दतिया उपचुनाव समेत तीन सीटों पर होगी BJP की परीक्षा, विपक्ष जीता तो दिखेगा CJP का असर!
समझें क्या है पूरा मामला...
- तीन बीजेपी शासित राज्यों की तीन सीटों पर 30 जुलाई को मतदान होगा।
- दतिया, मांजलपुर और बांकीपुर सीटों पर उपचुनाव होंगे।
- तीनों विधानसभा सीटों के नतीजे 3 अगस्त को आएंगे।
- CJP आंदोलन और NEET विवाद के बीच चुनाव होंगे।
- बीजेपी की हार राष्ट्रीय राजनीति को प्रभावित कर सकती है।
पेपर लीक का मुद्दा भी गरमाया
देश के कई हिस्सों में CJP का आंदोलन जारी है। NEET पेपर लीक का मुद्दा भी गरम है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। संसद से सड़क तक आंदोलन की चर्चा हो रही है। बीजेपी की एक सीट पर हार से भी विपक्ष का मनोबल बढ़ेगा। साथ ही CJP आंदोलन का असर भी दिखाई दे सकता है। अगर विपक्ष इन तीनों सीटों पर हारा तो CJP आंदोलन की हवा निकल जाएगी।
तीनों सीटों पर टिकी हैं निगाहें
तीनों राज्यों में बीजेपी लंबे समय से सत्ता में है। इसी वजह से इन उपचुनावों को पार्टी की साख से भी जोड़कर देखा जा रहा है। CJP आंदोलन और NEET पेपर लीक जैसे मुद्दों के बीच यह वोटिंग बीजेपी के लिए एक तरह की परीक्षा मानी जा रही है। नतीजे चाहे स्थानीय स्तर के हों, लेकिन इनका असर राष्ट्रीय राजनीति की दिशा पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल तीनों सीटों पर प्रचार अपने अंतिम दौर में है। 30 जुलाई को मतदान के बाद सभी की निगाहें 3 अगस्त के नतीजों पर टिकी रहेंगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी अपनी तीनों सीटें बचा पाती है या विपक्ष को नई ताकत मिलती है।
30 जुलाई को उपचुनाव के लिए वोटिंग
देश के तीन बीजेपी शासित राज्यों में 30 जुलाई को उपचुनाव के लिए वोटिंग होगी। मध्यप्रदेश की दतिया, गुजरात की मांजलपुर और बिहार की बांकीपुर सीट पर मतदान तय है। तीनों सीटों के नतीजे 3 अगस्त को आएंगे। यह उपचुनाव सिर्फ तीन विधानसभा सीटों तक सीमित नहीं है। इनके नतीजों का असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी दिख सकता है।
दतिया सीट क्यों खाली हुई
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने से खाली हुई थी। अदालत ने राजेंद्र भारती को 1998 के एक पुराने बैंक धोखाधड़ी मामले में तीन साल की सजा सुनाई थी। इसी के बाद यह सीट रिक्त हो गई। अब यहां 30 जुलाई को नए विधायक के लिए मतदान होगा।
मांजलपुर में भी कड़ा मुकाबला
गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट पर भी बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर है। बीजेपी ने यहां सतीश पटेल को टिकट दिया है। वहीं कांग्रेस ने बडोदरा की राजनीति के अनुभवी चेहरे भीखाभाई रबारी को उम्मीदवार बनाया है। भीखाभाई साल 1975 से 1985 तक इसी क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं।
बांकीपुर में प्रशांत किशोर की चुनौती
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट का नतीजा भी 3 अगस्त को आएगा। यह सीट बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के विधायक पद से इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। बीजेपी ने यहां से नीरज कुमार सिन्हा को अपना उम्मीदवार बनाया है।
उनके सामने जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर और राजद की रेखा गुप्ता मैदान में हैं। यह मुकाबला तीनतरफा माना जा रहा है, जिससे बांकीपुर की लड़ाई और दिलचस्प हो गई है। तीनों प्रमुख उम्मीदवारों के बीच सीधी टक्कर की संभावना जताई जा रही है।
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