दतिया हार पर सख्त हुए भाजपा अध्यक्ष, बनाई जांच समिति, रिपोर्ट पर होगी कार्रवाई
दतिया विधानसभा उप-चुनाव में बीजेपी को हार मिली है। पार्टी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी चुनाव नहीं जीत सके। हार के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने दो सदस्यीय समीक्षा कमेटी बनाई है। कमेटी भितरघात, वोट बंटवारे और नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने जैसे मुद्दों की जांच करेगी। जांच रिपोर्ट सीधे प्रदेश अध्यक्ष को सौंपी जाएगी।
मध्यप्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी को झटका लगा है। हार के बाद पार्टी के भीतर हलचल तेज हो गई है। चुनाव में उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के खिलाफ भितरघात की चर्चाएं गर्म हैं।
इसी बीच प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने चुनाव परिणाम की समीक्षा के लिए दो सदस्यीय कमेटी बनाई है। इस कमेटी में गौरव रणदिवे और अंबाराम कराड़ा को शामिल किया गया है। दोनों नेता दतिया उपचुनाव के नतीजों की गहराई से समीक्षा करेंगे। इसके बाद वे अपनी रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष को सौंपेंगे।
वोटिंग वाले दिन क्या हुआ था
दतिया उपचुनाव में बीजेपी ने सत्ता और संगठन की पूरी ताकत लगा दी थी। इसके बावजूद पार्टी को सफलता नहीं मिली। 30 जुलाई को वोटिंग के दौरान भितरघात की चर्चा भी खूब चली।
सूत्रों के अनुसार, दोपहर में करीब 150 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था। इन्हें भितरघात के शक में पकड़ा गया था। वोटिंग खत्म होने के बाद सभी को छोड़ दिया गया। बताया जा रहा है कि ये सभी पार्टी के ही नाराज कार्यकर्ता थे। जरूरत पड़ने पर समीक्षा कमेटी इनसे भी पूछताछ कर सकती है।
कांग्रेस प्रत्याशी से नजदीकी का सवाल
चुनाव के दौरान एक और चर्चा जोरों पर रही। सवाल उठा कि किन बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह से नजदीकी बनाए रखी। इससे पार्टी को कितना नुकसान हुआ, यह भी जांच का विषय है।
एक और सवाल भी अहम है। आजाद समाज पार्टी (एएसपी – Aazad Samaj Party) के उम्मीदवार दमोदर यादव को 22 हजार से ज्यादा वोट कैसे मिले। सवाल यह भी है कि एससी-एसटी, दलित और ओबीसी वर्ग के वोट बीजेपी से कैसे खिसक गए। कमेटी यह भी देखेगी कि एएसपी उम्मीदवार को यह ताकत कहां से मिली। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि इनमें से कितने वोट असल में बीजेपी के हो सकते थे।
नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने का असर
समीक्षा कमेटी एक और बड़े मुद्दे पर भी ध्यान देगी। यह पता लगाया जाएगा कि नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने पर हुए बवाल की रणनीति किसने बनाई थी। यह भी देखा जाएगा कि यह रणनीति किसके इशारे पर बनी।
इसके अलावा यह भी जांचा जाएगा कि बवाल के बाद नुकसान को कम करने के प्रयास कितने कारगर रहे। कमेटी यह आकलन भी करेगी कि नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने का असर वोटिंग पर कितना पड़ा। यह असर उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के पक्ष और विपक्ष, दोनों तरफ देखा जा सकता है।
अब सबकी नजर इस समीक्षा कमेटी की रिपोर्ट पर टिकी है। यह रिपोर्ट आने वाले समय में बीजेपी की आगामी रणनीति की दिशा तय कर सकती है।
जानें कौन है समीक्षा जांच समिति के सदस्य
गौरव रणदिवे-
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने जो दो सदस्यीय समिति बनाई है उसके पहले सदस्य गौरव रणदिवे है। वे वर्तमान में प्रदेश भाजपा महामंत्री के पद पर है। गौरव रणदिवे ने 2001 में एबीवीपी से राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। इसके बाद वे भाजयुमो में कई अहम पदों पर रहे और संगठन को मजबूत करने में भूमिका निभाई।
भाजपा ने उन्हें कई चुनावों में जिम्मेदारी सौंपी। 2020 में उन्हें भाजपा इंदौर नगर अध्यक्ष बनाया गया, जहां पार्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया। संगठन में सक्रिय भूमिका को देखते हुए 2025 में उन्हें भाजपा मध्यप्रदेश का प्रदेश महामंत्री बनाया गया
अंबाराम कराड़ा-
अंबाराम कराड़ा भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और लंबे समय से संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे मध्यप्रदेश भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य हैं। इससे पहले वे चंबल संभाग के संगठन मंत्री, शाजापुर भाजपा जिलाध्यक्ष और खंडवा जिला प्रभारी जैसी जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। संगठन मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही है।
दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने उन्हें जांच समिति में शामिल किया है। वे गौरव रणदिवे के साथ मिलकर चुनाव परिणाम और कथित भीतरघात की समीक्षा करेंगे।
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