दतिया की गद्दी का असली हकदार कौन? भाजपा और कांग्रेस की आज तय होगी किस्मत
समझें क्या है पूरा मामला...
- दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजे आज यानी 3 अगस्त को आएंगे।
- मुख्य मुकाबला भाजपा के आशुतोष तिवारी और कांग्रेस के घनश्याम सिंह में है।
- सीएम मोहन यादव समेत बड़े नेताओं ने जमकर प्रचार किया।
- गुरुवार को 71.44 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।
- राजेंद्र भारती की सदस्यता जाने से यह सीट खाली हुई थी।
दोनों दलों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल
मध्यप्रदेश के दतिया विधानसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव के नतीजे आज आने है। इसी बीच कांग्रेस और भाजपा दोनों की ओर से अपनी जीत के दावे किए जा रहे हैं। वहीं, 3 अगस्त की दोपहर तक साफ हो जाएगा कि जनता ने इस बार किसे बहुमत दिलाया है। दतिया विधानसभा सीट पर यह उपचुनाव सिर्फ चुनाव भर नहीं रह गया था, बल्कि यह दोनों बड़े राजनीतिक दलों के लिए प्रतिष्ठा का दांव बन गया है।
विधानसभा चुनाव में भाजपा यह सीट हार गई थी। वहीं, उपचुनाव में भाजपा को इसे दोबारा अपने नाम करने का मौका मिला, जिसके लिए पार्टी ने चुनाव प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ी। वहीं कांग्रेस भी अपनी जीती हुई सीट उपचुनाव में गंवाना नहीं चाहेगी।
सीएम से केंद्रीय मंत्री तक मैदान में
उपचुनाव का ऐलान होते ही सीएम ने खुद भाजपा के लिए कमान संभाल ली। दतिया सीट पर प्रत्याशी के तौर पर दावेदार माने जा रहे नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को टिकट दिया गया। इसके बाद मध्य प्रदेश भाजपा का पूरा खेमा चुनाव प्रचार में जुट गया। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने खुद मैदान में उतरकर रोड शो किया।
इसके अलावा केंद्रीय मंत्री और पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान तथा ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी जनसभाएं कीं। एमपी भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी क्षेत्र में जनसंपर्क बढ़ाया। भाजपा के लिए यह उपचुनाव 2023 की हार का हिसाब बराबर करने का मौका माना जा रहा है, जबकि कांग्रेस के सामने अपनी जीती हुई सीट बचाने की चुनौती है।
कांग्रेस ने भी झोंकी पूरी ताकत
2023 के विधानसभा चुनाव में यह सीट कांग्रेस के खाते में गई थी। तब कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्र भारती ने राज्य के तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को हराया था। यह हार भाजपा के लिए बड़ा झटका मानी गई थी। इस बार कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को मैदान में उतारा है।
कांग्रेस भी यह सीट गंवाना नहीं चाहती। प्रचार में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने भी रैलियां कीं। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन कांग्रेस ने बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया था।
21 उम्मीदवार, त्रिकोणीय मुकाबले की कोशिश
दतिया सीट पर मुख्य मुकाबला भाजपा के आशुतोष तिवारी और कांग्रेस के घनश्याम सिंह के बीच माना जा रहा है। आजाद समाज पार्टी ने दामोदर सिंह यादव को उतारकर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश की है। इनके अलावा 18 अन्य उम्मीदवार भी चुनावी मैदान में हैं, जिससे कुल उम्मीदवारों की संख्या 21 हो जाती है।
71.44 प्रतिशत रहा मतदान
दतिया विधानसभा सीट पर गुरुवार को शांतिपूर्ण मतदान हुआ। कुल 71.44 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि 2023 के विधानसभा चुनाव में यह आंकड़ा 80.20 प्रतिशत था। मतदान के बाद ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) को सशस्त्र सुरक्षाबलों की निगरानी में पॉलीटेक्निक कॉलेज स्थित स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा गया है। यह जगह 24 घंटे सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा बल के घेरे में है।
कैसे खाली हुई थी सीट
दिल्ली के राउज एवेन्यू जिला न्यायालय ने इसी साल 2 अप्रैल को तत्कालीन दतिया कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती के खिलाफ अपराध सिद्ध होने के बाद उन्हें तीन वर्ष की कारावास और एक लाख रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई थी।
यह सजा को-ऑपरेटिव बैंक घोटाला मामले में दी गई थी। सजा मिलने के बाद मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त करने की सूचना जारी कर दी, जिसके बाद दतिया विधानसभा सीट रिक्त हो गई थी।
यह खबर क्यों जरूरी है
यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया और जनप्रतिनिधित्व से जुड़ा मामला है। किसी भी उपचुनाव का परिणाम स्थानीय राजनीति और शासन व्यवस्था पर सीधा असर डालता है। भारतीय संविधान हर नागरिक को मतदान का अधिकार देता है और चुनाव आयोग निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित करता है।
यह खबर तथ्यों और आधिकारिक आंकड़ों पर आधारित है। मतदाताओं को उपचुनाव से जुड़ी सही और संतुलित जानकारी देना जनहित में जरूरी है। यह रिपोर्टिंग डिजिटल और सामाजिक नैतिकता के मानकों का पूरी तरह पालन करती है।
FAQ
- दतिया उपचुनाव में मुख्य मुकाबला किसके बीच है?
मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के आशुतोष तिवारी और कांग्रेस के घनश्याम सिंह के बीच माना जा रहा है। आजाद समाज पार्टी के दामोदर सिंह यादव मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि कुल 21 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। - दतिया विधानसभा सीट खाली क्यों हुई थी?
दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने 2 अप्रैल को को-ऑपरेटिव बैंक घोटाला मामले में तत्कालीन कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को तीन साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता समाप्त कर दी, जिससे यह सीट रिक्त हुई। - दतिया उपचुनाव में कितना मतदान हुआ और नतीजा कब आएगा?
दतिया सीट पर गुरुवार को 71.44 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि 2023 में यह 80.20 प्रतिशत था। मतगणना 3 अगस्त को होगी और दोपहर तक नतीजे स्पष्ट हो जाएंगे कि सीट किस पार्टी के पास जाएगी।
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