दतिया विधानसभा उप-चुनाव 2026 : तैयारियों का श्रीगणेश, ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग आज से
News in Short
- कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को कोर्ट से 3 साल की सजा होने पर सदस्यता रद्द हुई।
- दो साल से अधिक सजा मिलने पर नियमतः विधानसभा सदस्यता तुरंत समाप्त हो जाती है।
- मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर दतिया सीट को खाली घोषित किया।
- सीट खाली होने के कारण चुनाव आयोग दतिया में विधानसभा उपचुनाव कराने जा रहा है।
- जिला प्रशासन ने चुनाव निष्पक्ष कराने के लिए ईवीएम की चेकिंग प्रक्रिया शुरू की।
News in Detail
कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधायकी जाने के बाद अब दतिया में विधानसभा उप-चुनाव 2026 की हलचल तेज हो गई है। जिला प्रशासन ने चुनाव की तैयारियों को मजबूत करना शुरू कर दिया है। इस कड़ी में दतिया के उप जिला निर्वाचन अधिकारी बिजेंद्र सिंह यादव ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है।
इस आदेश के अनुसार, चुनाव में इस्तेमाल होने वाली ईवीएम (EVM) और वीवीपीएटी (VVPAT) मशीनों की फर्स्ट लेवल चेकिंग (FLC) की तारीख तय कर दी गई है। यह पूरी प्रक्रिया राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में पूरी की जाएगी।
मुख्य चुनाव अधिकारी के निर्देश पर जिला प्रशासन अलर्ट
मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, भोपाल से मिले पत्र के बाद दतिया जिला प्रशासन पूरी तरह एक्टिव मोड में आ गया है। कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने बताया कि सोमवार को निर्वाचन आयोग का आदेश प्राप्त हुआ था। इसी आदेश के आधार पर उप-चुनाव की जमीनी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य चुनाव को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना है। इसके लिए मशीनों की सुरक्षा और उनकी जांच सबसे पहला और महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।
25 मई से शुरू होगी मशीनों की जांच
दतिया विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 22 के उप-चुनाव के लिए मशीनों की फर्स्ट लेवल चेकिंग 25 मई 2026 से निर्धारित की गई है। यह चेकिंग प्रक्रिया प्रतिदिन सुबह 09:00 बजे से शुरू होगी और कार्य समाप्ति तक लगातार चलेगी। इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए नए कलेक्ट्री परिसर में स्थित ईवीएम वेयरहाउस को केंद्र बनाया गया है। यहां कड़ी सुरक्षा के बीच तकनीकी इंजीनियरों द्वारा सभी मशीनों की बारीकी से जांच की जाएगी, ताकि मतदान के दिन कोई तकनीकी खराबी न आए।
राजनीतिक दलों को भेजा गया आमंत्रण
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने दतिया जिले के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अध्यक्षों को पत्र भेजकर इस प्रक्रिया में शामिल होने का आग्रह किया है। दलों से कहा गया है कि वे स्वयं या अपने अधिकृत प्रतिनिधियों को इस एफएलसी (FLC) प्रक्रिया में शामिल होने के लिए नामांकित करें। चुनाव आयोग का मानना है कि राजनीतिक दलों की उपस्थिति से मशीनों की विश्वसनीयता पर कोई सवाल नहीं उठता। प्रक्रिया की पूरी पारदर्शिता के लिए यह कदम उठाना बेहद जरूरी और अनिवार्य होता है।
सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक अमला रहेगा मुस्तैद
इस चेकिंग प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए पुलिस अधीक्षक, अपर कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी सहित 10 प्रमुख विभागों को प्रतिलिपि भेजी गई है। ईवीएम वेयरहाउस की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए रक्षित निरीक्षक और पुलिस लाइन को विशेष निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग के नोडल अधिकारियों को भी वेयरहाउस की व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि पूरी प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के शांतिपूर्वक संपन्न हो सके।
क्यों हो रहे है दतिया विधानसभा उप-चुनाव
दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव इसलिए हो रहे हैं क्योंकि यहां के कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधायकी रद्द हो गई है। दरअसल, अप्रैल 2026 में दिल्ली की एक विशेष अदालत ने उन्हें बैंक एफडी हेराफेरी के करीब 27 साल पुराने एक धोखाधड़ी के मामले में दोषी करार देते हुए 3 साल की सजा और 1 लाख रुपये का जुर्माना सुनाया था।
नियम के अनुसार, 2 साल या उससे अधिक की सजा होने पर सदस्यता तुरंत समाप्त हो जाती है। इसके बाद मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर दतिया सीट को 'शून्य' यानी खाली घोषित कर दिया। यही वजह है कि अब इस खाली सीट पर दोबारा चुनाव कराने की तैयारी की जा रही है।
यह खबरें भी पढ़ें...
News Strike: राजेंद्र भारती पर फैसले से पहले बीजेपी में बढ़ा नरोत्तम मिश्रा का दबदबा?
राजेंद्र भारती का केस जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच में, इसी पर केजरीवाल ने उठाए हैं सवाल
निर्मला सप्रे, राजेंद्र भारती और मुकेश मल्होत्रा के मामलों में उलझी तस्वीर, भाजपा-कांग्रेस दोनों पर सवाल, फैसला अब भी अधूरा
27 साल पुराने एफडी हेराफेरी मामले में राजेंद्र भारती की याचिका पर 26 मई को सुनवाई