दतिया में दबंग राज: दलित सरपंच पति को जूतों की माला पहनाकर गांव में घुमाया
News In Short
- मध्य प्रदेश के दतिया जिले के उनाव गांव में रविवार को यह शर्मनाक घटना हुई।
- गांव के पांच दबंगों ने दलित सरपंच रेखा वर्मा के पति लक्ष्मण वर्मा को पीटा।
- आरोपियों ने लक्ष्मण के चेहरे पर काला तेल पोतकर गले में जूतों की माला पहनाई।
- इसके बाद उन्हें इसी हालत में पूरे गांव में घुमाया गया।
- पुलिस ने पांचों आरोपियों पर मामला दर्ज किया है, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।
News In Detail
मध्य प्रदेश के दतिया जिले से एक बेहद शर्मनाक खबर आई है। भांडेर ब्लॉक की उनाव ग्राम पंचायत में रविवार दोपहर करीब 2.30 बजे यह घटना हुई। अनुसूचित जाति (SC) की महिला सरपंच रेखा वर्मा के पति लक्ष्मण वर्मा के साथ गांव के पांच दबंगों ने मारपीट की।
आरोपियों ने सिर्फ मारपीट पर ही नहीं रुके। उन्होंने लक्ष्मण के चेहरे पर काला तेल पोता। फिर उनके गले में जूते-चप्पलों की माला पहनाई और इसी हालत में उन्हें पूरे गांव में घुमाया। यह नजारा देखकर गांव के लोग सन्न रह गए।
क्या थी विवाद की वजह
लक्ष्मण वर्मा ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि वे दोपहर में महेंद्र यादव के घर के सामने खड़े थे। तभी गोलू यादव, पवन चौबे, मनोज यादव, अभिषेक सिंह यादव और भगत सिंह यादव वहां आए।
इन पांचों को लक्ष्मण के भतीजे पर शक था। उनका आरोप था कि भतीजे ने उनके परिवार की एक लड़की को भगा लिया है। इसी बात पर उन्होंने पहले गाली-गलौज की और फिर लक्ष्मण को बुरी तरह पीटा। इसके बाद जो हुआ वो और भी ज्यादा अपमानजनक था। चेहरे पर काला तेल पोतकर जूतों की माला पहनाकर पूरे गांव में घुमाया गया।
केस दर्ज, गिरफ्तारी अब तक नहीं
लक्ष्मण वर्मा की शिकायत पर उनाव पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों में गोलू यादव, पवन चौबे, मनोज यादव, अभिषेक सिंह यादव और भगत सिंह यादव के नाम शामिल हैं।
एससी-एसटी एक्ट (SC-ST Act, Scheduled Castes and Scheduled Tribes Prevention of Atrocities Act) के तहत भी कार्रवाई की बात कही जा रही है। लेकिन खबर लिखे जाने तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया था। पीड़ित परिवार और दलित समाज के लोग जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
दलितों पर अत्याचार की बड़ी चुनौती
मध्य प्रदेश में दलित अत्याचार के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे। यह घटना इसलिए और संगीन है क्योंकि पीड़ित एक निर्वाचित महिला सरपंच के परिवार से हैं। यानी जनप्रतिनिधि के परिजन भी इस तरह के अपमान से नहीं बच पा रहे।
जानकारों का मानना है कि जब तक दोषियों को सख्त सजा नहीं मिलती, ऐसी घटनाएं रुकना मुश्किल है। पीड़ित परिवार को न्याय मिले, इसके लिए स्थानीय संगठन भी आवाज उठा रहे हैं।
मध्य प्रदेश में दलित अत्याचार: NCRB के प्रमुख आंकड़े
राष्ट्रीय संदर्भ (2022 रिपोर्ट)
NCRB की Crime in India 2022 रिपोर्ट के अनुसार पूरे देश में अनुसूचित जाति (SC) के खिलाफ कुल 57 हजार 582 मामले दर्ज हुए। यह 2021 के 50 हजार 900 मामलों से 13.1% अधिक है। अपराध दर 2021 के 25.3 से बढ़कर 2022 में 28.6 हो गई।
मध्य प्रदेश की स्थिति (साल-दर-साल)
- 2021 में मध्य प्रदेश में दलितों के खिलाफ 7 हजार 214 मामले दर्ज हुए। यह देश में तीसरा सबसे अधिक था (UP 13 हजार 146 और राजस्थान 7,524 के बाद)।
- 2022 में मध्य प्रदेश में दलित अत्याचार के 7 हजार 733 मामले दर्ज हुए। देश में तीसरा स्थान बरकरार रहा (UP 15 हजार 368 और राजस्थान 8 हजार 752 के बाद)।
- 2023 में मध्य प्रदेश में दलितों के खिलाफ 8,232 मामले दर्ज हुए। SC के कुल राष्ट्रीय मामले 57,789 रहे, जिसमें UP पहले स्थान पर था।
मध्य प्रदेश में आदिवासियों (ST) पर अत्याचार
- 2022 में अनुसूचित जनजाति (ST) के खिलाफ मामलों में मध्य प्रदेश 2 हजार 979 मामलों के साथ देश में पहले स्थान पर रहा। राजस्थान 2 हजार 521 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर था।
- 2023 में ST के खिलाफ अपराध 28.8% बढ़कर 12 हजार 960 हो गए। सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में मणिपुर के बाद मध्य प्रदेश और राजस्थान थे।
MP में विशेष पुलिस स्टेशन बनाम जमीनी हकीकत
मध्य प्रदेश के 52 जिलों में 51 विशेष पुलिस स्टेशन स्थापित किए गए हैं। इसके बावजूद राज्य दलित अत्याचार में देश में तीसरे स्थान पर बना हुआ है।
एक्टिविस्ट नितिन (जागृत आदिवासी दलित संगठन) के अनुसार MP के पश्चिमी हिस्सों में आदिवासियों को संगठित होकर दबाव बनाना पड़ता है, तब जाकर पुलिस मामला दर्ज करती है। 2019 से 2022 के बीच MP में ST मामलों में साल-दर-साल 25%, 9.4% और 13.39% की बढ़ोतरी दर्ज हुई।
FAQ
- दतिया के उनाव गांव में दलित सरपंच पति के साथ क्या हुआ?
मध्य प्रदेश के दतिया जिले के उनाव गांव में रविवार दोपहर करीब 2.30 बजे पांच दबंगों ने दलित महिला सरपंच रेखा वर्मा के पति लक्ष्मण वर्मा के साथ मारपीट की। आरोपियों ने उनके चेहरे पर काला तेल पोता और जूतों की माला पहनाकर पूरे गांव में घुमाया। यह घटना लक्ष्मण के भतीजे पर एक लड़की को भगाने के शक को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद हुई।
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