दतिया उपचुनाव: कांग्रेस ने उतारा डमी कैंडिडेट, मीनाक्षी नटराजन मामले से लिया सबक
मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उप-चुनाव में कांग्रेस ने अपनी चुनावी रणनीति मजबूत कर ली है। कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह ने सोमवार को नामांकन दाखिल किया। नामांकन के दौरान कांग्रेस के कई बड़े नेता मौजूद रहे।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पहुंचे। दोनों नेताओं ने प्रत्याशी के समर्थन में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। कांग्रेस ने इस बार सावधानी वाली रणनीति अपनाते हुए डमी कैंडिडेट भी मैदान में उतारा है।
पार्टी नेताओं के अनुसार डमी प्रत्याशी का नामांकन स्वीकार हो चुका है। कांग्रेस ने यह फैसला पुराने राजनीतिक अनुभवों को ध्यान में रखकर लिया है। पार्टी का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी स्थिति से निपटने की तैयारी जरूरी है।
मीनाक्षी नटराजन मामले से लिया सबक
दतिया उपचुनाव में डमी कैंडिडेट उतारने को लेकर कांग्रेस नेताओं ने मीनाक्षी नटराजन मामले का जिक्र किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि पार्टी ने पुराने अनुभवों से सीख ली है।
उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि राज्यसभा चुनाव के दौरान कुछ परिस्थितियां सामने आई थीं। इसलिए इस बार कांग्रेस ने अतिरिक्त सावधानी बरती है।
उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस का मुकाबला सरकार की नीतियों से है। उन्होंने भाजपा से चुनाव को निष्पक्ष तरीके से लड़ने की बात कही।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए। चुनाव में सरकारी तंत्र का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।
हालांकि भाजपा की तरफ से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया आना बाकी है। चुनावी माहौल में दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
दिग्विजय सिंह नहीं पहुंचे नामांकन में
कांग्रेस के नामांकन कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के पहुंचने की चर्चा थी। हालांकि वह निर्धारित कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। काफी इंतजार के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी वहां से लौट गए। इसके बाद उमंग सिंघार के साथ प्रत्याशी नामांकन दाखिल करने पहुंचे।
नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुंवर घनश्याम सिंह ने जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि जनता कांग्रेस के साथ खड़ी है। उन्होंने बड़े वोट अंतर से जीत हासिल करने की उम्मीद जताई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी चुनाव में पूरी ताकत लगाने की बात कही।
राजेंद्र भारती ने बताई चुनाव नहीं लड़ने की वजह
कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती भी नामांकन कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने की वजह मीडिया के सामने रखी।
राजेंद्र भारती ने कहा कि उनका परिवार लंबे समय से राजनीति में सक्रिय है। उन्होंने बताया कि उनके परिवार का दतिया में मजबूत राजनीतिक आधार रहा है। उन्होंने कहा कि उनके पिता पांच बार विधायक रहे हैं। खुद राजेंद्र भारती भी तीन बार विधायक रह चुके हैं।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने उन्हें चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया था। लेकिन उन्होंने इस बार चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। राजेंद्र भारती ने कहा कि दतिया कांग्रेस के कार्यकर्ता चुनाव संभालने में सक्षम हैं। उन्होंने पार्टी प्रत्याशी के समर्थन की बात कही।
समाजवादी पार्टी ने दिया कांग्रेस को समर्थन
दतिया उपचुनाव में इंडिया गठबंधन की भूमिका भी दिखाई दे रही है। समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देने का ऐलान किया है।समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव नामांकन कार्यक्रम में पहुंचे। उनके साथ पार्टी के कई कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
मनोज यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी कांग्रेस उम्मीदवार का पूरा समर्थन करेगी। उन्होंने बूथ स्तर तक कार्यकर्ता लगाने की बात कही।
उन्होंने कहा कि गठबंधन के तहत दोनों दल मिलकर चुनाव लड़ेंगे। इससे कांग्रेस को चुनावी मैदान में सहयोग मिलने की उम्मीद है।
दतिया उपचुनाव में बढ़ी राजनीतिक हलचल
दतिया विधानसभा उपचुनाव अब राजनीतिक रूप से काफी अहम हो गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
कांग्रेस ने नामांकन के साथ अपनी चुनावी रणनीति साफ कर दी है। वहीं भाजपा भी अपने उम्मीदवार के साथ मैदान में उतर चुकी है। डमी कैंडिडेट का मुद्दा इस चुनाव में चर्चा का विषय बना हुआ है। कांग्रेस इसे सावधानी वाली रणनीति बता रही है।
चुनाव आयोग की प्रक्रिया के अनुसार नामांकन और प्रत्याशियों की जांच पूरी की जाएगी। इसके बाद चुनावी मुकाबले की तस्वीर और साफ होगी।
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