दतिया में भीम आर्मी-असपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस का लाठीचार्ज, आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल
Datia. बुधवार को दतिया जिले में गोराघाट के सिंध पुल के पास एक बड़ी घटना हुई, जब आजाद समाज पार्टी (ASP) और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने बिना अनुमति के संकल्प यात्रा निकाली। प्रशासन ने पहले ही इस यात्रा की अनुमति रद्द कर दी थी, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और यात्रा को आगे बढ़ाने की कोशिश की।
हालात बिगड़ते देख पुलिस ने पहले कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब उन्होंने बात नहीं मानी, तो पुलिस को मजबूरी में लाठीचार्ज करना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले भी छोड़े। इस कारण से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पूरे मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने वाहनों में तोड़फोड़ भी की।
यात्रा का उद्देश्य
यह यात्रा नागपुर से शुरू हुई थी और इसका उद्देश्य 14 मार्च को ग्वालियर में हाई कोर्ट परिसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की मांग करना था। हालांकि, प्रशासन ने पहले ही साफ कर दिया था कि यात्रा ग्वालियर तक नहीं जाने दी जाएगी, क्योंकि इससे सामाजिक तनाव का खतरा था।
सभा और यात्रा की अनुमति रद्द
गोराघाट में यात्रा के दौरान एक सभा का भी आयोजन प्रस्तावित था, लेकिन प्रशासन ने इस सभा और यात्रा की अनुमति रद्द कर दी थी। इसके बावजूद भी कार्यकर्ता अपनी यात्रा पर अड़े रहे।
पुलिस ने दागे आंसू गैस के 15 से 20 गोले
दतिया में बुधवार को बिना अनुमति के निकाली जा रही संकल्प यात्रा पर पुलिस ने कड़ा एक्शन लिया। शुरू में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। इससे स्थिति आक्रामक हो गई और पुलिस को मजबूरी में वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। इसके अलावा, भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के 15 से 20 गोले भी छोड़े गए। पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज भी किया और करीब 100 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर अस्थायी जेल भेज दिया।
15 थानों का पुलिस बल तैनात, स्थिति पर कड़ी निगरानी
सुरक्षा स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने दतिया में भारी पुलिस बल तैनात किया है। जिले के एसपी और तीन एसडीओपी सहित 15 थानों की पुलिस अलग-अलग जगहों पर तैनात की गई है। प्रशासन ने यह साफ किया है कि किसी भी स्थिति में संकल्प यात्रा को ग्वालियर के डबरा तक नहीं जाने दिया जाएगा। टकराव से बचने के लिए सवर्ण आर्मी के पदाधिकारियों को भी एहतियातन रामलाल मंदिर में नजरबंद कर दिया गया।
कई कार्यकर्ता गिरफ्तार
पुलिस ने इस घटना में लगभग 100 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। इनमें आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर सिंह यादव भी शामिल थे, जिनका विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तारी की गई। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से शहर में तनाव फैल सकता है, और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं।
यह खबरें भी पढ़ें...
बस का टैक्स बकाया तो EOW ने मालिकों पर कर दी FIR, HC पहुंचा मामला
सागर दलित हत्याकांड : सुप्रीम कोर्ट सख्त, CBI जांच के आदेश, पूर्व गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज
BRTS पर एलिवेटेड कॉरिडोर पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब, रैलिंग हटाने के लिए 40 दिन का समय