दतिया उपचुनाव के लिए नाम वापसी का आज आखिरी दिन, 25 प्रत्याशी मैदान में
समझें क्या है पूरा मामला...
- दतिया उपचुनाव में भाजपा ने भारत सिंह कुशवाहा को चुनाव प्रभारी बनाया है।
- ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रभारी बनाए जाने की अटकलें थीं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
- राहुल कोठारी सह-प्रभारी होंगे।
- दतिया में ओबीसी वोटर निर्णायक हैं, जिनमें कुशवाहा सबसे बड़ी जाति है।
- कांग्रेस ने भी 40 विधायकों वाला 15 दिन का प्रचार प्लान तैयार किया है।
भाजपा ने बदली रणनीति
दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर भाजपा ने बड़ा फैसला लिया है। पार्टी ने ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाहा को चुनाव प्रभारी बनाया है। यह जिम्मेदारी उन्हें बुधवार, 15 जुलाई को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने सौंपी। प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी को सह-चुनाव प्रभारी बनाया गया है।
इससे पहले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रभारी बनाए जाने की चर्चा जोरों पर थी। लेकिन भाजपा ने इस पर विराम लगा दिया है।
ओबीसी वोटर बने फोकस
दतिया सीट पर ओबीसी मतदाता बेहद अहम भूमिका में हैं। यहां कुशवाहा समाज सबसे बड़ी ओबीसी जाति है। पूरे विधानसभा क्षेत्र में कुशवाहा वोटर करीब 12.2 प्रतिशत हैं। यह ब्राह्मण समाज के 14.8 प्रतिशत और जाटव समाज के 14.7 प्रतिशत के बाद तीसरे नंबर पर आता है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भारत सिंह को कमान सौंपना सोची-समझी रणनीति है। वे कुशवाहा समाज के वोटरों को भाजपा के पक्ष में लामबंद करेंगे।
सिंधिया क्यों बाहर रहे
सिंधिया को प्रभारी न बनाने की एक वजह उनकी व्यस्तता बताई जा रही है। दूसरी वजह पार्टी का चुनावी नैरेटिव है। भाजपा कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह के खिलाफ राजा बनाम रंक का मुद्दा उठा रही है। पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा दो दिन पहले मंच से इसका जिक्र कर चुके हैं।
कांग्रेस की 15 दिन की रणनीति
वहीं कांग्रेस ने भी प्रचार के लिए बड़ा प्लान बनाया है। आज 16 जुलाई से इस पर काम शुरू होगा। दतिया में 30 जुलाई को वोटिंग है। पार्टी ने 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है।
इसके साथ ही जातिगत गणित को ध्यान में रखते हुए 30 जिला अध्यक्षों की सूची भी बनाई गई है। ये सभी नेता 16 से 30 जुलाई तक दतिया में रहकर प्रचार करेंगे।
विधायक फूल सिंह बरैया, सिद्धार्थ कुशवाहा, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, प्रियव्रत सिंह और सचिन यादव समेत करीब दस नेताओं को अलग-अलग जातियों को ध्यान में रखकर तैनात किया गया है।
25 जुलाई से पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता दतिया में डेरा डालेंगे। करीब पांच बड़ी रैलियां भी होंगी। कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी अब तक जेन-जी साइक्लोथॉन में व्यस्त थे। आज गुरुवार से वे भी दतिया चुनाव में सक्रिय हो जाएंगे। कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी पूरे समय मध्य प्रदेश में रहेंगे।
चुनाव आयोग की सख्त निगरानी
दतिया उपचुनाव को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव झा ने बुधवार, 15 जुलाई को वर्चुअल बैठक की। इसमें जिला प्रशासन को जरूरी निर्देश दिए गए। 17 जुलाई को ईवीएम और वीवीपैट का दूसरा रैंडमाइजेशन होगा।
अब किसी भी रैली, सभा, जुलूस या लाउडस्पीकर के लिए पहले रिटर्निंग अधिकारी की अनुमति लेनी होगी। चुनावी खर्च और आचार संहिता पर नजर रखने के लिए एसएसटी, वीएसटी, फ्लाइंग स्क्वॉड और एमसीएमसी टीमें तैनात हैं।
सी-विजिल ऐप पर मिलने वाली शिकायतों पर 100 मिनट के भीतर कार्रवाई होगी। चुनाव खत्म होने तक दतिया के सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
तीन बाहरी अफसर बने ऑब्जर्वर
केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने पारदर्शिता के लिए मध्य प्रदेश के बाहर के तीन वरिष्ठ अफसरों को ऑब्जर्वर बनाया है। ये तीनों अफसर दतिया पहुंच चुके हैं और मतगणना तक सर्किट हाउस में रहेंगे।
पश्चिम बंगाल कैडर के आईएएस विजय भारती जनरल ऑब्जर्वर हैं। कर्नाटक कैडर के आईपीएस के. थियागराजन पुलिस ऑब्जर्वर बनाए गए हैं। केंद्रीय सेवा के आईआरएस विशाल मलानी चुनावी खर्च की निगरानी करेंगे।
नामांकन की स्क्रूटनी पूरी
दतिया उपचुनाव के लिए नामांकन की स्क्रूटनी प्रक्रिया पूरी हो गई है। कुल 29 उम्मीदवारों ने 32 नामांकन पर्चे भरे थे। भाजपा प्रत्याशी ने 2 सेट और कांग्रेस प्रत्याशी ने 3 सेट में नामांकन दाखिल किया था।
स्क्रूटनी के दौरान 4 निर्दलीय और छोटे दलों के उम्मीदवारों के पर्चे खारिज हो गए। अब मैदान में सिर्फ 25 प्रत्याशी बचे हैं। आज 16 जुलाई नामांकन वापस लेने का आखिरी दिन है।
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