Rajgarh Fort wall collapsed : दतिया में किले की दीवार गिरी, 7 लोगों की मौत, 2 की हालत गंभीर
Datia Rajgarh Fort wall collapsed : मध्य प्रदेश के दतिया में राजगढ़ किले के नीचे के हिस्से वाली दीवार गुरूवार को गिर गई है। इस हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई है। जबकि 2 का रेस्क्यू कर लिया गया है। दोनों घायलों को अस्पताल में एडमिट कराया गया है। फिलहाल दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतकों में एक ही परिवार के 5 सदस्य शामिल हैं। बाकी दो लोग परिवार के मुखिया की बहन और बहनोई हैं। घटनास्थल पर रेस्क्यू लगभग सात से आठ घंटे तक चला था लेकिन मलबे में दबे लोगों की जान नहीं बच सकी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दतिया में गुरुवार को राजगढ़ किले की बाहरी दीवार गिरने से 9 लोग दब गए थे, जिनमें से 2 लोगों की मौत हो गई है। इसके अलावा पड़ोसियों ने मलबे में से 2 लोगों को सुरक्षित निकाला। मलबे में दबे तीन बच्चों समेत 5 लोगों को निकालने का काम रेस्क्यू टीम द्वारा किया जा रहा है। मौके पर कलेक्टर संदीप मकीन, एसपी वीरेंद्र कुमार मिश्रा, कोतवाली टीआई धीरेंद्र मिश्रा और एसडीईआरएफ की टीम मौजूद हैं।
घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि सुबह 3 -4 बजे के लगभग बहुत तेज आवाज आई। बाहर निकले तो देखा किले की दीवार गिर गई है। हमने दो लोगों को तत्काल बाहर निकला और हॉस्पिटल भेजा। डॉयल 100 को फोन लगाया तो एक पुलिसकर्मी पहुंचा और लोगों को निकालने में मदद करने लगा।
मृतकों के परिवार को मुवावजे का ऐलान
सीएम मोहन यादव ने दतिया में हए हादसे के मामले में मृतकों के परिवार को चार-चार लाख रुपए देने की घोषणा की है। सीएम ने कहा कि दतिया में राजगढ़ किले की पुरानी दीवार ढहने से कई अनमोल जिंदगियों की मृत्यु का समाचार अत्यंत ही पीड़ादायी है। अथक प्रयासों के बावजूद भी इन अनमोल जिंदगियों को बचाया नहीं जा सका। मृतकों के परिवारजनों को ₹4-4 लाख की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
हादसे में इनकी गई जान
हादसे में निरंजन वंशकार, उनकी पत्नी ममता, बेटी राधा, दो बेटे सूरज और शिवम समेत निरंजन की बहन प्रभा और बहनोई किशन पिता पन्ना लाल की मौत हो गई। किशन ग्वालियर का रहने वाला था और करीब 15 साल पहले ससुराल में ही बस गया था। वहीं निरंजन के दूसरे बहनोई मुन्ना पिता खित्ते वंशकार और उनका बेटा आकाश घायल हुए हैं। दोनों के सिर और पैरों में चोट है। उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रेस्क्यू में परेशानी
रेस्क्यू टीम ने बताया कि यहां रास्ता काफी संकरा है, जिसकी वजह से बड़ा वाहन यहां नहीं पहुंच पा रहा है। इस कारण रेस्क्यू में परेशानी आ रही है। गेट के मुहाने पर दो पोकलेन मशीन और एक जेसीबी आकर खड़ी है। उसे अंदर लाने के लिए बाहरी हिस्से की बांउड्री वॉल को तोड़ने की कोशिश की जा रही है।
विधायक ने कहा- प्रशासन की तैयारी नाकाफी
दतिया विधायक राजेंद्र भारती भी मौके पर पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा- ऐसी घटनाएं न घटें, इसकी तैयारी जिला प्रशासन को पहले से करके रखना चाहिए। हालात बिगड़े हुए हैं। दतिया विधायक ने मृतकों और घायलों को मुआवजा देने की मांग की है।
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