील गुप्ता) को करना है, लेकिन अभी उनकी ओर से कोई बयान नहीं आया है।



बीते चुनाव से तुलना कर पोस्टर, कैंपेनिंग जारी

इसी बीच ओल्ड डेलियंस एसोसिएशन (ओडीए) की ओर से विरोधी गुट ने चुनाव शेड्यूल को लेकर कैंपेनिंग तेज कर दी है। इसके लिए पोस्टर, बैनर बनाकर WhatsApp मैसेज चलाए जा रहे हैं।



इसमें खासकर साल 2020 में हुए बोर्ड चुनाव और अब 2026 में जारी चुनाव शेड्यूल की तुलना कर बताया गया है कि, कहां पर खामी और नियमों के परे काम किया गया है।



  • साल 2020 चुनाव में चुनाव शेड्यूल 90 दिन का था। अभी 30 दिन का है।
  • साल 2020 में मतदाता सूची संशोधन 21 दिन दिए थे। अब केवल 2 दिन दिए गए हैं।
  • साल 2020 में नामांकन के लिए 8 दिन दिए थे। इस बार केवल दो दिन 28 व 29 अप्रैल दिए गए हैं।
  • साल 2020 में डाक मतपत्र के बाहर जाकर वापस आने के लिए 47 दिन थे। अब केवल 15 दिन हैं।

इस कारण चुनाव में भागीदारों को कम समय मिल रहा है। इनके अवसर कम हो रहे हैं। साथ ही बाहरी मतदाताओं को वोट करने के लिए भी कम समय मिल रहा है।



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नामांकन प्रक्रिया पर भी आपत्तियां

इसके साथ इस प्रक्रिया पर भी आपत्ति है कि पहले 2020 के चुनाव में नामांकन फार्म भरे जाते थे, फिर इनकी स्क्रूटनी होती थी। इसके बाद नाम वापसी की प्रक्रिया थी।



वहीं इस बार नामांकन फार्म भरने के बाद ही विड्रॉ करने की प्रक्रिया है और आखिरी में स्क्रूटनी है। इससे असर होगा कि उम्मीदवार बिना स्क्रूटनी की जानकारी लगे ही फार्म पहले विड्रॉ करेगा।



उम्मीदवार को फार्म में कमी पता नहीं चलेगी। इससे अंतिम उम्मीदवार को अप्रत्यक्ष तौर पर प्रभावित किया जा सकता है।



चुनाव अधिकारी आज से सुनेंगे आपत्तियां

उधर चुनाव शेड्यूल के मुताबिक (डेली कॉलेज इंदौर) मतदाता सूची पर 21 से 23 अप्रैल तक आपत्तियां लगना थीं। इसके बाद 24 व 25 अप्रैल को चुनाव अधिकारी द्वारा इन आपत्तियों को व्यक्तिगत उपस्थिति के आधार पर सुना जाएगा।



जानकारी के अनुसार इन दो दिन में दोनों ओर के पक्षकार अपनी बात रखेंगे। इसमें एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत भी होंगी।



इनका निराकरण चुनाव अधिकारी 27 अप्रैल को करेंगे। इसके बाद 28 व 29 अप्रैल को नामांकन प्रक्रिया होगी। नाम वापसी, स्क्रूटनी के बाद 4 से 19 मई तक डाक मतपत्र जारी होंगे, जो 20 मई तक वापस आएंगे। फिर 21 मई को स्थानीय मतदाताओं के लिए वोटिंग का समय होगा। इसी दिन 21 मई की रात में रिजल्ट आएंगे।



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