कौन हैं आशुतोष तिवारी, जिन्हें बीजेपी ने दतिया उपचुनाव का उम्मीदवार बनाया

Amresh Kushwaha | Jul 12, 2026, 12:05 IST
कौन हैं आशुतोष तिवारी
मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट के उपचुनाव में भाजपा ने आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाया है। पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा नामांकन फॉर्म खरीद चुके थे, फिर भी टिकट से चूक गए। आशुतोष ने नरोत्तम को अपना अभिभावक बताया है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना है।
  • भाजपा ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है।
  • पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा नामांकन फॉर्म खरीद चुके थे, फिर भी टिकट नहीं मिला।
  • आशुतोष आरएसएस से जुड़े रहे और हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
  • आशुतोष ने कहा कि नरोत्तम मिश्रा उनके अभिभावक हैं।

मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर जल्द उपचुनाव होने वाला है। भाजपा ने इस सीट के लिए आशुतोष तिवारी को अपना प्रत्याशी बनाया है। उनका नाम सामने आते ही दतिया की सियासत में हलचल मच गई।



दरअसल भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा लगातार चुनाव लड़ने का दावा कर रहे थे। वे नामांकन फॉर्म तक खरीद चुके थे। सब कुछ तैयार लग रहा था, लेकिन भाजपा हाईकमान की सूची ने उनके सपनों पर पानी फेर दिया है।



कौन हैं आशुतोष तिवारी?

आशुतोष तिवारी दतिया जिले के रहने वाले हैं। वे भांडेर तहसील के ग्राम पिपरौआ से ताल्लुक रखते हैं। उन्हें शांत, संघर्षशील और जमीनी पकड़ वाला नेता माना जाता है।



वे छात्र जीवन से ही आरएसएस (Rashtriya Swayamsevak Sangh) से जुड़े रहे। संघ की शाखाओं से निकलकर वे भाजपा में पहुंचे। पार्टी में कई पदों पर उन्होंने पूरी निष्ठा से काम किया।



साल 2004 में वे ग्राम भारती जिलाध्यक्ष बने थे। इसके बाद 2006 के आसपास उन्हें जिला संगठन मंत्री की जिम्मेदारी मिली। बाद में वे संभागीय मंत्री भी बनाए गए।



हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष रह चुके हैं आशुतोष

शिवराज सिंह चौहान की सरकार में आशुतोष तिवारी को बड़ी जिम्मेदारी मिली थी। साल 2020 में उन्हें मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया था। यह पद उन्होंने 2023 तक संभाला।



इस दौरान उन्होंने गरीबों के लिए आवास योजना को गति दी। प्रदेशभर में कई आवासीय योजनाओं को जमीन पर उतारने का काम किया। फिलहाल वे भाजपा के प्रदेश प्रकोष्ठ प्रभारी भी हैं।



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जमीनी पकड़ और साफ छवि बनी वजह

माना जा रहा है कि आशुतोष की जमीनी पकड़ ने उन्हें यह मौका दिलाया। उनकी साफ छवि भी एक बड़ी वजह मानी जा रही है। इसके अलावा आरएसएस की पसंद भी अहम भूमिका में रही।



पार्टी के भीतर उनकी छवि एक सामान्य कार्यकर्ता जैसी रही है। वे बिना किसी विवाद के लगातार संगठन में सक्रिय रहे। यही वजह है कि हाईकमान ने उन पर भरोसा जताया है।



बाहरी के मुद्दे को भाजपा ने किया खत्म

साल 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने नरोत्तम मिश्रा को दतिया से उतारा था। नरोत्तम मिश्रा मूल रूप से डबरा के रहने वाले हैं। इसी बात को लेकर कांग्रेस ने बाहरी का मुद्दा उठाया था।



उस चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्र भारती ने नरोत्तम मिश्रा को हरा दिया था। यह भाजपा के लिए बड़ा झटका माना गया था। इस बार पार्टी ने दतिया के ही आशुतोष तिवारी को टिकट देकर यह मुद्दा खत्म कर दिया है।



2023 में भी लड़ना चाहते थे चुनाव

भाजपा नेताओं के मुताबिक आशुतोष तिवारी 2023 में भी चुनाव लड़ना चाहते थे। उन्होंने सेवढ़ा विधानसभा सीट से टिकट की मांग की थी। लेकिन कई राजनीतिक समीकरणों की वजह से उन्हें टिकट नहीं मिला था।



अब उपचुनाव में पार्टी ने उन्हें बड़ा मौका दिया है। यह मौका उनके लंबे संगठनात्मक अनुभव का नतीजा माना जा रहा है। कार्यकर्ताओं में भी उनकी उम्मीदवारी को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।



नरोत्तम मिश्रा को बताया अभिभावक

दतिया उपचुनाव का उम्मीदवार बनाए जानें पर आशुतोष तिवारी ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पार्टी ने एक सामान्य कार्यकर्ता के तौर पर जो जिम्मेदारी दी है, उसे वे पूरी निष्ठा से निभाएंगे।



उन्होंने पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को अपना अभिभावक बताया। आशुतोष के मुताबिक नरोत्तम मिश्रा का आशीर्वाद हमेशा उनके साथ है। उन्होंने बताया कि नरोत्तम मिश्रा ने फोन कर उन्हें बधाई भी दी है।



यह बयान इस बात का संकेत माना जा रहा है कि पार्टी में फिलहाल कोई मतभेद नहीं है। आशुतोष ने अपने बयान से नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों को भी साधने की कोशिश की है।



यह खबर क्यों जरूरी है

यह खबर मध्यप्रदेश की राजनीति में हो रहे बदलावों को सामने लाती है। लोकतंत्र में हर नागरिक को चुनाव प्रक्रिया की जानकारी पाने का अधिकार है। यह खबर उसी सूचना अधिकार का पालन करती है। दतिया उपचुनाव का नतीजा स्थानीय राजनीति की दिशा तय करेगा।



पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया को समझना नागरिकों के लिए जरूरी है। यह खबर तथ्यों पर आधारित है और किसी भी पक्ष के प्रति पूर्वाग्रह नहीं रखती। संविधान द्वारा दी गई अभिव्यक्ति की आजादी के तहत सभी नेताओं के बयान निष्पक्ष रूप से पेश किए गए हैं।



दतिया उपचुनाव का पूरा शेड्यूल

दतिया सीट से 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्र भारती जीते थे। अप्रैल 2026 में अदालत के एक फैसले के बाद उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया था। इसके बाद यह सीट खाली हो गई थी।



चुनाव प्रक्रिया 6 जुलाई 2026 से शुरू हो गई है। इस दिन राजपत्र में अधिसूचना जारी की गई थी। उम्मीदवार 13 जुलाई तक नामांकन पत्र जमा कर सकेंगे।



नामांकन पत्रों की जांच 14 जुलाई को होगी। उम्मीदवार 16 जुलाई तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद 30 जुलाई को मतदान कराया जाएगा।



मतगणना 3 अगस्त को होगी। चुनाव आयोग के अनुसार पूरी चुनाव प्रक्रिया 4 अगस्त 2026 तक पूरी कर ली जाएगी।



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FAQ

  1. दतिया उपचुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी कौन हैं?
    भाजपा ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाया है। वे आरएसएस से जुड़े रहे हैं और मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। पार्टी में वे प्रदेश प्रकोष्ठ प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।

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