दलित दंपती को मंदिर में घुसने से रोका, पंचायत ने दिया बहिष्कार करने का फरमान

Sandeep Kumar | Apr 26, 2026, 18:56 IST
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खरगोन में एक दलित दंपती को मंदिर में प्रवेश से रोका गया और बाद में सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ा। पुलिस ने कार्रवाई कर मंदिर खुलवाकर पूजा करवाई और समझौते की कोशिश की।

News in Short

  • खरगोन में नवविवाहित दलित दंपती को मंदिर में प्रवेश से रोका गया।
  • पुलिस ने दंपती को पूजा करने की अनुमति दी, लेकिन विवाद बढ़ गया।
  • समाज के वरिष्ठों ने आरोप लगाया कि गेट समय समाप्त होने पर बंद किए गए थे।
  • पंचायत ने दंपती और उनके समाज के खिलाफ सामाजिक बहिष्कार का निर्णय लिया।
  • पुलिस दोनों पक्षों के बीच सामंजस्य बनाने की कोशिश कर रही है।

News in Detail

मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के पाडल्या गवली गांव में विवाद हुआ। एक नवविवाहित दलित दंपती को मंदिर में प्रवेश से रोका गया। किसान और ढोलक बजाने वाले निर्मल कनाडे अपनी पत्नी और परिवार के साथ मंदिर पहुंचे। दंपती का आरोप है कि मंदिर समिति ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया और गेट बंद कर दिए। इसके बाद उन्होंने डायल 112 पर शिकायत दर्ज कराई।



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बुलाई गई पंचायत

घटना के बाद दलित समाज के कुछ लोगों ने अन्य समुदायों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। इसके बाद पंचायत बुलाई गई। पंचायत ने निर्णय लिया कि दलित दंपती और उनके समाज के कुछ लोगों को काम पर न रखा जाए और सामाजिक बहिष्कार किया जाए।



दंपती के समाजजन ने वीडियो में दिखाया कि तीन दुकानों पर उन्हें चायपत्ती और दूध तक नहीं दिया गया। दुकानदारों ने पंचायत के फैसले का हवाला देते हुए सामान देने से इनकार किया।



पुलिस का हस्तक्षेप

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मंदिर के दरवाजे खोलवाए। दंपती को पूजा करने की अनुमति दी गई। खरगोन के एसपी रवींद्र वर्मा ने बताया कि पुलिस ने मंदिर खोलकर दंपती को पूजा करने दिया। इसके बाद विवाद और बढ़ गया। गोगावां थाना प्रभारी दीपक यादव के अनुसार, दूसरे पक्ष ने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि मंदिर निर्धारित समय के बाद खोला गया और विशेष व्यवस्था की गई।



लोगों ने रखा अपना पक्ष

विवाद पर पटेल, बंजारा, गवली और अन्य समाज के वरिष्ठ लोगों ने अपना पक्ष रखा। उनका कहना था कि मंदिर का दर्शन समय समाप्त हो चुका था, इसलिए गेट बंद किए गए थे। इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि दंपती और उनके परिजनों ने चप्पल पहनकर मंदिर में प्रवेश करने की कोशिश की थी, जो स्थानीय परंपराओं के खिलाफ था। समाज के मुताबिक, हनुमान प्रतिमा के पास महिलाओं के जाने की रोक थी, जिस वजह से उन्हें अनुमति नहीं दी गई।



क्या बोले एसपी रवींद्र वर्मा

खरगोन पुलिस विवाद सुलझाने के लिए प्रयासरत है। एसपी रवींद्र वर्मा ने बताया कि पुलिस ने बैठक आयोजित की। पुलिस दोनों पक्षों के बीच सामंजस्य बनाने का प्रयास कर रही है। उनका उद्देश्य स्थिति को सामान्य करना है।



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